MP में UCC को लेकर बड़ा अपडेट, मानसून सत्र में पारित हो जाएगा विधेयक; CM मोहन यादव का वादा
एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूसीसी को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सीएम यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। उन्होंने वादा किया कि इस मानसून सत्र में यह विधेयक पारित भी हो जाएगा।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यूसीसी को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सीएम यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के लिए विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि बाबा महाकाल के आशीर्वाद से यह विधेयक इसी सत्र में पारित हो जाएगा।
सीएम यादव ने किया दावा
पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश नाथ काटजू की जयंती पर विधानसभा परिसर में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत में यादव ने यह बात कही। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार मानसून सत्र में यूसीसी विधेयक पेश करेगी, मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के आगामी सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों को लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता को भी इसी सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा। बाबा महाकाल की कृपा से यूसीसी विधेयक इसी सत्र में पारित होगा।
कब शुरू होगा मॉनसून सत्र
मध्यप्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा जिसका समापन 24 जुलाई को होगा। प्रस्तावित पांच दिवसीय इस सत्र में 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट पेश किए जाने के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संशोधन प्रस्तावों पर चर्चा होने की संभावना है।
समिति ने दी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री यादव ने जून के पहले सप्ताह में भी कहा था कि राज्य में जल्द ही समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। सरकार ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति गठित की है। सरकार के अनुसार, समिति अलग-अलग जिलों का दौरा कर सभी धर्मों के लोगों से सुझाव प्राप्त कर रही है। यादव ने कहा कि समिति की रिपोर्ट का संकलन होने के बाद हम चाहेंगे कि समान नागरिक संहिता जल्द से जल्द मध्यप्रदेश में लागू हो। राज्य की भी यही इच्छा है कि इसे लागू किया जाए।
यूसीसी को लेकर एक वेबसाइट भी शुरू की गई है और मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने सुझाव साझा करने की अपील की है। वहीं, कांग्रेस ने यूसीसी को लेकर चिंता जताई है। पार्टी का कहना है कि यह आदिवासी समाज की पहचान, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पूर्व मंत्री और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी मुकेश नायक ने आरोप लगाया कि सरकार समानता के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश कर रही है।


