देश से विदेश तक नाबालिग से कई बार गैंगरेप किया, 2 कराटे इंस्ट्रक्टर को उम्रकैद की सजा
मध्य प्रदेश की एक अदालत ने 2 कराटे इंस्ट्रक्टर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर एक नाबालिग लड़की से कई बार गैंगरेप और मारपीट करने का आरोप था। कोर्ट ने कहा कि दोनों न सिर्फ लड़की के भरोसे को तोड़ा बल्कि गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को दागदार करके सामाजिक मूल्यों का भी उल्लंघन किया।

मध्य प्रदेश में गुना की एक अदालत ने गुरुवार को दो कराटे इंस्ट्रक्टरों को एक नाबालिग लड़की के साथ कई बार गैंगरेप करने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई। गुना कैंट पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया था। तीनों पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पोक्सो) एक्ट की धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया था। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
अपनी शिकायत में नाबालिग लड़की ने आरोप लगाया था कि दोनों इंस्ट्रक्टरों ने न सिर्फ गुना में बल्कि देश के दूसरे हिस्सों और विदेश में भी उसके साथ गैंगरेप किया। स्पेशल पोक्सो कोर्ट की जज सोनाली शर्मा ने आरोपी जगवीर जाटव (40) और सचिन भटनागर (30) को उम्रकैद की सजा सुनाई और दोनों पर 7-7 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने तीसरे आरोपी को बरी कर दिया।
गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को दागदार किया
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सचिन भटनागर और जगवीर जाटव ने नाबालिग की नासमझी का फायदा उठाया। उन्होंने न सिर्फ उसके निजी भरोसे को तोड़ा, बल्कि गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते को दागदार करके सामाजिक मूल्यों का भी उल्लंघन किया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में नाबालिग को कम उम्र में ही गंभीर यौन अपराध के कारण मानसिक सदमा पहुंचा, जिसका असर उसकी पूरी जिंदगी पर पड़ेगा।
12 साल की उम्र में जॉइन किया था
गुना के पास के जिले की रहने वाली पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 2017 में 12 साल की उम्र में उसने कराटे की ट्रेनिंग के लिए 'गुना एमपी वाडो काई कराटे एसोसिएशन' जॉइन किया था। वहां जगवीर जाटव और सचिन भटनागर कराटे सिखाते थे।
2 साल तक करते रहे शोषण
आरोपों के अनुसार, इन दो लोगों ने मुंबई और मलेशिया समेत कई जगहों पर उसके साथ बार-बार मारपीट और गैंगरेप किया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि 2017 से 2019 तक लगातार उसके साथ मारपीट और गैंगरेप होता रहा। यह सिलसिला तभी रुका जब कोविड-19 महामारी फैली। शिकायत के मुताबिक, जब 2021 में आरोपियों ने पीड़िता से दोबारा संपर्क किया तो उसने अपनी मां को सारी बात बताई। उसके बाद उसकी मां ने अपनी बेटी के साथ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
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