ट्विशा ने गर्भपात के लिए ली दवाएं, सिजोफ्रेनिया का भी चल रहा था इलाज; जज सास के खुलासे

लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल
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भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के बाद उनके मायके और ससुराल वालों में विवाद छिड़ गया है। रिटायर्ड जज सास ने ट्विशा पर मानसिक बीमारी, नशे की लत और गर्भपात के लिए दवाएं लेने का आरोप लगाया है, जबकि ट्विशा के परिजनों ने इन आरोपों को अदालत में साबित करने की चुनौती दी है।

ट्विशा ने गर्भपात के लिए ली दवाएं, सिजोफ्रेनिया का भी चल रहा था इलाज; जज सास के खुलासे

भोपाल में 33 वर्षीय मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उसके माता-पिता और ससुराल वालों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर देखा जा रहा है। आरोपियों में शामिल रिटायर जज गिरिबाला सिंह (सास) का कहना है कि मृतका सिजोफ्रेनिया (मानसिक बीमारी) से पीड़ित थी और नशे की भी आदी थी। उन्होंने दावा किया कि ट्विशा प्रेग्नेंसी खत्म करने के लिए दवाएं ली थी। वह नासमझी भरे फैसले लेती थी। वहीं ट्विशा शर्मा के परिजनों ने सास गिरिबाला सिंह को चुनौती दी कि उन्होंने उनकी बेटी पर 'नशे की लत' समेत जो भी आरोप लगाए हैं उन्हें अदालत में साबित करें।

बता दें कि 30 वर्षीय ट्विशा शर्मा नोएडा की रहने वाली थी। 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए मुलाकात के बाद उसने दिसंबर 2025 में आरोपी समर्थ सिंह से शादी की थी। ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह एक रिटायर्ड जज हैं। ट्विशा ने 2 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपनी ससुराल में फांसी लगा ली थी। ट्विशा की मौत के बाद से कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं जिससे उसकी सुसाइड एक मिस्ट्री बन गई है। ट्विशा का पति समर्थ सिंह फरार हैं। घटना के दिन का एक CCTV वीडियो वायरल हो रहा है। एक WhatsApp चैट भी सामने आया है जिसमें दावा किया जा रहा है कि वह अपनी ससुराल से निराश थी।

प्रेग्नेंसी खत्म कराना चाहती थी ट्विशा

वहीं ट्विशा के परिवार वालों ने पूरी घटना में साजिश का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। डेड बॉडी का पैनल के जरिए पोस्टमार्टम किया जाए। उनका आरोप है कि ट्विशा के पति ने उसके साथ मारपीट की थी। मृतका की सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि शादी के 5 महीने के अंदर ही उन्होंने गौर किया कि महिला के विचार काफी खुले (लिबरल) थे। 17 अप्रैल को ट्विशा की प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई तो उसके व्यवहार में अचानक से बहुत बड़ा बदलाव आ गया और उसने गर्भ खत्म कराने की बात कही। गर्भ ठहरने से इतना अपसेट थी कि उसने उसी शाम खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

खुद को ही चोट पहुंचा रही थी ट्विशा

सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह ने आगे कहा कि 17 अप्रैल की शाम जब वह ऑफिस से घर लौटीं पाया कि उसकी हालत बहुत खराब थी। वह खुद को शारीरिक रूप से पीट रही थी। वह लगातार चिल्ला रही थी। मैं ऐसे और नहीं जी सकती हूं। मैंने उससे कहा कि यदि तुम मायके जाना चाहती हो तो हम कल के लिए तुम्हारा टिकट बुक करवा सकते हैं। हमें नहीं पता कि वह रात में कहां चली गई थी। मैंने उसकी मां से भी पूछा तो उसने भी कहा कि उसे इस बारे में कुछ नहीं पता है। वह मनमर्जी से काम करती थी। वह ऐसे कदम उठाती है जो लापरवाही भरे और बिना सोचे-समझे होते थे।

मन बदला तो गर्भ रोकना चाहती थी ट्विशा

सास और रिटायर्ड जज ने आगे दावा किया कि ट्विशा ने प्रेग्नेंसी खत्म करने के लिए दवाओं की पहली खुराक ली लेकिन तुरंत बाद उसका मन बदल गया। वह अब गर्भपात को रोकना चाहती थी लेकिन यह संभव नहीं था। ट्विशा ने इस हरकत से हमें खुशी के पलों का एहसास नहीं होने दिया। यह सचमुच दिल तोड़ने वाला था। अक्सर कम उम्र की लड़कियां ऐसे कड़े कदम उठा लेती हैं। उसने शायद 7 मई को गोली ली होगी उसने पूरी MTP (medical termination of pregnancy) की प्रक्रिया पूरी की। हमें उसका साथ देना पड़ा...

ट्विशा की हर चीज से पैसे कमा रहे थे परिजन

सास गिरिबाला सिंह ने कहा कि मैंने उसकी मां को भी बुलाया क्योंकि वहां उनकी जरूरत थी। बीते 5 महीनों तक उसके माता-पिता कभी उससे मिलने नहीं आए। मुझे लगता है कि ट्विशा के परिजन उसकी हर चीज से पैसे कमा रहे थे... ट्विशा मानसिक इलाज करवा रही थी और सिजोफ्रेनिया के लिए दी जाने वाली दवाएं ले रही थी। इसमें हाथों में कंपन जैसे शारीरिक लक्षण दिख रहे थे। वह मानसिक काउंसलिंग के लिए भी गई थी। वह एक-दो दिन तक तो ठीक रहती थी लेकिन फिर उसकी हालत में थोड़ा बदलाव आ जाता था।

ट्विशा को 5 महीने में करीब 8 लाख रुपये दिए

गिरिबाला सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने ट्विशा को 5 महीने में करीब 8 लाख रुपये दिए थे। वहीं ट्विशा शर्मा परिजनों ने गिरिबाला सिंह को चुनौती दी कि उन्होंने उनकी बेटी पर 'नशे की लत' सहित जो भी आरोप लगाए हैं, उन्हें अदालत में साबित करें। ट्विशा के परिजनों का दावा है कि दहेज उत्पीड़न के कारण उसकी हत्या की गई है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने आरोप लगाया कि कि गिरिबाला सिंह खुद 'सीजोफ्रेनिक' हैं। इस बीच भोपाल पुलिस ने फरार पति समर्थ सिंह के सिर पर 10 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया है। समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं।

Krishna Bihari Singh

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कृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )


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कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।


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परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।

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