ट्विशा शर्मा डेथ केस में 10 दिन बाद तक मिले सबूत, कब-क्या जब्त किया गया? जानें पूरी टाइमलाइन
Twisha Sharma death case: ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच जारी है। ताजा अपडेट में चौंकाने वाली बात सामने आई है। इसके मुताबिक, सबूत मौत की सूचना के 10 घंटे से लेकर 10 दिन बाद तक सामने आई थी। इसके बाद से मध्य प्रदेश पुलिस की जांच पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Twisha Sharma death case: ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है। जांच रिकॉर्ड की पड़ताल से पता चला है कि केस के कई अहम सबूत पुलिस को घटना की जानकारी मिलने के काफी देर बाद मिले। इसमें फांसी के फंदे में इस्तेमाल रस्सी भी शामिल है। वहीं, CCTV फुटेज में नजर आने वाले हेडफोन घटना के करीब 10 दिन बाद बरामद किए गए। अब माना जा रहा है कि CBI शुरुआती जांच के दौरान सबूतों की हैंडलिंग को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस अधिकारियों से पूछताछ कर सकती है।
पुलिस को रात 12 बजे ट्विशा की मौत की सूचना मिली
रिकॉर्ड के मुताबिक, 13 मई की रात 12:05 बजे भोपाल पुलिस को AIIMS भोपाल की ओर से ट्विशा शर्मा की मौत की सूचना दी गई थी। पुलिस का दावा है कि सूचना मिलने के बाद मौके की जांच की गई। साइट मैप तैयार किया गया और फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल की जांच की।
10 घंटे बाद मिली फांसी में इस्तेमाल रस्सी
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि जब्त किए गए रिकॉर्ड बताते हैं कि सबसे अहम सबूत माने जा रहे कथित लिगेचर मैटेरियल यानी फांसी लगाने में इस्तेमाल स्ट्रैप को सुबह 9:42 बजे जब्त किया गया। यानी पुलिस को सूचना मिलने के लगभग 10 घंटे बाद। इसी दौरान घटनास्थल से एक HP लैपटॉप और एक iPhone भी बरामद किए गए। जब्त किए जाने के समय दोनों डिवाइस लॉक थीं।
आरोपियों के हवाले छोड़ दिया गया क्राइम सीन
ट्विशा शर्मा के परिवार ने शुरू से ही जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। परिवार की ओर से पेश वकील अंकुर पांडेय ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने क्राइम सीन को सुरक्षित नहीं किया गया। आरोप है कि क्राइम सीन को आरोपियों के कब्जे में छोड़ दिया गया, जिससे अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका पैदा हुई। हालांकि आरोपियों के वकीलों ने इन आरोपों को खारिज किया है।
13 मई को फोन और मेडिकल रिकॉर्ड भी मिले
रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिस और जांच अधिकारी 13 मई को कई बार घर पहुंचे। दोपहर 3:30 बजे ट्विशा के पति समर्थ सिंह की ओर से एक सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल फोन पुलिस को सौंपा गया। इसके बाद शाम 4:40 बजे पुलिस ने ट्विशा से जुड़े कुछ मेडिकल दस्तावेज भी कब्जे में लिए।
पुलिस को CCTV फुटेज कब सौंपी गई
उसी दिन शाम 6:40 बजे घर में लगे CCTV सिस्टम का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी जब्त किया गया। यह DVR ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की ओर से पुलिस को सौंपा गया था। बाद में इसी CCTV फुटेज के कुछ हिस्से सार्वजनिक हो गए, जिसके बाद फुटेज लीक होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। गिरिबाला सिंह की कानूनी टीम ने फुटेज लीक करने के आरोपों से इनकार किया है।
10 दिन बाद जब्त हुआ हेडफोन
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस हेडफोन की बरामदगी को लेकर हो रही है, जो ट्विशा अपने आखिरी CCTV फुटेज में पहने हुए दिखाई दी थीं। पुलिस रिकॉर्ड बताते हैं कि यह Sony हेडफोन 23 मई की रात 8:41 बजे जब्त किया गया। यानी घटना के करीब 10 दिन बाद। उसी समय एक और सैमसंग मोबाइल फोन भी बरामद किया गया।
CBI अब यह जांच कर सकती है कि अगर घटनास्थल को शुरुआत में ही सुरक्षित कर लिया गया था, तो फिर अहम सबूत अलग-अलग समय पर और कई मामलों में काफी देरी से क्यों बरामद हुए। जांच एजेंसी यह भी देख सकती है कि क्या सबूतों के संरक्षण में कोई चूक हुई थी और क्या इससे जांच प्रभावित हो सकती थी।
हालांकि उस समय मामले की जांच का हिस्सा रहे कटारा हिल्स थाने के तत्कालीन SHO सुनील दुबे ने कहा है कि FSL टीम ने मौके का निरीक्षण किया था और कथित लिगेचर मैटेरियल घटनास्थल से ही बरामद हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि हेडफोन की बरामदगी में हुई देरी से मामले पर कोई असर नहीं पड़ता।
टाइमलाइन: ट्विशा शर्मा केस में कब कौन-सा सबूत मिला?
- 12 मई (रात) कथित तौर पर ट्विशा शर्मा ने अपने ससुराल की छत पर फांसी लगाई।
- 13 मई, 12:05 AM AIIMS भोपाल ने पुलिस को मौत की सूचना दी।
- 13 मई, 9:42 AM- कथित लिगेचर मैटेरियल (स्ट्रैप/रस्सी) जब्त। HP लैपटॉप बरामद। iPhone बरामद।
- 13 मई, 3:30 PM समर्थ सिंह द्वारा सौंपा गया सैमसेंग गैलेक्सी मोबाइल जब्त।
- 13 मई, 4:40 PM ट्विशा से जुड़े मेडिकल दस्तावेज जब्त।
- 13 मई, 6:40 PM घर के CCTV सिस्टम का DVR जब्त। DVR गिरिबाला सिंह द्वारा पुलिस को सौंपा गया।
- 15 मई- गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ FIR दर्ज।
- 23 मई, 8:41 PM- सैमसेंग मोबाइल फोन बरामद। CCTV फुटेज में दिखा Sony हेडफोन बरामद। हेडफोन घटना के करीब 10 दिन बाद जब्त किया गया।
अब CBI किन सवालों की जांच कर सकती है?
• कथित फांसी की स्ट्रैप 10 घंटे बाद क्यों जब्त हुई?
• घटनास्थल को कब और कैसे सुरक्षित किया गया?
• CCTV फुटेज कैसे लीक हुई?
• हेडफोन 10 दिन बाद कैसे बरामद हुआ?
• क्या किसी सबूत के साथ छेड़छाड़ की संभावना थी?


