ट्विशा शर्मा ने जिस बेल्ट से फंदा लगाया, वो कहां हो गई थी गायब? CBI जांच में खुलासा

Ratan Gupta लाइव हिन्दुस्तान, भोपाल
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Twisha Sharma Death Case: ट्विशा के फंदे में इस्तेमाल की गई बेल्ट का गायब होना, सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा था। क्योंकि दो दिन तक बेल्ट मिली ही नहीं थी। मगर अब जांच रिपोर्ट में खुलासा हो गया है कि आखिर बेल्ट कहां थी?

ट्विशा शर्मा ने जिस बेल्ट से फंदा लगाया, वो कहां हो गई थी गायब? CBI जांच में खुलासा

Twisha Sharma Death Case: ट्विशा शर्मा की मौत केस में मृतका का परिवार लगातार तथ्यों-सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप लगाता रहा है। ट्विशा के फंदे में इस्तेमाल की गई बेल्ट का गायब होना, सबसे बड़ा सवाल खड़ा कर रहा था। क्योंकि दो दिन तक बेल्ट मिली ही नहीं थी। परिवार द्वारा ट्विशा के पहले पोस्टमॉर्टम को सही नहीं मानना और फिर दूसरे की मांग करना। सब कुछ इसी कड़ी का हिस्सा रहा था। मगर अब जांच रिपोर्ट में खुलासा हो गया है कि आखिर बेल्ट कहां थी?

मां-बेटे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

खुलासे की बात से पहले आपको कुछ बातें बता देते हैं। ट्विशा मौत केस के मुख्य आरोपी पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह और उसका पति समर्थ 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिए गए हैं। इसे पहले कोर्ट में सुनवाई हुई और उससे पहले गिरिबाला और समर्थ से पूछताछ। दोनों जगहों से ही फंदे में इस्तेमाल हुई बेल्ट के बारे में जो कुछ पता चला, वो सबसे चौंकाने वाला है।

बेल्ट कहां हो गई थी गायब?

CBI जांच के दौरान सामने आया है कि जिस बेल्ट के सहारे ट्विशा शर्मा फंदे पर लटकी मिली थीं, उसे घटना के बाद नियमों के तहत सुरक्षित नहीं रखा गया था। अब सवाल उठ रहा था, आखिर बेल्ट गई कहां? तो, जांच में पता चला है कि बरामद बेल्ट को तत्काल फोरेंसिक जांच के लिए भेजने के बजाय जांच अधिकारी उप निरीक्षक दिनेश शर्मा ने लगभग दो दिन तक अपने वाहन में रखा था। बाद में इसे फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया।

अफसर से हो सकती है पूछताछ

सूत्रों के अनुसार सीबीआई इस मामले में उप निरीक्षक दिनेश शर्मा से भी पूछताछ कर सकती है। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किए जाने की तैयारी की जा रही है। मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

ट्विशा शर्मा के परिजनों ने शुरुआत से ही मृत्यु को संदिग्ध बताते हुए हत्या की आशंका जताई थी। उनका कहना था कि यदि मामला आत्महत्या का था तो फंदे में प्रयुक्त बेल्ट को सुरक्षित रखकर जांच का हिस्सा बनाया जाना चाहिए था। बेल्ट के संरक्षण में कथित लापरवाही सामने आने के बाद इस पहलू को भी जांच में शामिल किया गया है।

गिरिबाला बोंली, बेटे समर्थ को पीटा गया

आपको बताते चलें मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी न्यायालय में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के बीच तीखी बहस हुई थी। सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह ने आरोप लगाया कि ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने जबलपुर न्यायालय परिसर में उनके पुत्र समर्थ के साथ मारपीट की थी।

इस पर अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि न्यायालय परिसर में लगे निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कराई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह उस दौरान न्यायालय परिसर में कहां थे।

न्यूज एजेसी वार्ता के इनपुट भी शामिल हैं।

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


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रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


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