कोरोना के बाद भी पटरी पर नहीं लौटीं ये 3 ट्रेनें, MP के यात्रियों को आज भी इतंजार; जानिए इनके रूट

Jan 04, 2026 03:00 pm ISTPraveen Sharma बैतूल, वार्ता
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कोरोना के दौरान देशभर में बंद की गई अधिकांश रेल सेवाएं भले ही अब दोबारा शुरू हो चुकी हों, लेकिन मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के यात्रियों की परेशानी आज भी खत्म नहीं हुई है। इसके चलते हजारों यात्रियों को रोजमर्रा के सफर में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कोरोना के बाद भी पटरी पर नहीं लौटीं ये 3 ट्रेनें, MP के यात्रियों को आज भी इतंजार; जानिए इनके रूट

कोरोना काल के दौरान देशभर में बंद की गई अधिकांश रेल सेवाएं भले ही अब दोबारा शुरू हो चुकी हों, लेकिन मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के यात्रियों की परेशानी आज भी खत्म नहीं हुई है। बैतूल जिले से होकर गुजरने वाली तीन महत्वपूर्ण ट्रेनें नागपुर-भुसावल एक्सप्रेस, नागपुर-रीवा एक्सप्रेस और नागपुर-इटारसी पैसेंजर अब तक बहाल नहीं हो सकी हैं। इसके चलते हजारों यात्रियों को रोजमर्रा के सफर में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इन ट्रेनों की बहाली को लेकर लंबे समय से जनप्रतिनिधियों और रेलवे प्रशासन से मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल सामने नहीं आई है। बैतूल, घोड़ाडोंगरी, आमला, मुलताई, बरबतपुर और ढोडरामोहर जैसे रेलवे स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को न तो बंद ट्रेनों की सुविधा मिल पा रही है और न ही अन्य ट्रेनों के नए स्टॉपेज स्वीकृत हो रहे हैं।

ये हैं तीनों ट्रेनों के रूट

नागपुर-भुसावल एक्सप्रेस बैतूल जिले की एकमात्र ऐसी ट्रेन थी, जो नागपुर-इटारसी सेक्शन को खंडवा-भुसावल सेक्शन से जोड़ती थी। इसी ट्रेन के माध्यम से जिले के यात्री सीधे खंडवा स्थित दादाधाम की यात्रा कर पाते थे। इसके बंद होने से धार्मिक यात्रियों को अब अतिरिक्त दूरी और समय खर्च करना पड़ रहा है।

वहीं 22135-22136 नागपुर-रीवा एक्सप्रेस बैतूल जिले के लोगों के लिए रीवा और मैहर शारदा धाम जाने की एकमात्र सीधी ट्रेन थी। इसके बंद होने से श्रद्धालुओं और छात्रों को कई ट्रेनों में बदलाव कर यात्रा करनी मजबूरी बन गई है।

इसके अलावा नागपुर-इटारसी पैसेंजर ट्रेन बैतूल-इटारसी सेक्शन के छोटे रेलवे स्टेशनों के लिए जीवनरेखा मानी जाती थी। यह ट्रेन सभी छोटे स्टेशनों पर रुकती थी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को सुविधा मिलती थी। ट्रेन बंद होने के बाद अब यात्री केवल मेमू ट्रेनों पर निर्भर हैं, जिनकी संख्या और समय सारिणी सीमित है।

'सांसद रेलवे बोर्ड तक सुझाव पहुंचाएं तो निर्णय संभव'

रेलवे पीआरओ नागपुर यश जनबंधु ने बताया कि अब ट्रेन संचालन और स्टॉपेज से जुड़े सुझाव मंडल अधिकारियों के बजाय सीधे सांसदों के माध्यम से रेलवे बोर्ड को भेजे जा सकते हैं। यदि क्षेत्रीय सांसद इन मांगों को रेलवे बोर्ड तक पहुंचाएं, तो उन पर निर्णय संभव है।

कई स्टेशनों को नए स्टॉपेज भी मिले

गौरतलब है कि खंडवा, नर्मदापुरम सहित अन्य संसदीय क्षेत्रों में सांसदों की पहल पर कोरोना काल में बंद कई ट्रेनों का दोबारा संचालन शुरू हो चुका है और कई स्टेशनों को नए स्टॉपेज भी मिले हैं। इसके विपरीत बैतूल जिले में सांसद केंद्रीय राज्य मंत्री होने के बावजूद अब तक न तो बंद ट्रेनों की बहाली हो सकी है और न ही नए स्टॉपेज स्वीकृत हुए हैं।

इस स्थिति को लेकर जिले के यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोग इसे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से जोड़कर देख रहे हैं और जल्द से जल्द ट्रेनों के संचालन तथा स्टॉपेज की मांग कर रहे हैं।

Praveen Sharma

लेखक के बारे में

Praveen Sharma
प्रवीण शर्मा लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम का हिस्सा हैं। एक दशक से भी अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे प्रवीण साल 2014 में डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले प्रिंट मीडिया में भी काम कर चुके हैं। प्रवीण ने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि अखबार से की थी और वर्ष 2018 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। प्रवीण मूलरूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के निवासी हैं, लेकिन इनका जन्म और स्कूली शिक्षा दिल्ली से हुई है। हालांकि, पत्रकारिता की पढ़ाई इन्होंने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय से की है। वह दिल्ली-एनसीआर की सियासी घटनाओं के साथ ही जन सरोकार से जुड़ी सभी छोटी-बड़ी खबरों पर भी पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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