Hindi Newsमध्य प्रदेश न्यूज़They supposed to build Hindu nation, but started building Ambedkarite nation, religious leader lash out
…लगा था ये हिंदू राष्ट्र बनाएंगे, ये तो अंबेडकर राष्ट्र बनाने में लग गए; केंद्र सरकार पर क्यों बरसे धर्म गुरु

…लगा था ये हिंदू राष्ट्र बनाएंगे, ये तो अंबेडकर राष्ट्र बनाने में लग गए; केंद्र सरकार पर क्यों बरसे धर्म गुरु

संक्षेप:

काली सेना के संस्थापक ने कहा, ‘ग्वालियर की घटना ने एक बार फिर बता दिया कि राष्ट्र और सनातन के लिए संघर्ष आसान नहीं होता। इतिहास गवाह है जेल जाना अपराध नहीं, बल्कि विचारों की परीक्षा होती है।’

Jan 03, 2026 03:05 pm ISTSourabh Jain लाइव हिन्दुस्तान, ग्वालियर, मध्य प्रदेश
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मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बाबा साहब अंबेडकर की फोटो जलाने के मामले में आरोपी हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल मिश्रा को शनिवार को उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिली और जमानत याचिका पर सुनवाई कल तक के लिए टाल दी गई। उधर पुतला जलाने के इस मामले में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई से सवर्ण समाज के लोगों में काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि तस्वीर जलाने का यह कृत्य क्रिया की प्रतिक्रिया के रूप में हुआ है, अगर पुलिस ने मनुस्मृति जलाने वालों के खिलाफ समय पर ऐक्शन ले लिया होता तो यह नौबत ही नहीं आती।

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'भाजपा ने एकात्म मानववाद को छोड़ा'

इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए काली सेना के संस्थापक, शाम्भवी पीठ के पीठाधिपति और शंकराचार्य परिषद के अध्यक्ष स्वामी आनन्द स्वरूप ने कहा कि ‘भाजपा अब एकात्म मानववाद से हटकर अम्बेडकर और फूलेवाद की तरफ बढ़ चुकी है। वह अब हिंदूवादी नहीं रही और अब हिंदुत्व को बीजेपी से मुक्त कर उसे परिष्कृत करना पड़ेगा, नहीं तो ये मंदिरों में मौलानाओं को बैठा कर नमाज पढ़ा देंगे।’

'लगा था कि ये हिंदू राष्ट्र बनाएंगे'

इसके आगे केंद्र और मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'हमको लगा था कि मोदी और भाजपा हिंदू राष्ट्र बनाएंगे लेकिन ये तो अंबेडकर राष्ट्र बनाने में लगे हैं। सावधान हिंदुओं भाजपा का हिन्दू विरोधी चेहरा सामने आ गया है।' इसके आगे मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव को निशाने पर लेते हुए आनन्द स्वरूप ने कहा, 'मोहन यादव अब हम तुम्हें ना भूलेंगे ना भूलने देंगे, तुम्हें खून के आंसू रुलाएंगे। तुमने जिस प्रकार एकतरफा कार्यवाही अनिल मिश्र और सहयोगियों पर की है, उसने तुम्हारा और पूरी भाजपा का हिंदू विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है।'

'जेल जाना अपराध नहीं, विचारों की परीक्षा'

उधर इस बारे में सोशल मीडिया पर अपना एक वीडियो शेयर करते हुए काली सेना के संस्थापक ने कहा, 'ग्वालियर की घटना ने एक बार फिर बता दिया कि राष्ट्र और सनातन के लिए संघर्ष आसान नहीं होता। इतिहास गवाह है जेल जाना अपराध नहीं, बल्कि विचारों की परीक्षा होती है। जो सनातन में आस्था रखते हैं, वे अपमान नहीं, सत्य और धैर्य के मार्ग पर चलते हैं। आज आवश्यकता है वैचारिक जागरूकता की, न कि भ्रम की। अनिल मिश्रा सहित सभी कार्यकर्ताओं की शीघ्र रिहाई के लिए प्रार्थना।'

बता दें कि गुरुवार रात शहर में डॉ भीमराव अंबेडकर की तस्वीर जलाने और उनके खिलाफ अपमानजनक नारे लगाने के मामले में साइबर सेल थाना ग्वालियर ने एडवोकेट अनिल मिश्रा समेत सात लोगों के खिलाफ SC-ST एक्ट समेत कई धाराओं में नामजद FIR दर्ज की थी। जिनमें से चार आरोपियों को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार भी कर लिया है।

चंद्रशेखर आजाद ने अमित शाह को लिखा पत्र

उधर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लोकसभा सांसद चंद्रशेखर आजाद ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लगाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इस पत्र को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘ग्वालियर में परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा स्थापना के विरोध, पुतला व चित्र जलाने तथा सामाजिक विद्वेष फैलाने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत कठोर कार्रवाई किए जाने के संबंध में माननीय गृह मंत्री अमित शाह जी को पत्र लिखा।’

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इस पत्र में आजाद ने गृहमंत्री से मुख्य रूप से चार मांगें कीं।

1. इन घटनाओं में प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से संलिप्त व्यक्तियों एवं संगठनों के विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के अंतर्गत तत्काल निवारक निरोधात्मक कार्रवाई की जाए।

2. दोषियों के विरुद्ध यह सुनिश्चित किया जाए कि वे भविष्य में सार्वजनिक शांति, सामाजिक सौहार्द एवं संवैधानिक मूल्यों को नुकसान न पहुँचा सकें।

3. इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराकर यह पता लगाया जाए कि इसके पीछे कौन से संगठित और राष्ट्र-विरोधी तत्व सक्रिय हैं।

4. देशभर में परम पूज्य बाबा साहेब एवं अन्य संवैधानिक महापुरुषों के सम्मान के विरुद्ध होने वाली घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस नीति लागू की जाए।

साथ ही आजाद ने कहा कि, यदि इस प्रकार के कृत्यों पर कठोरतम कार्रवाई नहीं की गई, तो यह पूरे विश्व में उनके करोड़ो अनुयायियों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने के साथ-साथ सामाजिक अशांति को और गहरा करेगा। संविधान, लोकतंत्र और राष्ट्रीय एकता की रक्षा हेतु आपका तत्काल एवं निर्णायक हस्तक्षेप अत्यंत आवश्यक है।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

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सौरभ जैन पत्रकारिता में लगभग 15 वर्ष से जुड़े हुए हैं। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत जुलाई 2009 में ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है। सौरभ को राजनीति, बॉलीवुड और खेल की खबरों में विशेष रुचि है। और पढ़ें
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