पुलिस बाइक ले गई पापा, अब कोर्ट से छूटेगी…; बेटे की बात सुनते ही शिक्षक पिता की हार्ट अटैक से मौत
सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा बेटे की बाइक का चालान काटने और जब्त करने की जानकारी मिलते ही 57 वर्षीय शिक्षक को इतना गहरा सदमा लगा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई।
मध्यप्रदेश के सतना जिले में बेटे की गलती और पुलिस कार्रवाई की खबर एक पिता के लिए जानलेवा साबित हुई। सिविल लाइन थाना पुलिस द्वारा बेटे की बाइक का चालान काटने और जब्त करने की जानकारी मिलते ही 57 वर्षीय शिक्षक को इतना गहरा सदमा लगा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ गया और उनकी मौत हो गई। मृतक रामप्रसाद वर्मा अमिलिया प्राथमिक शाला (संकुल कुलगढ़ी) में शिक्षक थे और वर्तमान में बीएलओ का प्रभार भी संभाल रहे थे।
सुबह स्कूल जाने के लिए मांगी चाबी
घटना गुरुवार सुबह 8 बजे की है। शिक्षक रामप्रसाद वर्मा रोज की तरह स्कूल जाने के लिए तैयार हुए। उन्होंने अपने बड़े बेटे करण वर्मा से बाइक की चाबी मांगी, तो बेटे ने डरते हुए पिता को बताया- पापा, कल रात पुलिस ने रोहित (छोटे बेटे) की गाड़ी पकड़ ली है और थाने ले गई है। अब बाइक कोर्ट से मिलेगी। बेटे के मुंह से पुलिस केस और बाइक जब्त होने की बात सुनते ही रामप्रसाद अवाक रह गए। वे वहीं गश खाकर गिरे और बेहोश हो गए। परिजन उन्हें संभालने की कोशिश करते रहे, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं।
ड्रंक एंड ड्राइव में पुलिस ने काटा था चलान
परिजनों के अनुसार, बुधवार रात करीब 8:30 बजे छोटा बेटा रोहित वर्मा अपने दोस्त अंकित शुक्ला, ऋषभ सिंह और एक अन्य के साथ सोहावल मैदान पर खड़ा था। तभी वहां सिविल लाइन पुलिस पहुंची और सभी को बाइकों समेत थाने ले गई। रात 11 बजे बड़ा भाई करण थाने पहुंचा। प्रधान आरक्षक ने बताया कि रोहित का 'ड्रंक एंड ड्राइव' में चालान काटा गया है, इसलिए बाइक जब्त कर ली गई है जो अब कोर्ट से छूटेगी।
500 रुपए लेकर छोड़ दी दोस्त की गाड़ी"
मृतक शिक्षक के परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने रोहित की गाड़ी तो जब्त कर ली, लेकिन उसके दोस्त अंकित की बाइक महज 500 रुपए की ले-देकर छोड़ दी गई थी।
नियम के तहत हुई कार्रवाई
इस मामले में सिविल लाइन थाना प्रभारी योगेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि गश्त के दौरान इनके बेटे का ड्रिंक एंड ड्राइव की धारा 185 के तहत केश दर्ज हुआ था।उसी के तहत इनकी बाइक जप्त कर इन्हें वहां से जाने दिया गया था।
रिपोर्ट- जयदेव

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