
MP: पत्नी ने प्रेमी संग रची पति के मर्डर की साजिश, कार से कुचलकर मारा और बता दिया एक्सीडेंट
मध्य प्रदेश के श्योपुर में एक पत्नी ने प्रेमी के लिए अपने टीचर पति की हत्या कर दी। पति दोनों के बीच में रोड़ा बन रहा था, इसीलिए दोनों ने मिलकर उसकी हत्या करा दी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी और प्रेमी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में अवैध संबंधों के चक्कर में हुए एक टीचर रमाकांत पाठक के ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी और प्रेमी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कराहल के रहने वाले टीचर की हत्या को सड़क हादसे का रूप देने का प्रयास किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार को कब्जे में ले लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम मनीष जाटव, मृतक की पत्नी साधना शर्मा और सतनाम सिंह हैं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा टीचर रमाकांत पाठक की हत्या कर लाश को घाटी में मोड पर ढलान के पास डाल दिया गया और पूरी घटना को एक्सीडेंट का रूप देने की कोशिश की गई थी। पुलिस जांच में पूरी घटना के पीछे मर्डर की साजिश का खुलासा हुआ। आरोपियों द्वारा इस वारदात को कराहल थाना क्षेत्र की नौनपुरा घाटी में अंजाम दिया गया था। घटना में प्रयुक्त कार सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
पुलिस को शुरुआत से ही यह मामला संदिग्ध लग रहा था। जांच के दौरान जब इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो पुलिस को पेट्रोल पंप पर रमाकांत, मनीष और सतनाम एक साथ दिखाई दिए। इसी सुराग के आधार पर जब पुलिस ने मनीष और सतनाम को हिरासत में लेकर कड़ी पूछताछ की तो उन्होंने सारा सच उगल दिया।
आरोपियों के कबूलनामे में मृतक की पत्नी साधना की मुख्य भूमिका सामने आई, जिसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
हत्या के लिए चार लाख की दी थी सुपारी
पुलिस के मुताबिक, महिला के प्रेमी मनीष ने रमाकांत पाठक की हत्या के लिए सतनाम सरदार को 4 लाख रुपये की सुपारी दी थी। पैसों की जरूरत के चलते सतनाम इस वारदात के लिए राजी हो गया था। दोनों के बीच यह तय हुआ था कि घटना के एक सप्ताह के भीतर पैसों का इंतजाम कर दिया जाएगा। मनीष ने हत्या में होने वाले पूरे खर्च और पेमेंट की योजना पहले ही साधना को बता दी थी।
बताया जा रहा है कि मनीष पेट्रोल पंप पर 8 से 10 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम करता था, इसलिए वह खुद यह रकम देने की स्थिति में नहीं था। हत्या के बाद महिला मनीष को पैसे देने वाली थी, ताकि सतनाम को भुगतान किया जा सके।
रिपोर्ट : अमित कुमार





