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Hindi News मध्य प्रदेशMP में बिगड़ा मौसम, 4 दिन के लिए 36 जिलों में आंधी-तूफान व ओलों का रेड और ऑरेंज अलर्ट; एडवाइजरी हुई जारी

MP में बिगड़ा मौसम, 4 दिन के लिए 36 जिलों में आंधी-तूफान व ओलों का रेड और ऑरेंज अलर्ट; एडवाइजरी हुई जारी

Madhya Pradesh Weather : मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत कई जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने का रेड अलर्ट है।

MP में बिगड़ा मौसम, 4 दिन के लिए 36 जिलों में आंधी-तूफान व ओलों का रेड और ऑरेंज अलर्ट; एडवाइजरी हुई जारी
Praveen Sharmaउज्जैन। विजेन्द्र यादवFri, 12 Apr 2024 12:50 PM
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मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बिगड़ने लगा है। अप्रैल माह में भी आंधी तूफान के साथ बारिश और ओले गिरने का दौर बना हुआ है। पिछले 5 दिनों से प्रदेश भर के कई जिलों में बारिश और ओले गिरने से खुले में रखी फैसलें और अनाज भीग कर खराब हो गया है। मौसम विभाग में उज्जैन संभाग सहित 36 जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया हुआ है। भोपाल, उज्जैन और सागर समेत कई जिलों में गुरुवार को भी तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरे। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को भी इसी प्रकार के मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बारिश से फसलों को बचाने के साथ ही जनजीवन की सुरक्षा के लिए भी एडवाइजरी जारी की है। बता दें कि शुक्रवार को नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा समेत कई जिलों में आंधी, बारिश और ओले गिरने का रेड अलर्ट है।

प्रदेशभर में अगले 4 दिन तक आंधी, बारिश और ओले का दौर जारी रह सकता है। हवा की रफ्तार मिनिमम 30 किमी. और अधिकतम गति 60 किमी. प्रतिघंटा तक रह सकती है। इससे पहले, गुरुवार को कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में देर रात गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। रतलाम, सागर, छिंदवाड़ा, उज्जैन, विदिशा समेत कई जिलों में बारिश हुई। गुना और रतलाम में ओले भी गिरे हैं।

फसलों के लिए एडवाइजरी

आंधी तूफान बारिश और ओले के साथ बिजली चमकने और गिरने के आसार बने रहते हैं इसके मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है, जिसमें उन्हें आवश्यक सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। एडवाइजरी में बताया गया कि ओले गिरने और तेज हवा के कारण खुले क्षेत्र में फसलों को नुकसान की संभावना है, इसलिए उसे समेटकर रख लें। पूर्वी मध्य प्रदेश में जहां भी बारिश की संभावना है, वहां फसलों को सुरक्षित करने के उपाय के साथ सिंचाई और रासायनिक छिड़काव से बचें। पश्चिमी मध्य प्रदेश में जहां तेज धूप निकलने का अनुमान है, वहां हल्की सिंचाई करें।

आकाशीय बिजली गिरने से बचने के उपाय

मौसम विभाग ने बताया कि प्रदेश भर में बारिश और गलत चमक के साथ बरसात हो रही है इस दौरान कई क्षेत्रों में बिजली गिरने की संभावना बनी रहती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने से जान-माल को हानि हो सकती है। ऐसे में सुरक्षित स्थान पर रहें और घर के अंदर रहें। साथ ही खिड़कियों और दरवाजे बंद रखें। इलेक्ट्रिक एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें। सुरक्षित आश्रय लें और पेड़ों के नीचे शरण लें और यदि संभव हो तो यात्रा से बचें।

इन शहरों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग में एडवाइजरी जारी कर बताया कि प्रदेश की राजधानी भोपाल सहित धार, इंदौर, उज्जैन, रतलाम, अलीराजपुर, सागर देवास, आगर-मालवा, मंदसौर,नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में रेड अलर्ट है। यहां हवा की रफ्तार 60 किमी प्रतिघंटा या इससे अधिक हो सकती है। इसके साथ अशोकनगर, भिंड, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, पन्ना और विदिशा, राजगढ़, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, जिलों में हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की स्थिति रहेगी। यहां बारिश, ओले और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चल सकती है।

ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के इन शहरों में ऑरेंज अलर्ट किया गया है। यह शहर रायसेन, सीहोर, हरदा, शाजापुर, अनूपपुर, डिंडोरी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट और दमोह है। इसके साथ इन शहरों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यह शहर सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर और पांढुर्णा है। गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, । कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। 

मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश जारी कर कहा है कि प्रदेश में कहीं भी जनहानि, पशु हानि या किसी प्रकार का नुकसान होगा तो सरकार उसके प्रति गंभीर रहेगी। उसकी क्षति पूर्ति करने के लिए मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गेहूं को कवर्ड परिसर में रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। 80 फीसदी अनाज पहले से कवर्ड परिसर में है, लेकिन जो खुले में है, उसको भी सुरक्षित करने के निर्देश जारी किए हैं।

भोपाल की सीनियर मौसम वैज्ञानिक दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, कि अभी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन गुजरने की वजह से बारिश-ओले का स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव है। इस कारण प्रदेश में बारिश हो रही है। 12 अप्रैल से एक और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश भर में देखने को मिलेगा।