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Hindi News मध्य प्रदेशकोटा में छात्र हैं परेशान, 10 दिन में तीन छात्रों ने दी जान; 'कॉफी विद स्टूडेंट्स' स्कीम भी नहीं आ रही काम

कोटा में छात्र हैं परेशान, 10 दिन में तीन छात्रों ने दी जान; 'कॉफी विद स्टूडेंट्स' स्कीम भी नहीं आ रही काम

Kota Student Suicide : इस घटना को लेकर बताया जा रहा है कि छात्र पिछले 4 साल से कोटा में ही था। वहीं पुलिस ने घटना की जानकारी छात्र के परिजनों को दे दी है। साथ ही मामले में जांच की जा रही है।

कोटा में छात्र हैं परेशान, 10 दिन में तीन छात्रों ने दी जान; 'कॉफी विद स्टूडेंट्स' स्कीम भी नहीं आ रही काम
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,कोटाFri, 02 Feb 2024 12:31 PM
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शिक्षा नगरी कोटा में छात्रों के आत्महत्या का सिलसिला लगातार जारी है। शुक्रवार को एक और छात्र ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक छात्र नूर मोहम्मद उत्तर प्रदेश के वीरपुर कटरु गोंडा का निवासी था। जो की कोटा में रहकर बीटेक की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि छात्र पिछले 4 साल से कोटा में ही था। वहीं पुलिस ने घटना की जानकारी छात्र के परिजनों को दे दी है। साथ ही मामले में जांच की जा रही है।

परिजनों को बताया - बीटेक में हो गया चयन

पुलिस से मिली जानकारी में सामने आया कि मृतक छात्र नूर मोहम्मद ने परिजनों को यह बता रखा है कि उसका बीटेक में सिलेक्शन हो गया है और चेन्नई में कॉलेज मिला है। यही बात उसने अपने दोस्तों को भी बात रखी है। हालांकि परिजनों से इस संबंध में बातचीत की जा रही है और उनके कोटा पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। साथ ही उसके दोस्तों से भी छात्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली जा रही है।

10 दिन में तीन छात्रों ने दी जान

आपको बता दें कि राजस्थान के कोटा में पिछले 10 दिन में तीन छात्रों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। इनमें दो छात्र उत्तर प्रदेश के निवासी थे। वही एक छात्रा राजस्थान के झालावाड़ की रहने वाली थी। छात्रा निहारिका ने अपने सुसाइड नोट में मानसिक तनाव की बात लिखी थी। वही 24 जून को उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद जैद द्वारा सुसाइड में भी पढ़ाई को लेकर मानसिक तनाव की बात सामने आई थी।

कलेक्टर की 'कॉफी विद स्टूडेंट्स' स्कीम भी नहीं आ रही काम

छात्रों को तनाव से उभारने के लिए कोटा में अब तक पोस्टेड हुए जिला कलेक्टरों ने अपने-अपने स्तर पर कई प्रयास किए हैं। हाल ही में कोटा में स्थानांतरित होकर आए जिला कलेक्टर डॉ रविंद्र गोस्वामी ने भी इस मुहिम में अपनी भागीदारी निभाई। उन्होंने 'कॉफी विद स्टूडेंट्स' शुरू किया। लेकिन वह भी छात्रों को तनाव से उभरने के में सफल नहीं हो पा रही है। इसके साथ ही कोचिंग संस्थानों, हॉस्टल संचालकों के साथ भी प्रशासन ने कई बैठक की है लेकिन इस मुहिम का भी बहुत ज्यादा असर दिख नहीं रहा है।

रिपोर्ट : योगेन्द्र महावर

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