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Hindi News मध्य प्रदेश'उम्रकैद नाकाफी है, यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है'; 2 लोगों को मौत की सजा सुना कोर्ट ने क्या कहा

'उम्रकैद नाकाफी है, यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है'; 2 लोगों को मौत की सजा सुना कोर्ट ने क्या कहा

विशेष जज देवेंद्र प्रसाद मिश्रा ने 25 साल के विक्रांत ठाकुर और 23 साल के ऋतिक ठाकुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 364 A (अगवा करना और रंगदारी मांगना) , 302 (हत्या)समेत कई अन्य धाराओं में दोषी पाया है।

'उम्रकैद नाकाफी है, यह रेयरेस्ट ऑफ द रेयर है'; 2 लोगों को मौत की सजा सुना कोर्ट ने क्या कहा
karnataka high court
Nishant Nandanपीटीआई,इंदौरMon, 10 Jun 2024 08:16 PM
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मध्य प्रदेश के इंदौर जिले की एक अदालत ने दो लोगों की मौत की सजा सुनाई है। इन दोनों पर सात साल के एक बच्चे को अगवा कर उसकी हत्या करने का आरोप है। 4 करोड़ की रंगदारी नहीं मिलने पर बच्चे की हत्या की गई थी। पीड़ित के वकील आशीष एस शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि स्पेशल जज देवेंद्र प्रसाद मिश्रा ने 25 साल के विक्रांत ठाकुर और 23 साल के ऋतिक ठाकुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 364 A (अगवा करना और रंगदारी मांगना) , 302 (हत्या)समेत कई अन्य धाराओं में दोषी पाया है।  

अदालत ने इस केस को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का माना है और दोनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है। सजा में उदारता बरतने की आरोपियों की याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा, 'अगर जिस तरह से अपराध को अंजाम दिया गया था, उसमें आरोपी का दुस्साहस ऐसा हो जिसके जरिए समाज की आत्मा को झकझोरा गया है और मानवता को शर्मसार किया गया हो तो इस तरह के केस में उम्रकैद की सजा नाकाफी है।' 

जज ने कहा कि विक्रांत और ऋतिक ने पीड़ित हर्ष चौहान को 5 फरवरी, 2023 को पिगदम्बर इलाके से अगवा किया था। आरोपियों ने लड़के के पिता जितेंद्र चौहान से 4 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। जब वो रकम देने में नाकाम रहे तब दोनों ने गला घोंट कर बच्चे को मार डाला। ट्रायल के दौरान कम से कम 30 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। पीड़ित के पिता कांग्रेस से जुड़े हैं। आरोपी ऋतिक उनका एक रिश्तेदार है जिसका अक्सर वो मदद किया करते थे।