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हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेशचंबल में डकैतों का आंतक खत्म कराने वाले सुब्बाराव कर्मभूमि जौरा में पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ विदाई

चंबल में डकैतों का आंतक खत्म कराने वाले सुब्बाराव कर्मभूमि जौरा में पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ विदाई

भोपाल, लाइव हिंदुस्तानRavindra Kailasiya
Thu, 28 Oct 2021 07:05 PM
चंबल में डकैतों का आंतक खत्म कराने वाले सुब्बाराव कर्मभूमि जौरा में पंचतत्व में विलीन, राजकीय सम्मान के साथ विदाई

आजादी के बाद तीन दशक तक चंबल घाटी में डकैतों की बंदूक की गूंज से पूरा क्षेत्र आतंक में डूबा रहता था लेकिन जिस गांधीवादी एसएन सुब्बाराव ने यहां डेरा डाला और डकैतों के आतंक को समाप्त किया, वह आज यहीं पंचतत्व में विलीन हो गए। मुरैना जिले के जौरा में अपनी कर्मभूमि में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 

एसएन सुब्बाराव के पार्थिव शरीर को जयपुर से जौरा लाया गया और अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। उनके अंतिम संस्कार में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गेहलोत, अजय माकन, पूर्व सांसद मीनाक्षी नटराजन सहित कांग्रेस के विधायक जीतू पटवारी, राकेश मावई, पूर्व विधायक व सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष रजनीश सिंह शामिल हुए। सुब्बाराव को उनके बहनोई ईश्वर जॉइस ने मुखाग्नि दी।

डकैतों के परिजनों के लिए बनाया गांधी आश्रम
आत्मसमर्पण करने वाले 672 डकैतों के परिवारजनों के पालन-पोषण के लिए सुब्बाराव ने आश्रम बनाया था। जेल में सजा काटने वाले डकैतों के परिजनों को इस आश्रम में रखकर सुब्बाराव ने उन्हें रोजगार मुहैया कराया। इसी वजह से उन्होंने जौरा में रहने का निर्णय लिया और वे अंतिम समय तक इस आश्रम में रहे। 

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