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Hindi News मध्य प्रदेश7 दिन मेरे साथ रहना, 7 दिन पत्नी संग; शादीशुदा मर्द से डील, लड़की को कोर्ट से झटका

7 दिन मेरे साथ रहना, 7 दिन पत्नी संग; शादीशुदा मर्द से डील, लड़की को कोर्ट से झटका

मध्य प्रदेश में इंदौर की जिला अदालत ने 34 साल के एक शख्स को लिव इन पार्टनर संग रेप के आरोपों से मुक्त कर दिया है। लड़की ने पार्टनर से डील की थी कि वह सात दिन उसके साथ रहेगा और सात दिन पत्नी के साथ।

7 दिन मेरे साथ रहना, 7 दिन पत्नी संग; शादीशुदा मर्द से डील, लड़की को कोर्ट से झटका
Sudhir Jhaपीटीआई,इंदौरWed, 08 May 2024 06:23 PM
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मध्य प्रदेश में इंदौर की जिला अदालत ने 34 साल के एक शख्स को लिव इन पार्टनर संग रेप के आरोपों से मुक्त कर दिया है। लड़की ने उस पर रेप के अलावा अबॉर्शन के लिए दबाव डालने और हत्या की धमकी देने का आरोप लगाया था। 25 अप्रैल को आए फैसले में कोर्ट ने इस बात का जिक्र किया कि दोनों के बीच एक समझौता हुआ था। लड़की ने आरोपी के साथ समझौता किया था कि वह सात दिन उसके साथ रहेगा और फिर साथ दिन अपनी पत्नी के साथ।

लड़की की शिकायत पर भंवरकुआं पुलिस ने 27 जुलाई 2021 को पुरुष लिव इन पार्टनर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। एक अधिकारी ने बताया कि शादी का झांसा देकर रेप, अबॉर्शन के लिए मजबूर करने और हत्या की धमकी जैसे आरोपों के तहत केस दर्ज किया गया था।  उसे 15 अगस्त 2021 को गिरफ्तार कर लिया गया था। वह 200 दिनों तक जेल में रहा और फिर 5 मार्च 2022 को जमानत पर बाहर आया। 

एडिशनल सेशन जज जयदीप सिंह ने तथ्यों और सबूतों को देखने के बाद आईपीसी की धारा 376 (दो) (एन) (महिला से बार-बार बलात्कार), धारा 313 (स्त्री की सहमति के बिना उसका गर्भपात कराना) और धारा 506 (धमकाना) के आरोपों से बरी कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में इस बात को रेखांकित किया कि लड़की ने 15 जून 2021 को एक समझौता किया था जिसमें लिखा गया है कि आरोपी शादीशुदा है और वह उसके साथ और पत्नी के साथ बारी-बारी से 7-7 दिन रहेगा। समझौते में यह भी कहा कहा गया है कि दोनों पिछले दो साल से रिलेशन में थे।  

जज ने कहा कि समझौते से यह साफ है कि दोनों लिव इन रिलेशनशिप में थे। उनके बीच सहमति से शारीरिक संबंध बना था। पुरुष पहले से शादीशुदा था और शादी करने की स्थिति में नहीं था।  कोर्ट ने आरोपी को बरी करते हुए कहा, 'ऐसी परिस्थिति में इस शख्स को रेप और जबरन अबॉर्शन का दोषी नहीं पाया जा सकता है। जहां तक जान से मारने की धमकी का सवाल है तो इसको लेकर पर्याप्त सबूत नहीं हैं।'