फोटो गैलरी

Hindi News मध्य प्रदेशबीमार बच्चे को सलाखों से 51 बार दागा, कुप्रथा का शिकार हुआ मासूम; गंभीर

बीमार बच्चे को सलाखों से 51 बार दागा, कुप्रथा का शिकार हुआ मासूम; गंभीर

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में डेढ़ माह के बच्चे को अंधविश्वास के चलते निमोनिया होने पर 51 बार गर्म सलाखों से दागा गया। सलाखों से दागने की वजह से बच्चे की हालत गंभीर हो गई है। उसे भर्ती करवाया गया है।

बीमार बच्चे को सलाखों से 51 बार दागा, कुप्रथा का शिकार हुआ मासूम; गंभीर
Mohammad Azamलाइव हिंदुस्तान,शहडोलSun, 19 Nov 2023 08:49 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में डेढ़ माह के बच्चे को अंधविश्वास के चलते निमोनिया होने पर 51 बार गर्म सलाखों से दागा गया। सलाखों से दागने की वजह से बच्चे की हालत गंभीर हो गई है। जिसे गंभीर अवस्था में जिले के शासकीय अस्पताल में भर्ती किया गया। मासूम बच्चा अस्पताल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है। बता दें कि इस तरह से बच्चों को शरीर पर जलाने को ग्रामीण-आदिवासी अंचल इलाकों में डॉम कहा जाता है, और यह एक अंधविश्वास है। जिसमें ग्रामीण मानते हैं। यदि बच्चे को कोई बीमारी हो तो उसे डॉम लगा देने यानी गरम सलाखों या सुइयों से जलाने से बीमारी चली जाती है। पहले भी शहडोल में ऐसे मामले कई बार आ चुके हैं। गर्म सलाखों या सुइयों से जलाने के अंधविश्वास में कई बार बच्चों की जान आफत में आ चुकी है, लेकिन यह अंधविश्वास अब भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। 

शहडोल जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई  है। यहां आज भी झाड़फूंक, दगना कुप्रथा जारी है। अंधविश्वास के चलते इलाज के नाम पर मासूम बच्चों को गर्म सलाखों से दागने के दर्जनों मामले जिले में सामने आ चुके हैं। जिनमे 10 से अधिक मासूम अंधविश्वास की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसा ही एक मामला जिले के सोहगपुर क्षेत्र हरदी गांव से सामने आया है। यहां निमोनिया और सांस लेने में तकलीफ होने पर डेढ़ माह के बीमार, मासूम दुधमुंहे बच्चे को 51 बार गर्म सलाखों से पेट, पीठ और चेहरे के साथ हाथ-पांव में दागा गया। इस वजह से बच्चे की हालत और गंभीर हो गई।  हालात ज्यादा बिगड़ने पर मेडिकल कॉलेज शहडोल में बच्चे को भर्ती कराया गया। उसका उपचार जारी है। डेढ़ माह के माशूम बच्चा प्रेम लाल को सांस लेने और पेट फूलने पर उसके बेरहम पिता प्रदीप बैगा ने 51 बार गर्म सलाखों से शरीर को हर एक अंग को दगवाया , जिससे मासूम प्रेम लाल की हालत ज्यादा बिगड़ गई। मासूम को फानन में उपचार के लिए मेडिकल कालेज शहडोल में भर्ती कराया गया ,जहां मासूम जिंदगी मौत की लड़ाई लड़ रहा है। आपको बता दें कि मासूम को  डेढ़ माह के अंदर उसके परिजनों ने अंधविश्वास के फेर में  दूसरी बार गर्म सलाखो से दगवाया है।

पीड़ित मासूम प्रेम लाल के पिता प्रदीप का कहना है कि बच्चे की तबियत खराब होने पर घर के बड़े बुजुर्ग पुरानी सोच रखने वालो ने बच्चें को गर्म सलाखो से दगवाया था। इसके बाद बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे उपचार के लिए मेडिकल कालेज लाया गया है।  

मेडिकल कालेज अधीक्षक, डॉक्टर नागेंद्र सिह का कहना है कि मामला 8 से 10 दिन पुराना है। इस मामले में डेढ़ माह के बच्चे को परिवार के लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे को गंभीर अवस्था में आईसीयू में भर्ती किया गया था। उन्होंने कहा कि अभी बच्चे की हालत स्थिर है और उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। जब बच्चों को अस्पताल लाया गया था तो उसे सांस की तकलीफ थी उसके पेट और चेहरे पर गर्म सलाखों से दागा गया है।

रिपोर्ट: विजेंद्र यादव

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें