Monday, January 17, 2022
हमें फॉलो करें :

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेशभगवान भरोसे छतरपुर का पहाड़, प्रयावरण बचाने को हजारों चट्टानों पर लिखा राम का नाम

भगवान भरोसे छतरपुर का पहाड़, प्रयावरण बचाने को हजारों चट्टानों पर लिखा राम का नाम

लाइव हिंदुस्तान,छतरपुर।Vishva Gaurav
Sat, 15 Jan 2022 08:09 AM
भगवान भरोसे छतरपुर का पहाड़, प्रयावरण बचाने को हजारों चट्टानों पर लिखा राम का नाम

इस खबर को सुनें

पर्यावरण को बचाने के लिए हमेशा ही लोग तरह-तरह के प्रयोग करते रहे हैं। देश में कई सरकारी एवं गैर सरकारी संस्थाएं पर्यावरण के लिए काम कर रही हैं। ऐसे में मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की लवकुशनगर तहसील के छोटे से गांव मुड़ेरी में रहने वाले ग्रामीणों ने पर्यावरण को बचाने के लिए राम नाम का एक अनोखा प्रयोग किया। यह प्रयोग ना सिर्फ सफल रहा बल्कि अब उसका जिम्मा गांव की युवा पीढ़ी उठा रही है।

दरअसल मुड़ेरी गांव एक पहाड़ चारों ओर से घिरा हुआ है गांव के लोग इस पहाड़ को नंदीश्वर पहाड़ कहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह बेहद प्राचीन पहाड़ है और इसमें कई तरह के औषधीय पेड़ लगे हुए हैं। इस पहाड़ पर हजारों चट्टानें मौजूद हैं लेकिन लगभग 20 साल पहले इसी पहाड़ पर न सिर्फ गंदगी थी बल्कि लोग लगातार पेड़ भी काट रहे थे। पहाड़ पर मौजूद पत्थरों को उठाकर भी लोग अपने अपने घरों में उपयोग कर रहे थे, यानी अवैध उत्खनन भी हो रहा था। पहाड़ को इन सब से बचाने और उसे साफ बनाए रखने के लिए गांव के लोगों ने पहाड़ की चट्टानों पर 'राम' नाम लिखना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे पहाड़ सुरक्षित एवं स्वच्छ होने लगा।

राम नाम ने बचा लिया पहाड़
गांव में रहने वाले बुजुर्ग राम करण बताते हैं कि पहाड़ को बचाने के लिए हम लोगों ने सालों पहले पहाड़ की चट्टानों पर राम नाम लिखा था और आज उसका असर देखने को मिलता है। पहाड़ में पहले से कई गुना ज्यादा पेड़ हैं, पत्थर हैं। गांव का कोई भी व्यक्ति यहां गंदगी नहीं करता और गांव में सफाई रहती है।

युवाओं ने संभाला जिम्मा
गांव के युवा पप्पू गर्ग बताते हैं कि सालों पहले हमारे बुजुर्गों ने गांव के पहाड़ एवं पर्यावरण को बचाने के लिए यह मुहिम चलाई थी, अब गांव के हम सब युवा मिलकर इसे आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि वो चट्टानों पर राम नाम लिख रहे हैं। वह लोगों से पर्यावरण संरक्षण करने में आगे आने के लिए कह रहे हैं और आज गांव का पहाड़ पूरी तरह से सुरक्षित और स्वच्छ है। बता दें कि गांव का यह पहाड़ लगभग 30 एकड़ में फैला हुआ है और इसी पहाड़ के इर्दगिर्द पूरा गांव बसा हुआ है।

सब्सक्राइब करें हिन्दुस्तान का डेली न्यूज़लेटर

संबंधित खबरें