फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशनमाज पढ़ने व मुस्लिम बनने के फायदे बताता था प्रोफेसर, छात्राओं के नंबर भी बांटे; स्टूडेंट्स का हंगामा

नमाज पढ़ने व मुस्लिम बनने के फायदे बताता था प्रोफेसर, छात्राओं के नंबर भी बांटे; स्टूडेंट्स का हंगामा

आरोपी मुस्लिम अतिथि प्रोफेसर पर हिंदू स्टूडेंट्स को टारगेट करने, उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए उकसाने, परीक्षा में फेल करने की धमकी देने, कॉलेज ग्रुप बनाकर छात्राओं के मोबाइल नंबर बांटने के आरोप हैं।

नमाज पढ़ने व मुस्लिम बनने के फायदे बताता था प्रोफेसर, छात्राओं के नंबर भी बांटे; स्टूडेंट्स का हंगामा
Sourabh Jainलाइव हिंदुस्तान,उज्जैनFri, 21 Jun 2024 06:29 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्यप्रदेश में उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। फार्मेसी डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स ने एक मुस्लिम केमेस्ट्री प्रोफेसर अनीस शेख पर हिन्दू छात्र-छात्राओं को टारगेट करते हुए उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए लालच देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरोपी शिक्षक छात्र-छात्राओं को नमाज पढ़ने व मुस्लिम बनने के फायदा बताते हुए इसके लिए उकसाते हैं। 

इसके अलावा स्टूडेंट्स ने प्रोफेसर पर धार्मिक आधार पर भेदभाव करते हुए स्टूडेंट्स को पास व फेल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनीस शेख बिना क्लास अटैंड करे मुस्लिम छात्र-छात्राओं को पास कर देते हैं, जबकि हिंदू छात्र-छात्राओं को बार-बार फेल कर देते हैं। इस मामले में कुलपति का कहना है कि आरोपी शिक्षक के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं, जिसके बाद उन्होंने उस शिक्षक को 15 दिन के लिए आने से मना कर दिया है।

इसी बात को लेकर शुक्रवार को छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने छात्र संगठन ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) के नेतृत्व में कॉलेज के गेट पर हंगामा करते हुए गेट पर ताला जड़ दिया। स्टूडेंट्स की मांग थी कि आरोपी प्रोफेसर अनीस शेख को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। कॉलेज में हंगामा बढ़ता देख विक्रम विश्व विद्यालय के कुलपति अखिलेश पांडे भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने टीम बनाकर जांच करवाने और सायबर सेल में शिकायत करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रोफेसर को 15 दिनों के लिए हटाने की बात भी कही। फिलहाल पुलिस इस मामले में शिकायत का इंतजार कर रही है। 

15 दिन के लिए हटाया, सायबर सेल से जांच कराने को कहा 

फार्मेसी डिपोर्टमेंट में हंगामा बढ़ता देख और गेट पर ताला लगा होने से परीक्षा लेट होने पर ABVP के कार्यकर्ता और पदाधिकारियों की कुलपति से तीखी बहस हो गई,काफी हंगामे के बाद जब कुलपति ने आरोपी प्रोफेसर अनीस शेख को 15 दिन के लिए हटाने और जांच करवाने का आश्वासन दिया तब जाकर कार्यकर्ता और छात्र माने। कुलपति ने इस मामले में साइबर सेल से मदद मांगी है.और जांच के बाद पुलिस को शिकायत की बात कही है। 

इस मामले को लेकर ABVP के महामंत्री आदर्श चौधरी ने बताया कि लगातार शिकायत थी कि अनीस शेख केमेस्ट्री में हिन्दू स्टूडेंट्स को फेल कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने हिन्दू छात्र-छात्राओं का एक ग्रुप भी बना रखा है, जिसमें धर्मांतरण की बातें कही जाती हैं। साथ ही नमाज पढ़ने व मुस्लिम बनाने के फायदे बताए जाते हैं। जिसके बाद आज हमने घेराव कर प्रदर्शन किया है।  

मुस्लिम स्टूडेंट्स को नमाज पढ़ने के नंबर और हिन्दू को सप्लीमेंट्री 

मामले में एक छात्र राहुल सिंह ने कहा कि अनीस शेख अन्याय कर रहे हैं, विद्या के मंदिर में धर्म की शिक्षा दी जा रही है। नमाज पढ़ने का बोलते हैं जो कि गलत है। धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाल रहे हैं। टीका-कलावा के लिए रोक लगाते हैं। लड़कियों को परेशान करते हैं। मुस्लिम लड़के-लड़कियों को अच्छे नम्बर दे रहे हैं, जबकि हिन्दू छात्र-छात्राओं को कम नम्बर दिए जा रहे हैं। केमेस्ट्री विषय में एक भी मुस्लिम छात्र-छात्रा फेल नहीं होता है, जबकि सभी हिन्दू लड़के-लड़कियों को एटीकेटी मिलती है। 

कुलपति बोले- तीन साल से मिल रही है शिकायत
  
उधर विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति अखिलेश कुमार पांडेय ने बताया कि तीन साल से शिक्षक अनीस शेख की शिकायत हो रही थी, डायरेक्टर ने कई बार उन्हें समझाया भी था, कुछ के साथ नम्बर का प्रॉब्लम था, अब उन्हें 15 दिन के लिए रोका गया है, ये भी शिकायत मिली है कि उन्होंने वॉट्सएप ग्रुप बनवाया, जिसमें लड़कियों से बात करने उन्हे मैसेज करने की बात भी सामने आई है। इसको लेकर हमने जांच बिठा दी है और सायबर सेल से शिकायत कर उनसे भी जांच का आग्रह करेंगे। अगर जांच में कुछ पाया जाता है तो पुलिस को शिकायत की जाएगी, वही पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने कहा की शिकायत मिलती है तो कार्रवाई जरूर करेंगे। 

प्रोफेसर बोला- सारे आरोप गलत

इस मामले में अतिथि प्रोफेसर अनीस शेख ने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि कोरोना काल के दौरान वॉट्सएप ग्रुप बनाया था, ताकि इससे छात्रों को जानकारी मिलती रहे। 13 साल से अथिति शिक्षक हूं, इस प्रकार के आरोप पहले कभी नहीं लगे हैं, कुछ लोगो द्वारा छात्रों को मोहरा बनाकर इस्तेमाल किया जा रहा है। 

रिपोर्ट विजेन्द्र यादव