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Hindi News मध्य प्रदेशASI ने GPR व GPS मशीनों का उपयोग शुरू किया, भोजशाला सर्वेक्षण पर याचिकाकर्ता का बड़ा दावा

ASI ने GPR व GPS मशीनों का उपयोग शुरू किया, भोजशाला सर्वेक्षण पर याचिकाकर्ता का बड़ा दावा

अप्रैल सन् 2003 को ASI द्वारा की गई एक व्यवस्था के तहत हिंदू समाज के लोग मंगलवार को भोजशाला परिसर में पूजा करते हैं, और मुस्लिम समाज के लोग शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करते हैं।

ASI ने GPR व GPS मशीनों का उपयोग शुरू किया, भोजशाला सर्वेक्षण पर याचिकाकर्ता का बड़ा दावा
Sourabh JainPTI,धार, मध्य प्रदेशSun, 26 May 2024 12:22 AM
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भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित स्मारक भोजशाला के वैज्ञानिक सर्वेक्षण के लिए अब यहां पर GPR (ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार) और GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) मशीनों का उपयोग करना भी शुरू कर दिया है। इस बात का दावा शनिवार को हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ताओं ने किया। हालांकि इस दावे को लेकर ASI की प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।

इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने 11 मार्च को ASI को भोजशाला परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इस इमारत के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ करके इसे वर्तमान स्वरूप दिया गया है। यह एक मध्ययुगीन स्मारक है, जिसके बारे में हिंदुओं का मानना है कि यह देवी वाग्देवी (सरस्वती) का मंदिर है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है। यह सर्वे पिछले 65 दिनों से चल रहा है।

अदालत में हिंदू पक्ष के याचिकाकर्ताओं में से एक और महाराजा भोज सेवा समिति के सचिव गोपाल शर्मा ने दावा किया कि, 'GPR और GPS मशीन शुक्रवार को धार पहुंच गईं और ASI की टीम ने सर्वेक्षण के लिए शनिवार से इनका उपयोग करना भी शुरू कर दिया, जो कि विभाग के सर्वे का 65वां दिन था।' 

GPR मशीन का संचालन सात अधिकारियों द्वारा किया गया और इसकी मदद से भोजशाला के गर्भगृह का सर्वेक्षण किया गया, इस दौरान गोपाल शर्मा ने दावा करते हुए कहा कि संरचना पर हिंदू प्रतीक और संकेत पाए गए हैं। 

साथ ही गोपाल ने यह भी दावा किया कि हाई कोर्ट ने अपने आदेश में वैज्ञानिक सर्वेक्षण के दौरान मशीनों के उपयोग के बारे में बात की थी। इससे एक दिन पहले मुस्लिम समुदाय के लोग इस परिसर के कुछ हिस्सों में जारी कथित खुदाई के विरोध में काली पट्टी बांधकर आए थे और उन्होंने काली पट्टी के साथ ही भोजशाला में नमाज अदा की थी। उन्होंने इस खुदाई को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का उल्लंघन बताया।

7 अप्रैल, 2003 को ASI द्वारा की गई एक व्यवस्था के तहत हिंदू लोग मंगलवार को भोजशाला परिसर में पूजा करते हैं, और मुस्लिम लोग शुक्रवार को परिसर में नमाज अदा करते हैं।