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Hindi News मध्य प्रदेशघर-गृहस्थी संभालते हुए लगातार दूसरी बार डिप्टी कलेक्टर चुनी गईं सिम्मी, पति का क्या सपना?

घर-गृहस्थी संभालते हुए लगातार दूसरी बार डिप्टी कलेक्टर चुनी गईं सिम्मी, पति का क्या सपना?

सिम्मी ने कम्प्यूटर विज्ञान में एमएससी की उपाधि हासिल की है। उन्होंने बताया कि राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान ऐसे कई मौके आए, जब उनके पति ने खाना बनाने में भी उनका हाथ बंटाया।

घर-गृहस्थी संभालते हुए लगातार दूसरी बार डिप्टी कलेक्टर चुनी गईं सिम्मी, पति का क्या सपना?
Devesh Mishraभाषा,इंदौरSat, 30 Dec 2023 05:49 PM
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मध्य प्रदेश की राज्य सेवा परीक्षा 2019 में उम्मीदवारों के संघर्ष और सफलता की कहानियों में इंदौर की सिम्मी यादव (31) की कहानी सबसे अलग है। शादी के बाद पिछले सात साल से घर-गृहस्थी संभालने के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाली यह महिला लगातार दूसरी बार उप जिलाधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) चुनी गई है।

सिम्मी ने शनिवार को 'पीटीआई' से कहा, 'मेरी शादी 2016 में हुई थी। शादी के साल भर बाद मैंने राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की और तमाम पारिवारिक चुनौतियों के बावजूद मेरे पति राहुल यादव ने इसमें मेरा पूरा साथ दिया।' उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में सफलता का श्रेय अपने पति को देते हुए कहा, 'अगर शादी के बाद मेरे पति मुझे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी से मना कर देते, तो मैं उनकी बात मान लेती क्योंकि मेरे लिए पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों से बढ़कर कुछ भी नहीं है।'

सिम्मी ने कम्प्यूटर विज्ञान में एमएससी की उपाधि हासिल की है। उन्होंने बताया कि राज्य सेवा परीक्षा की तैयारी के दौरान ऐसे कई मौके आए, जब उनके पति ने खाना बनाने में भी उनका हाथ बंटाया। सिम्मी के पति राहुल यादव (33) चेन्नई की एक आईटी कम्पनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा था कि मेरी पत्नी का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद के लिए होगा। अब मेरी दिली ख्वाहिश है कि वह एक दिन कलेक्टर भी बनें।'

राहुल ने कहा कि उन्होंने और सिम्मी ने मिलकर तय किया कि जब तक वह अपने लक्ष्य को हासिल नहीं कर लेतीं, तब तक वे अपना परिवार नहीं बढ़ाएंगे। सिम्मी राज्य सेवा परीक्षा 2020 में भी डिप्टी कलेक्टर चुनी गई थीं जिसका परिणाम करीब सात महीने पहले नौ जून को घोषित किया गया था।

राज्य सेवा परीक्षा 2019 का परिणाम चार दिन पहले 26 दिसंबर को घोषित किया गया। मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) के एक अधिकारी ने बताया कि कोविड-19 के प्रकोप और सरकारी नौकरियों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण के मामले की कानूनी पेचीगदियों के चलते इस भर्ती परीक्षा का परिणाम जारी किए जाने में देरी हुई।   

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