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महिला ने एक साथ 3 बच्चों को दिया जन्म, डॉक्टर बोले दुर्लभ, कैसी है मां-बच्चों की तबीयत?

उज्जैन जिले के अजीमाबाद पारदी गांव की एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। डॉक्टर इसे दुर्लभ केस बताया है। इस रिपोर्ट में जानें कैसी है अब तीनों बच्चों और मां की तबीयत...

महिला ने एक साथ 3 बच्चों को दिया जन्म, डॉक्टर बोले दुर्लभ, कैसी है मां-बच्चों की तबीयत?
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,उज्जैनSat, 13 Apr 2024 06:12 PM
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मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के अजीमाबाद पारदी गांव की एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। डॉक्टर इसे दुर्लभ मामला बता रहे हैं वहीं परिजन बेहद खुश हैं। तीनों बच्चे और उनकी मां पूरी तरह से स्वस्थ हैं। उज्जैन के आर्थो अस्पताल में 6 मिनट के दौरान तीनों बच्चों का जन्म हुआ है। डॉक्टरों का कहना है कि भारत में एक साथ तीन बच्चों को जन्म देने की घटनाएं हजारों में एक होती हैं। तीनों बच्चों का जन्म सिजेरियन हुआ है। 

उज्जैन में देवास रोड स्थित आर्थो हॉस्पिटल में बुधवार शाम को नागदा तहसील से 2 किलोमीटर दूर ग्राम के अजीमाबाद पारदी की 28 वर्षीय गीता बाई ने तीन स्वस्थ्य बच्चों को जन्म दिया। इसमें एक बालक और दो बेटियां बताई जा रही हैं।  जन्म देने वाली गीता बाई ट्रिपलेट मॉम और तीनों नवजात स्वस्थ हैं। 2 साल पहले महिला के एक बच्चे जन्म के 21 दिन बाद मौत हो गई थी। गीताबाई बीते दो वर्षों से इलाज करा रही थी।

लगभग 6 महीने के इलाज के बाद गीता बाई ने गर्भधारण किया। अब महिला ने 3 बच्चों को एक साथ जन्म दिया है। जच्चा-बच्चा का इलाज करने वाली डॉ. इंदू ने बताया कि गीता बाई की दूसरे महीने में सोनोग्राफी हुई थी। इसमें उनके के गर्भ में तीन भ्रूण की पुष्टि हुई थी। ट्रिपलेट प्रेग्नेंसी में एक बच्चे की जान को हमेशा खतरा बना रहता है लेकिन तीसरे महीने की सोनोग्राफी में तीनों बच्चे स्वस्थ थे। 

डॉ. इंदू ने बताया कि 8वें महीने में जब सोनोग्राफी कराई गई तो एक बच्चे की जान को खतरा पैदा होने की स्थिति बनी। गर्भ में पानी की कमी देखी गई। इस दौरान इलाज जारी रखा गया। 9वां महीना चढ़ने के 10 दिन बाद ही महिला को एडमिट कराया गया। डॉ. सिंह के नेतृत्व में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. सुजीत निगम, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जगदीश मांदलिया, डॉ. विशाखा की टीम ने महिला की सर्जरी शुरू की।

डॉ. इंदु ने बताया कि 45 मिनट की सर्जरी के बाद गीता बाई ने तीन बच्चों को जन्म दिया। पहले वजन का कम होने से उसे एसएनसीयू में रखा गया। अब मां और बच्चे स्वस्थ हैं। डॉ. इंदु के अनुसार, भारत में एक साथ तीन बच्चों को जन्म देना दुर्लभ घटना है। एक साथ तीन बच्चों को जन्म देने की घटना हजारों में एक होती है। एक साथ तीन बच्चों को जन्म देने वाली महिला को ट्रिप्लेट्स या ट्रिपलेट मॉम कहते हैं। 

गीता बाई ने पहली बच्ची को 5.28 बजे जन्म दिया, इसके एक मिनट बाद 5.29 बजे दूसरे बेटे और 5.30 बजे तीसरी बेटी को जन्म दिया। तीनों बच्चों में एक का वजन 1500 ग्राम, दूसरे का 1800 ग्राम और तीसरे का 1900 ग्राम है। महिला के पति धन्नालाल ने कहा- ईश्वर ने एक साथ तीन बच्चों का बड़ा तोहफा दिया है। दो साल पहले हमने अपना बेटा खोया था। तीन साल बाद एक साथ तीन किलकारी गुजने से खुशी है। वहीं मां ने कहा की भोलेनाथ ने मेरी मन्नत पूरी कर दी। मैं बहुत खुश हूं।

डॉ. इंदु ने कहा- मेरे 15 साल के कॅरियर में यह पहला मौका था जब तीनों बच्चे स्वस्थ पैदा हुआ। हजारों में कोई एक केस ऐसा होता है कि गर्भ में एक साथ तीन बच्चे आते हैं लेकिन जन्म लेने के दौरान ट्विन्स या सिंगल रह जाते हैं। ट्रिप्लेश प्रेग्नेंसी होना और बच्चों का स्वस्थ जन्म लेना रेयर केस है। ऐसे केस में महिला को 9 महीने तक मैनेज करना आसान नहीं होता है। सिजेरियन प्रक्रिया में 45 मिनट का समय लगा। तीनों बच्चे और मां स्वस्थ हैं। इन्हें एक दो दिन में डिस्चार्च कर दिया जायेगा।

रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव