फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशभोजशाला में ASI को सर्वे के लिए और 8 हफ्ते की मोहलत, मुस्लिम पक्ष को झटका

भोजशाला में ASI को सर्वे के लिए और 8 हफ्ते की मोहलत, मुस्लिम पक्ष को झटका

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार भोजशाला मामले में एएसआई की याचिका को स्वीकार कर ली है। अदालत ने एएसआई को सर्वे का काम पूरा करने के लिए आठ हफ्ते का वक्त दिया है। पढ़ें यह रिपोर्ट...

भोजशाला में ASI को सर्वे के लिए और 8 हफ्ते की मोहलत, मुस्लिम पक्ष को झटका
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,धारMon, 29 Apr 2024 08:00 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने धार के भोजशाला में चल रहे वैज्ञानिक सर्वे को पूरा करने के लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की याचिका स्वीकार करते हुए उसे और आठ हफ्ते का वक्त दे दिया है। ASI ने अदालत से भोजशाला परिसर के वैज्ञानिक सर्वेक्षण को पूरा करने के लिए और आठ हफ्ते का समय मांगा था। अब एएसआई को 8 जुलाई तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी। अदालत ने मुस्लिम पक्ष याचिका को खारिज कर दिया है। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रोकने की मांग की थी।

अतिरिक्त समय दिए जाने की मांग
एएसआई की ओर से इंदौर बेंच को बताया गया कि परिसर के मौजूदा स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए सर्वे किया जा रहा है। यह एक धीमी प्रक्रिया है। सर्वे में जीपीआर मशीन का उपयोग होना है। पहले 6 हफ्ते का समय दिया गया था। इस दौरान मशीन का उपयोग नहीं हुआ है। इसके लिए ज्योग्राफिकल रिसर्च इंस्टीटयूट ऑफ इंडिया एनजीजआरआई से संपर्क किया गया है। मशीन का उपयोग करने के लिए और समय की जरूरत है। 

इन बिंदुओं पर हो रहा सर्वे
1. भोजशाला के पूरे परिसर का सर्वे और उत्खनन वैज्ञानिक पद्धति से होगा। 
2. GPS GPR तकनीक के साथ कार्बन डेटिंग एवं अन्य तकनीक से करने का आदेश। 
3. भोजशाला परिसर की बाउंड्रीवाल से 50 मीटर की दूरी तक सर्वे किया जाएगा। 
4. वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी की निगरानी में सर्वे होगा। 
5. उत्खनन एवं सर्वे की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। 
6. परिसर के बंद पड़े कमरों, खुले परिसर और सभी खम्बों का विस्तार से सर्वे होगा। 
7. उत्खनन सर्वे की रिपोर्ट 6 हफ्ते में प्रस्तुत करने के बाद आठ हफ्ते का समय दिया है।

मुस्लिम पक्ष को झटका
मुस्लिम पक्ष की ओर से सर्वे पर रोक लगाए जाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की याचिका निरस्त करते हुए कहा कि यदि आपको कुछ गलत लगता है तो आप सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रख सकते हैं। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि एएसआई को पूरी निष्पक्षता से काम करना चाहिए। वहीं हिंदू पक्ष का मानना है भोजशाला परिसर में सर्वे पूरा करने के लिए एएसआई को अतिरिक्त समय दिए जाने से विवादित स्मारक की असलियत सामने आ सकती है।  

रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव