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Hindi News मध्य प्रदेशकोर्ट में दखल चाहते थे; आखिरी दिन चीफ जस्टिस साहब ने 'दुश्मनों' को भी सुना डाला

कोर्ट में दखल चाहते थे; आखिरी दिन चीफ जस्टिस साहब ने 'दुश्मनों' को भी सुना डाला

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमथ ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन विदाई भाषण में कई ऐसी बातें कहीं जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने कोर्ट में दखल की कोशिश की।

कोर्ट में दखल चाहते थे; आखिरी दिन चीफ जस्टिस साहब ने 'दुश्मनों' को भी सुना डाला
Sudhir Jhaलाइव हिन्दुस्तान,भोपालTue, 28 May 2024 11:42 AM
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मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रवि मलिमथ ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन विदाई भाषण में कई ऐसी बातें कहीं जिसकी अब खूब चर्चा हो रही है। अपने 'मन की बात' सबके सामने रखते हुए जज साहब ने कहा कि उनके दुश्मन बहुत हैं, लेकिन उन्हें इस बात पर गर्व है। उन्होंने यह भी कहा कि वह संविधान के प्रति जवाबदेह हैं किसी व्यक्ति के प्रति नहीं। 

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, मलिमथ ने अपने फेयरवेल स्पीच में कहा कि कुछ नैतिक रूप से भ्रष्ट और पतित लोगों ने उनके करियर पर बुरा असर डालने के लिए महीनों और सालों तक कोशिश की। जस्टिस मलिमथ ने कहा, 'कुछ लोग हैं जिन्होंने महीनों और सालों तक मेरे करियर पर नकारात्मक असर डालने के लिए कोशिश की। लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे क्योंकि मैंने जो किया वह दूसरे चीफ जस्टिस या जज नहीं कर सके।'

जज साहब ने आगे कहा, 'वे कभी मेरी उपलब्धियों का मुकाबला नहीं कर पाएंगे, चाहें जितनी भी कोशिश कर लें। मैं इस पड़ाव पर  बहुत कुछ कह सकता हूं, मैं नाम दे सकता हूं जो अखबारों में सुर्खियां बन सकती हैं। मेरे विरोधी भी चिंतित होंगे और घबराहट के साथ देख रहे होंगे कि मैं फेयरवेल स्पीच में क्या कहता हूं।' उन्होंने ने आगे कहा कि नैतिक दिवालिया, पतित और बेईमान लोग चर्चा के लायक नहीं है। चीफ जस्टिस ने कहा, 'निश्चित तौर पर वे मेरे समय लायक नहीं है। मैंने संविधान की सेवा की। मैंने अपनी कीमत पर भी सही चीज करने का फैसला किया, क्योंकि यह एक जज से अपेक्षा की जाती है।'

उन्होंने कहा, 'मुझे चीफ जस्टिस बनाने के लिए कर्नाटक से उत्तराखंड ट्रांसफर किया गया, लेकिन नहीं बनाया गया। फिर मुझे उत्तराखंड से हिमाचल भेजा गया। लेकिन वहां भी नहीं। तब मुझे मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में चीफ जस्टिस बनाया गया। ट्रांसफर मुझे संभवत: परेशान करने के लिए किए गए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मैंने इसके उलट किया।' रवि मलिमथ ने कहा कि उन्होंने कोर्ट को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करने की इच्छा रखने वाले 9 या 90 लोगों की बजाय मध्य प्रदेश की 9 करोड़ जनता की सेवा का फैसला किया। 

चीफ जस्टिस ने कहा, 'मेरे कार्यकाल के दौरान कई लोगों ने कोर्ट के कामगाज को प्रभावित करने की कोशिश की। मैंने हर किसी को इससे दूर रखा। केवल और केवल संस्थान के लिए। मैं यही करूंगा।' मलिमथ ने अपनी उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में 65,600 केसों का निपटारा किया। उन्होंने कहा, 'यह किसी भी जज या चीफ जस्टिस की ओर से किए गए निपटारों में संभवत: सबसे अधिक केसों में है।'