फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशMP में पढ़ाया जाएगा भगवान राम व कृष्ण का जीवन, प्रदेश से उनका रिश्ता भी बताएंगे

MP में पढ़ाया जाएगा भगवान राम व कृष्ण का जीवन, प्रदेश से उनका रिश्ता भी बताएंगे

कांग्रेस ने कहा, 'राम और कृष्ण हमारे लिए प्रेरणा हैं और छात्रों को उनके बारे में पढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन भारत वह देश है, जहां जैन, बुद्ध व अन्य धर्मों का भी विकास हुआ, उनके बारे में भी पढ़ाना चाहिए।

MP में पढ़ाया जाएगा भगवान राम व कृष्ण का जीवन, प्रदेश से उनका रिश्ता भी बताएंगे
mp cm mohan yadav
Sourabh Jainहिन्दुस्तान टाइम्स,श्रुति तोमर, भोपालFri, 21 Jun 2024 11:10 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्य प्रदेश सरकार भगवान राम और श्रीकृष्ण के जीवन और कर्म को पाठ्यक्रम में शामिल करके स्कूल और कॉलेजों में पढ़ाएगी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को उच्च शिक्षा और धार्मिक विभाग की समीक्षा के बाद यह घोषणा की। वैसे यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश सरकार उन्हें पाठ्यक्रम में शामिल करने जा रही है। इससे पहले साल 2015 में राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने स्कूलों में गीता को शामिल करने की घोषणा की थी, लेकिन विरोध के बाद ऐसा नहीं हुआ। बाद में 2022 में उच्च शिक्षा मंत्री रहे मोहन यादव ने रामायण और गीता को वैकल्पिक विषय के रूप में पेश किया था।

अब एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'छात्रों को भगवान राम और भगवान कृष्ण के चरित्र के बारे में पढ़ाया जाएगा ताकि छात्रों को उनसे सीखने के लिए प्रेरित किया जा सके।' इसके साथ ही छात्र-छात्राओं को मध्य प्रदेश के साथ उनके संबंधों के बारे में भी पढ़ाया जाएगा। 

एक अन्य अफसर ने कहा, 'मध्य प्रदेश सरकार राम वन गमन पथ और कृष्ण गमन पथ भी विकसित करने जा रही है। साथ ही छात्रों को गर्व महसूस कराने के लिए यह भी पढ़ाया जाएगा कि मध्य प्रदेश वह भूमि है, जहां भगवान राम ने वनवास के दौरान कई साल बिताए थे और भगवान कृष्ण ने उज्जैन के सांदीपन आश्रम में शिक्षा ली थी।' इसके अलावा सीएम मोहन यादव ने छात्र-छात्राओं को नौकरी पाने में मदद करने के लिए कृषि, विमानन और अन्य विषयों से संबंधित पाठ्यक्रम भी शामिल करने की घोषणा की। 

हालांकि, कांग्रेस ने मांग की कि सभी धर्मों के सभी महत्वपूर्ण चरित्रों को पढ़ाया जाना चाहिए। इस बारे में  मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अनंत जाट ने कहा, 'भगवान कृष्ण और भगवान राम हमारे लिए प्रेरणा हैं और छात्रों को उनके बारे में पढ़ाया जाना चाहिए, लेकिन राज्य सरकार को एजेंडे के लिए ऐसा नहीं करना चाहिए। भारत वह देश है, जहां जैन, बुद्ध, आर्य समाज और अन्य धर्मों का विकास हुआ, इसलिए राज्य सरकार को भी उनके बारे में पढ़ाया जाना चाहिए।'

हालांकि, भाजपा ने इस फैसले का स्वागत किया। भाजपा के प्रवक्ता हितेश बाजपेयी ने कहा, 'भगवान राम और कृष्ण के संबंध के बारे में पढ़कर मध्य प्रदेश के निवासियों को गर्व महसूस होगा। इससे छात्रों का मजबूत चरित्र बनेगा, इसलिए हम इस फैसले से खुश हैं।'