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प्रद्युम्न सिंह तोमर का अनोखा अंदाज; हर घर से एक रुपया और खाना मांगकर खा रहे ऊर्जा मंत्री

प्रद्युम्न सिंह तोमर का अनोखा अंदाज; हर घर से एक रुपया और खाना मांगकर खा रहे ऊर्जा मंत्री

संक्षेप:

अपने अनोखे अंजाद को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी चर्चा के केंद्र में हैं। क्या है इसकी वजहें इस रिपोर्ट में जानें...

Oct 18, 2023 09:06 pm ISTKrishna Bihari Singh लाइव हिंदुस्तान, ग्वालियर
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MP Vidhan Sabha Election 2023: कांग्रेस ने ग्वालियर में अभी अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है लेकिन भाजपा ने अपने मौजूदा विधायक और प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर को मैदान में उतार दिया है। अपनी अलग शैली के लिए चर्चा में बने रहने वाले तोमर ने अपना चुनाव प्रचार भी अपने ही अंदाज में शुरू किया है। तोमर वोट मांगते समय हर घर से एक रुपया मांग रहे हैं। वह भोजन का समय होने पर किसी के भी घर से खाना मांगकर खा रहे हैं।

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बीजेपी प्रत्याशी तोमर सुबह ही अपने समर्थकों के साथ अपने ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में डोर टू डोर जनसंपर्क पर निकल जाते हैं। वे हर घर पर मिलने वाले बुजुर्गों और महिलाओं के चरण छूकर आशीर्वाद मांगते हैं। फिर चुनाव के लिए एक रुपया मांगते हैं। तोमर इसे क्षेत्र के लोगों का आशीर्वाद मानते हैं। वह कहते हैं कि उनका चुनाव सदैव क्षेत्र की जनता लड़ती है और यह राशि उसी की प्रतीक है।

प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा- मैं संकल्प लेता हूं कि इस एक रुपये का ब्याज अवश्य चुकाऊंगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने प्रचार अभियान के दौरान खाना-पानी साथ लेकर नहीं चलते वरन लोगों से मांगकर ही पीते है। वह भोजन का समय होने पर किसी के भी घर से खाना मांगते हैं और वहीं जमीन पर बैठकर भोजन करते हैं। वह बुधवार को जनसंपर्क करते हुए जब त्रिवेणी बाथम के घर पर पहुंचे तो पूछा कि खाना बन गया हो तो दे दो। इसके बाद उन्होंने उनके आंगन में बैठकर थाली में भोजन किया।

प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। इसको लेकर वह अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। एकबार जब उनके क्षेत्र में नालों की सफाई नहीं हुई तो मंत्री होते हुए भी वह खुद नालों की सफाई करने उतर गए थे। इसी तरह अपने विधानसभा क्षेत्र में खुदी सड़कों का निर्माण समयसीमा के भीतर नहीं हो पाने से नाराज होकर उन्होंने सड़कें नहीं बनने तक जूते चप्पल नहीं पहनने का ऐलान कर सबको चौंका दिया था। उनका तर्क था जब जनता गड्ढों वाली सड़कों पर चल सकती है तो मैं नंगे पांव ऐसी सड़कों पर चलकर लोगों की पीड़ा का अहसास क्यों न करूं।

इनपुट- अमित गौर

Krishna Bihari Singh

लेखक के बारे में

Krishna Bihari Singh
पत्रकारिता में करीब 14 वर्षों से केबी उपनाम से पहचान रखने वाले कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह लोकमत, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। मूलरूप से यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में पत्रकारिता कर चुके हैं। लॉ और साइंस से ग्रेजुएट केबी ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमफिल किया है। वह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। और पढ़ें
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