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Hindi News मध्य प्रदेशभाजपा की बंपर जीत लेकिन सिंधिया कैंप को बड़ा झटका, समधी से फिर हार गईं इमरती देवी

भाजपा की बंपर जीत लेकिन सिंधिया कैंप को बड़ा झटका, समधी से फिर हार गईं इमरती देवी

MP Election Result: ग्वालियर जिले डबरा विधानसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ा झटका लगा है। उनकी कट्टर समर्थक कहीं जाने वाली इमरती देवी को एक बार फिर अपने समधी से हार गईं।

भाजपा की बंपर जीत लेकिन सिंधिया कैंप को बड़ा झटका, समधी से फिर हार गईं इमरती देवी
Abhishek Mishraलाइव हिन्दुस्तान,ग्वालियरMon, 04 Dec 2023 09:27 AM
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MP Election Result: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जोरदार जीत दर्ज की है। सूबे में कई जिलों में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया। शिवराज और मोदी का सियासी मैजिक का असर साफ़ तौर पर जीत का सबसे बड़ा फैक्टर माना जा रहा है। इस प्रचंड लहर में भी भाजपा के कई फेमस और कद्दावर नेता फिसड्डी ही साबित हुए हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कैंप की करीबी इमरती देवी चुनाव हार गई हैं।

ग्वालियर जिले की 6 विधानसभाओं में से सबसे ज्यादा ट्रेंडिंग कर रही डबरा विधानसभा सीट पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को बड़ा झटका लगा है। क्योंकि उनकी कट्टर समर्थक कहीं जाने वाली इमरती देवी को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा है। इमरती देवी को उनके समधी सुरेश राजे ने लगभग 3000 से अधिक वोटों से हरा दिया।

ग्वालियर की डबरा विधानसभा से सिंधिया समर्थक इमरती देवी ने भाजपा की ओर से चुनाव लड़ा था और जीत का दम भरा था तो वहीं भाजपा के विरोध में कांग्रेस ने सुरेश राज को मैदान में उतारा था। यह तीसरा मौका था जब यह दोनों प्रत्याशी प्रतिद्वंद्वी के रूप में एक दूसरे के सामने खड़े थे लेकिन बड़ी बात यह है कि जिस प्रकार दोनों पार्टियों ने प्रत्याशियों को रिपीट किया था उसी तरह से जनमत ने भी अपने परिणामों को ही रिपीट कर दिया। इमरती देवी को कांग्रेस के सुरेश राजे ने 3368 मतों से हरा दिया।

डबरा विधानसभा सीट हमेशा से ही कांग्रेस की पक्षधर मानी गई है जिसके रिजल्ट कांग्रेस के खाते में ही गए हैं। इमरती देवी जब कांग्रेस में थीं तो इसी सीट से विपक्ष में रहते हुए विधायक रहीं थीं। 2018 में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के दौरान भी वह इसी सीट से विधायक बनीं थीं। उन्हें मंत्री पद भी दिया गया था लेकिन 2020 में वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा में शामिल हो गई थीं। इसके बाद उन्होंने जब उपचुनाव लड़ा तब भाजपा में रहते हुए चुनाव हार गई थीं। वहीं इसके उलट सुरेश राजे भाजपा से कांग्रेस में पहुंचे थे और 2020 में इमरती देवी के खिलाफ चुनाव लड़े और चुनाव जीते भी थे। वही स्थिति 2023 में भी देखने को मिली। बता दें कि सुरेश राजे और इमरती देवी का रिश्ता समधी और समधिन का है।

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