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Hindi News मध्य प्रदेशदमोह रेलवे स्टेशन पर क्रूरता, ढाई महीने के बच्चे को पीटकर मार डाला, दंपति पर भी हमला

दमोह रेलवे स्टेशन पर क्रूरता, ढाई महीने के बच्चे को पीटकर मार डाला, दंपति पर भी हमला

दमोह रे लवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक अज्ञात बदमाश ने मां की गोद में सो रहे ढाई महीने के बच्चे को पीट-पीटकर मार डाला। दंपति का आरोप है उसने जीआरपी के एक पुलिसकर्मी से मदद मांगी लेकिन उसने मदद नहीं की।

दमोह रेलवे स्टेशन पर क्रूरता, ढाई महीने के बच्चे को पीटकर मार डाला, दंपति पर भी हमला
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Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,दमोहSat, 08 Jun 2024 03:36 PM
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मध्य प्रदेश के दमोह रेलवे स्टेशन पर शनिवार तड़के एक अज्ञात शख्स ने एक दंपत्ति पर हमला कर उनके ढाई महीने के बच्चे की पीट-पीटकर हत्या कर दी। राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) चौकी प्रभारी महेश कोरी ने इस दिल दहला देने वाली घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दंपति ट्रेन से उतर कर दिन निकलने का इंजार कर रहे थे उसी दौरान सुबह करीब पांच बजे अज्ञात बदमाश ने उन पर हमला कर दिया। पीड़ित दंपति का आरोप है कि उसने एक जीआरपी पुलिसकर्मी से मदद मांगी लेकिन उसने मदद नहीं की।

दिन निकलने का कर रहे थे इंतजार
अधिकारी ने बताया कि दमोह के मडियादो थाना के घोघरा गांव में रहने वाले लेखराम आदिवासी (21) शनिवार की सुबह गोंडवाना एक्सप्रेस से अपनी पत्नी रामसखी और ढाई माह के बच्चे शिवम के साथ दमोह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 2 पर उतरे थे। उनके बच्चे की तबीयत खराब थी। दोनों उसे दमोह में किसी डॉक्टर को दिखाने के लिए ट्रेन से उतरे थे। चूंकि अभी अंधेरा था इसलिए दोनों दिन निकलने का इंतजार करने लगे। 

हमले में बच्चे की मौके पर ही मौत
दोनों प्लेटफार्म नंबर एक पर बच्चे के साथ बैठे थे। कुछ देर बाद लेखराम अपने भाई से फोन पर बात करने लगे। उन्होंने दमोह आने की जानकारी अपने भाई को दी। इसी दौरान काले रंग का कुर्ता पहने एक शख्स आया और मां की गोद में सो रहे बच्चे को छीनकर मारपीट शुरू कर दी। उसने बच्चे की मां को भी पीटना शुरू कर दिया। लेखराम बचाव करने पहुंचा तो आरोपी ने उसको भी पीटा। इस हमले में बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिसकर्मी पर आरोप
वारदात के संबंध में हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित लेखराम दिल्ली में मजदूरी करता है। वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ गोंडवाना एक्सप्रेस से दिल्ली से आया था। दोनों मडियादोह गांव जा रहे थे, लेकिन बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण दमोह स्टेशन पर उतर गए। दोनों बच्चे को दिखाने के लिए उसे जिला अस्पताल ले जाना चाहते थे लेकिन उससे पहले उनके साथ वारदात हो गई। दंपति का आरोप है कि हमले के वक्त उन्होंने जीआरपी के एक पुलिसकर्मी से मदद मांगी लेकिन उसने मदद नहीं की।  

सीसीटीवी फुटेज की जांच
अधिकारी ने बताया कि हमले में बच्चे की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जीआरपी कर्मी परिवार को बचाने नहीं आया जिसकी वजह से उन्हें पुलिस हेल्पलाइन पर फोन करना पड़ा। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। इस वारदात के बाद दमोह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोपी पुलिसकर्मी की भूमिका की भी छानबीन हो रही है।