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Hindi News मध्य प्रदेशMP में कांग्रेस को मजबूत करने में नाकाम रही भारत जोड़ो यात्रा, रूट की सिर्फ चार सीटों पर जीती कांग्रेस

MP में कांग्रेस को मजबूत करने में नाकाम रही भारत जोड़ो यात्रा, रूट की सिर्फ चार सीटों पर जीती कांग्रेस

मध्य प्रदेश में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का कोई खास असर देखने को नहीं मिला। दक्षिण भारत में यात्रा मददगार साबित हुई वहीं नॉर्थ में नाकाम रही। बीजेपी को 21 में से 17 सीटों पर जीत मिली।

MP में कांग्रेस को मजबूत करने में नाकाम रही भारत जोड़ो यात्रा,  रूट की सिर्फ चार सीटों पर जीती कांग्रेस
Sneha Baluniपीटीआई,भोपालMon, 04 Dec 2023 10:46 AM
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मध्य प्रदेश में जनता ने बीजेपी को छप्परफाड़ सीटें दी हैं। वहीं तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस को अच्छे परिणाम नहीं मिले। पार्टी को राहुल की भारत जोड़ो यात्रा से काफी उम्मीद थीं क्योंकि दक्षिण भारत में इसका परिणाम सभी ने देखा है। यात्रा की वजह से पार्टी को सत्ता की चाबी मिली है। राज्य की 21 सीटों से राहुल की यात्रा निकली थी जिसमें से सिर्फ चार पर कांग्रेस को जीत मिली है। बाकी की 17 सीटें बीजेपी के खाते में गईं। 2018 क विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने इनमें से 14 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस सात सीटों पर विजयी रही थी। इस बार, बीजेपी ने अपनी सीटों की संख्या बढ़ाकर 17 कर ली और कांग्रेस चार सीटों पर सिमट गई।

यात्रा वाली किन सीटों पर जीती बीजेपी-कांग्रेस

बीजेपी ने बुरहानपुर जिले की बुरहानपुर (अर्चना चिटनिस) और नेपानगर (मंजू दादू) विधानसभा सीटें जीत लीं। बुरहानपुर सीट 2018 में निर्दलीय उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह शेरा ने जीती थी, जो 2023 में कांग्रेस के उम्मीदवार थे। नेपानगर सीट 2018 में कांग्रेस की सुमित्रा कास्डेकर ने जीती थी, लेकिन उन्होंने पाला बदल लिया और 2020 के उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनी गईं। बीजेपी ने यह सीट बरकरार रखी है। बीजेपी के नारायण पटेल और छाया मोरे ने क्रमश: मांधाता और पंधाना से जीत हासिल की। 2018 में पंधाना सीट से बीजेपी के राम दांगोरे ने जीत हासिल की थी, जबकि मांधाता सीट से कांग्रेस के नारायण पटेल जीते थे। हालांकि, पटेल बाद में बीजेपी में चले गए और 2020 का उपचुनाव जीत गए। उन्हें सत्तारूढ़ पार्टी ने फिर से टिकट देकर उम्मीदवार बनाया।

खरगोन जिले में भारत जोड़ो यात्रा बड़वाह और भीकनगांव विधानसभा सीटों से होकर गुजरी। बड़वाह से बीजेपी के सचिन बिड़ला जीते तो भीकनगांव से कांग्रेस की झूमा सोलंकी विजयी रहीं। 2018 में दोनों सीटें कांग्रेस ने जीती थीं। बड़वाह विधायक सचिन बिड़ला बाद में बीजेपी में शामिल हो गए थे। यात्रा इंदौर जिले की सभी आठ सीटों पर पहुंची। इन सभी सीटों पर बीजेपी विजयी रही। बीजेपी की उषा ठाकुर और मधु वर्मा क्रमश: महू और राऊ से जीतीं। इंदौर-1, इंदौर-2, इंदौर-3, इंदौर-4 और इंदौर-5 पर बीजेपी के उम्मीदवार जीते।
    
इंदौर-1 सीट से बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने मौजूदा विधायक संजय शुक्ला को हराकर जीत हासिल की। बीजेपी के रमेश मेंदोला (इंदौर-2), गोलू शुक्ला (इंदौर-3), मालिनी गौड़ (इंदौर-4) और महेंद्र हार्डिया (इंदौर-5) भी जीते। बीजेपी के तुलसी सिलावट, जो 2020 में कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हो गए थे, सांवेर सीट से जीते। पिछले साल 4 दिसंबर को राजस्थान में प्रवेश करने से पहले, भारत जोड़ो यात्रा ने आगर मालवा जिले की आगर मालवा और सुसनेर विधानसभा सीटों को कवर किया था। आगर मालवा सीट पर बीजेपी के माधव सिंह और सुसनेर सीट पर कांग्रेस के भैरो सिंह विजयी हुए।
    
घट्टिया से बीजेपी के सतीश मालवीय और तराना सीट से कांग्रेस के महेश परमार जीते। महिदपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के दिनेश जैन जीते।
2018 में, उज्जैन जिलों की पांच में से चार सीटें बीजेपी ने जीतीं, कांग्रेस को केवल एक पर जीत मिली। यात्रा के मध्य प्रदेश में कवर किए गए मार्ग पर कांग्रेस ने जो चार सीटें जीतीं, वे भीकनगांव, तराना, महिदपुर और सुसनेर हैं। दरअसल, कांग्रेस नेताओं ने दावा किया है कि इस साल मई में कर्नाटक में कांग्रेस की जीत का कारण भारत जोड़ो यात्रा थी।

दक्षिण में मददगार हिंदी पट्टी में नाकाम

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई वाली 'भारत जोड़ो यात्रा' ने पार्टी कार्यकर्ताओं एवं संगठन में नई उर्जा का संचार किया, हालांकि इसका चुनावी असर अब तक मिला-जुला ही रहा है। यात्रा के बाद हुए कर्नाटक और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कामयाबी मिली तो वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में हार का सामना करना पड़ा। यह यात्रा इन चारों राज्यों से होकर गुजरी थी। कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी हार गई लेकिन यात्रा इस राज्य से होकर नहीं गुजरी थी। कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता का एक बड़ा श्रेय 'भारत जोड़ो यात्रा' को दिया था। 'भारत जोड़ो यात्रा' जिन 20 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरी थी, उनमें से 15 में कांग्रेस को जीत हासिल हुई।

यात्रा कई दिनों तक मध्य प्रदेश और राजस्थान में रही थी, लेकिन इसका चुनावी असर ज्यादा नहीं हुआ। पूर्व कांग्रेस नेता और राजनीतिक टिप्पणीकार संजय झा ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों के लिए 'परिवर्तनकारी रही है। उन्होंने पीटीआई से कहा, 'इस यात्रा ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रेरित करने में मदद की। राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के आज के नतीजे हमें बताते हैं कि बढ़ते हिंदुत्व की धारा अब अधिक स्पष्ट हो रही है....दुर्भाग्य से, न तो कांग्रेस और न ही विपक्ष ने बीजेपी के धार्मिक कार्ड का जवाब देने की कोशिश की है।'

बता दें कि राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस ने पिछले साल सात सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से 'भारत जोड़ो यात्रा' निकाली थी। करीब 4 हजार किलोमीटर की पदयात्रा का इस साल 30 जनवरी को श्रीनगर में समापन हुआ था।

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