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Hindi News मध्य प्रदेशयूपी वाले फॉर्मूले पर MP में विभागों का बंटवारा, कौन सा बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहा केंद्र?

यूपी वाले फॉर्मूले पर MP में विभागों का बंटवारा, कौन सा बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहा केंद्र?

उत्तर प्रदेश के एक सीएम और दो डिप्टी सीएम वाले फॉर्मूले पर मध्य प्रदेश सरकार का गठन करने के बाद अब विभागों को सौंपने में भी काफी हद तक इसी फॉर्मूले को तवज्जो दी गई है। कैसे, आइए जानते है।

यूपी वाले फॉर्मूले पर MP में विभागों का बंटवारा, कौन सा बड़ा संदेश देने की कोशिश कर रहा केंद्र?
Aditi Sharmaलाइव हिंदुस्तान,नई दिल्लीSun, 31 Dec 2023 11:41 AM
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मध्य प्रदेश में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा कर दिया गया है। इसमें दोनों डिप्टी सीएम और 28 मंत्रियों को विभाग सौंप दिए गए हैं। हालांकि विभाग बंटवारों में काफी हद तक उत्तर प्रदेश वाले फॉर्मूले की झलक दिखाई दी। पहले उत्तर प्रदेश की तर्ज पर एक मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्री के फॉर्मूले पर सरकार का गठन किया गया। अब विभागों के बंटवारे में भी काफी हद तक यूपी फॉर्मूला नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश में गृह विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पास ही रखा है। इसी तरह मध्य प्रदेश में भी गृह विभाग सीएम मोहन यादव के पास ही है।  ये पहली बार है जब बीजेपी की सरकार में गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है। इससे पहले शिवराज सिंह चौहान समेत अन्य मुख्यमंत्रियों ने गृह विभाग कभी अपने पास नहीं राखा।

 गृह विभाग के अलावा तीन अन्य बड़े विभाग भी मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास ही हैं।  मोहन यादव ने अपने पास सामान्य प्रशासन, गृह, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज साधन, लोकप्रबंधन, प्रवासी भारतीय विभाग रखे हैं. इनके अलावा ऐसे सभी विभाग जो किसी अन्य मंत्री  को नहीं सौंपे गए हैं, वो भी सीएम के पास ही रहेंगे. वहीं बात करें पिछली सरकार में सीएम शिवराज सिंह चौहान की तो उनक पास सामान्य प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग औक लोकसेवा परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग था। 

केंद्र ने दिया बड़ा संदेश

विभागों के बंटवारे को देखते हुए माना ये भी जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इसके जरिए बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। दरअसल इस बार कैबिनेट में कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और राकेश सिंह जैसे कई दिग्गज नेता भी शामिल है। ऐसे में कौन सा विभाग किसको देना है, इस बात का फैसला लेने में इस बार केंद्र की बड़ी  भूमिका थी। मुख्यमंत्री को चार बड़े विभाग सौंपकर केंद्र ने भी यही संदेश देने की कोशिश की है कि कैबिनेट में भले ही कई दिग्गज नेता मौजूद हो, लेकिन  सरकार में सबसे ताकतवर मुख्यमंत्री मोहन यादव भी रहेंगे। विभागों का बंटवारा करने की घोषणा की शुक्रवार को की गई थी। इससे पहले सीएम मोहन ने दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपीनड्डा से मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि इस बैठक में विभागों के बंटवारे को लेकर ही चर्चा हुई थी। 

दोनों उपमुख्यमंत्रियों को कौन-कौन से विभाग

मुख्यमंत्रियों के अलावा उपमुख्यमंत्रियों को भी बड़े विभाग सौंपे गए हैं। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को वित्त, वाणिज्यिक कर, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग सौंपा गया है जबकि दूसरे उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण और चिकित्सा शिक्षा विभाग सौंपा गया है। 
 

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