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हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेशमिशन 2023 : वचन पत्र के साथ आरोप पत्र भी लाएगी कांग्रेस, भाजपा को घेरने के लिए विपक्ष का मास्टरप्लान

मिशन 2023 : वचन पत्र के साथ आरोप पत्र भी लाएगी कांग्रेस, भाजपा को घेरने के लिए विपक्ष का मास्टरप्लान

2018 में कांग्रेस ने वचन पत्र जारी किया था। बताया जा रहा है कि इस बार भी वचन पत्र तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस बार कांग्रेस वचन पत्र के साथ-साथ एक और पत्र जाने जा रही है।

मिशन 2023 : वचन पत्र के साथ आरोप पत्र भी लाएगी कांग्रेस, भाजपा को घेरने के लिए विपक्ष का मास्टरप्लान
Suyash Bhattलाइव हिंदुस्तान,भोपालFri, 28 Oct 2022 04:49 PM

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मध्य प्रदेश में आगामी 2023 विधानसभा चुनाव के लिए तैयारियां तेज हो गई है। दोनों ही मुख्य राजनीतिक पार्टियां अपने तरीके से तैयारियों में जुट गई है। ऐसे में कांग्रेस ने भाजपा को दुबारा हराने के लिए एक मास्टरप्लान बनाया है। 2018 में कांग्रेस को जिस फॉर्मूले के तहत जीत मिली थी, 2023 में भी उसी फॉर्मूले को लागू करने की तैयारी है।

दरअसल 2018 में कांग्रेस ने वचन पत्र जारी किया था। बताया जा रहा है कि इस बार भी वचन पत्र तैयार किया जा रहा है। लेकिन इस बार कांग्रेस वचन पत्र के साथ-साथ एक और पत्र जाने जा रही है। जिसकी जानकारी खुद कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने दी है। 

इस बार भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस वचन पत्र के साथ-साथ मध्य प्रदेश में आरोप पत्र भी जारी करेगी। इसकी जानकारी देते हुए सज्जन सिंह वर्मा ने बताया कि वचन पत्र के साथ आरोप पत्र भी तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वचन पत्र जितना जरूरी है आरोप पत्र भी उतना ही जरूरी है। 

पूर्व मंत्री ने बताया कि आरोपी पत्र में भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार ने जो सपने मध्य प्रदेश की जनता, नौजवानों और जो किसानों को दिखाए है उनका उल्लेख होगा। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जो बातें अपने घोषणा पत्र में की थी वह पूरी नहीं हो पाई है। और हम उन बातों को आरोप पत्र में लेंगे।

उन्होंने कहा 16 नगर निगम का वचन पत्र और आरोप पत्र भी अलग बनेगा। दोनों पत्र अलग-अलग बनेंगे, इसकी तैयारियां शुरू कर दी गई है। वहीं 2023 विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस सरकार बनने पर शराबबंदी को लेकर एक कमेटी बनाएंगे जो इसके गुण और दोष दोनों पर विचार करेंगी।  

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वचन पत्र जारी किया था, जिसमें किसान कर्ज माफी का मुद्दा सबसे ऊपर रखा गया था। ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस इस बार फिर उसी वचन पत्र के साथ चुनाव में उतरेगी।