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एमपी सीएम पर फैसला आज; शिवराज पर भरोसा या नए चेहरे पर दाव, विजयवर्गीय के रुख से बढ़ा सस्पेंस

मध्य प्रदेश की कमान किसके हाथ में होगी इसको लेकर सोमवार को फैसला हो जाएगा। भाजपा ने सोमवार को विधायक दल की बैठक बुलाई है। इस बैठक में मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। पढ़ें यह रिपोर्ट...

एमपी सीएम पर फैसला आज; शिवराज पर भरोसा या नए चेहरे पर दाव, विजयवर्गीय के रुख से बढ़ा सस्पेंस
Krishna Singhपीटीआई-एएनआई,भोपालMon, 11 Dec 2023 01:51 AM
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मध्य प्रदेश को कल उसका सीएम मिल सकता है। भाजपा के नवनिर्वाचित विधायक सोमवार को इस मसले पर बैठक करेंगे। विधायक दल की बैठक में नेता का चुनाव किया जाएगा। बैठक सोमवार शाम 4 बजे शुरू होने की उम्मीद है। शाम 7 बजे तक सीएम के नाम की घोषणा हो सकती है। इस बीच भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) के एक रुख से अटकलें तेज हो गई हैं। विधायक दल की बैठक से एक दिन पहले ही विजयवर्गीय अचानक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने सीएम आवास पहुंच गए।

विजयवर्गीय ने शिवराज सिंह चौहान को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया। इस मुलाकात के कई मायने निकाले जाने लगे हैं। साथ ही सस्पेंस बढ़ गया है कि क्या भाजपा सीएम पद पर शिवराज के चेहरे पर ही भरोसा जताएगी या किसी नए चेहरे को आजमाएगी।

सनद रहे सूबे में कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी की जीत के तुरंत बाद एक बयान देकर चौंका दिया था। विजयवर्गीय ने कहा था कि भाजपा की जीत के पीछे मोदी मैजिक है। उन्होंने लाडली बहना योजना को जीत का क्रेडिट देने से इनकार करते हुए सवाल किया था कि क्या लाडली बहना योजना छत्तीसगढ़, राजस्थान में थी? छत्तीसगढ़ की जीत तो बहुत बड़ी है। विजयवर्गीय ने शिवराज के योगदान पर भी बात नहीं की थी।  

इस बीच भाजपा विधायक राधा सिंह का कहना है कि सभी विधायकों ने सीएम पद पर फैसला कर लिया है। हमारी इच्छा पुराने वालों में से ही है। मैं चाहती हूं कि शिवराज सिंह चौहान सीएम बनें... हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ जो चाहेंगे वही होगा। 

पार्टी के केंद्रीय पर्यवेक्षकों में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, ओबीसी मोर्चा के प्रमुख के. लक्ष्मण और सचिव आशा लाकड़ा शामिल हैं। पर्यवेक्षकों के सुबह 11 बजे भोपाल पहुंचने की उम्मीद है। एक विधायक ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए कहा- हमें दोपहर 1 बजे दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया गया है। बैठक शाम 4 बजे शुरू होगी। साल 2004 के बाद से यह तीसरी बार है जब भाजपा ने मध्य प्रदेश में केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे हैं।

साल 2004 के बाद से यह तीसरी बार है जब भाजपा ने एमपी में केंद्रीय पर्यवेक्षक भेजे हैं। अगस्त 2004 में जब उमा भारती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था तब पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन और अरुण जेटली को राज्य में केंद्रीय पर्यवेक्षकों के रूप में भेजा गया था। इसके बाद नवंबर 2005 में जब बाबूलाल गौर ने सीएम पद छोड़ा था तो विधायकों को नया मुख्यमंत्री चुनने में मदद करने के लिए राजनाथ सिंह को केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया था। उस वक्त शिवराज सिंह चौहान को विधायक दल का नेता चुना गया था। 

इस बार, BJP ने शिवराज सिंह चौहान को अपने सीएम चेहरे के रूप में पेश किए बिना चुनाव लड़ा था। शिवराज सिंह चौहान चार बार से सीएम हैं। वह 2005, 2008, 2013 और 2020 में सीएम पद की शपथ ले चुके हैं। शिवराज सिंह चौहान अन्य पिछड़ा वर्ग से रहे हैं। एमपी में ओबीसी की आबादी करीब 48 फीसदी है। यही वजह है कि शिवराज सिंह चौहान को अभी भी सीएम पद की रेस में प्रमुखता से गिना जा रहा है। सीएम पद की रेस में नरेंद्र तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, वीडी शर्मा और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी माना जा रहा है। तोमर, विजयवर्गीय, शर्मा और सिंधिया पहले ही दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं। 

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