फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशMBA पर्चा लीक कांड, BJP नेता अक्षय कांति बम के महाविद्यालय पर 5 लाख रुपये का जुर्माना

MBA पर्चा लीक कांड, BJP नेता अक्षय कांति बम के महाविद्यालय पर 5 लाख रुपये का जुर्माना

इस महाविद्यालय के अध्यक्ष कारोबारी एवं भाजपा नेता अक्षय कांति बम हैं, जिन्होंने आम चुनाव से ठीक पहले इंदौर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर पर्चा वापस ले लिया था और बीजेपी में चले गए थे

MBA पर्चा लीक कांड,  BJP नेता अक्षय कांति बम के महाविद्यालय पर 5 लाख रुपये का जुर्माना
Nishant Nandanभाषा,इंदौरWed, 12 Jun 2024 09:22 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्यप्रदेश के इंदौर में स्थित देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) ने मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) पाठ्यक्रम का एक पर्चा पिछले महीने लीक होने के मामले में बुधवार को शहर के एक महाविद्यालय पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस महाविद्यालय के अध्यक्ष कारोबारी एवं भाजपा नेता अक्षय कांति बम हैं, जो आम चुनाव से ठीक पहले इंदौर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर पर्चा वापस ले लिया था और भाजपा में शामिल हो गये थे।

अधिकारियों ने बताया कि एमबीए के पहले सेमेस्टर के परिमाणात्मक तकनीकें विषय का प्रश्नपत्र 25 मई को परीक्षा से पहले ही सोशल मीडिया पर आने के मामले में पुलिस ने आइडिलिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के एक कम्प्यूटर ऑपरेटर और इस संस्थान के दो छात्रों को सात जून को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया कि संस्थान की वेबसाइट के मुताबिक यह महाविद्यालय एक समिति द्वारा चलाया जा रहा है। स्थानीय कारोबारी एवं भाजपा नेता अक्षय कांति बम इस महाविद्यालय के अध्यक्ष हैं।

डीएवीवी की कार्यपरिषद की बैठक के बाद कुलपति रेणु जैन ने संवाददाताओं को बताया कि एमबीए पर्चा लीक कांड में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में पुष्टि हुई है कि परीक्षा से पहले गोपनीय प्रश्नपत्र को सुरक्षित रखने में आइडिलिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट ने गंभीर चूक की।

जैन ने बताया, 'हमने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर फैसला किया है कि इस महाविद्यालय पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही, अगले तीन साल तक इस महाविद्यालय को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जाएगा। जहां तक डीएवीवी से महाविद्यालय की संबद्धता खत्म करने पर विचार की बात है, एक समिति इस विषय में फैसला करेगी।'

कुलपति के मुताबिक आइडिलिक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की एक महिला कर्मचारी ने जांच के दौरान माना कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्रों को पुलिस थाने के बजाय इस संस्थान के दफ्तर के लॉकर में रखा जाता था जिसकी चाबी वहीं के एक दराज में रहती थी।

महाविद्यालय के अध्यक्ष बम ने प्रतिक्रिया मांगे जाने पर पीटीआई-भाषा से कहा, 'हमारे महाविद्यालय पर कार्रवाई को लेकर डीएवीवी प्रशासन के फैसले के बारे में हमें मीडिया के समाचारों से ही जानकारी मिली है। महाविद्यालय प्रबंधन को इस बारे में डीएवीवी प्रशासन की ओर से अब तक कोई औपचारिक आदेश नहीं मिला है। ऐसा कोई आदेश मिलने पर हम उचित कदम उठाएंगे।'
 

Advertisement