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हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेश'श्रीमहाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा महाकाल कॉरिडोर, सीएम शिवराज का बड़ा ऐलान

'श्रीमहाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा महाकाल कॉरिडोर, सीएम शिवराज का बड़ा ऐलान

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि लोकार्पण अवसर पर 5 अक्टूबर से गतिविधियां आरंभ होंगी, जो 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल प्रोजेक्ट के लोकार्पण के साथ पूर्ण होंगी।

'श्रीमहाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा महाकाल कॉरिडोर, सीएम शिवराज का बड़ा ऐलान
Vishva Gauravलाइव हिंदुस्तान,उज्जैन।Tue, 27 Sep 2022 01:54 PM

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल परिसर विस्तारीकरण के प्रोजेक्ट का लोकार्पण प्रदेश के जन-जन का कार्यक्रम है। प्रदेशवासी और विशेष कर उज्जैनवासी ही इस आयोजन की बागडोर संभालेंगे। उज्जैन में आयोजित कैबिनेट बैठक में शिवराज ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि महाकाल कॉरिडोर अब 'श्रीमहाकाल लोक' के नाम से जाना जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पण अवसर पर 5 अक्टूबर से गतिविधियां आरंभ होंगी, जो 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महाकाल प्रोजेक्ट के लोकार्पण के साथ पूर्ण होंगी। उज्जैन निवासी हर घर और दुकान में रंगोली और साज-सज्जा करेंगे। बाहर से आने वाले अतिथियों को उज्जैन की सीमा शुरू होते ही उत्साह, उल्लास के साथ भक्ति से परिपूर्ण शिवमय वातावरण का अनुभव होगा। 

कई धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन भी होंगे
सीएम शिवराज ने कहा कि विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भोजन, भंडारे आदि का आयोजन किया जाएगा। आगंतुकों के लिए पेयजल, पार्किंग, ठहरने और आकस्मिक स्थिति में इलाज आदि की व्यवस्था के लिए स्वयंसेवी संस्थाएं अपनी सेवाएं देंगी। उज्जैन में विभिन्न स्थानों पर देश के अलग-अलग अंचलों के नृतक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। चौहान ने कहा कि पूर्ण गरिमा और भव्यता के साथ महाकाल की सवारी निकाली जाएगी, देवस्थानों में कीर्तन, भजन और सुंदरकांड का पाठ होगा।

सीएम ने बताया कि पंडित सुखदेव चतुर्वेदी द्वारा श्लोकों की प्रस्तुति की जाएगी। साथ ही क्षिप्रा आरती, संत-समागम और संतों के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालयों में धर्म संस्कृति के विभिन्न आयामों पर परिसंवाद भी होंगे। कैबिनेट की बैठक में घोषणा की गई कि हवाई पट्टी का विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही क्षिप्रा नदी 12 माह बहती रहे, इसके लिए प्रोजेक्ट की सैद्धान्तिक स्वीकृति दी गई है।