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हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश: भाजपा नेता ने CMHO के छुए पैर, फिर जमकर सुनाई खरी-खोटी; देखें वीडियो

मध्य प्रदेश: भाजपा नेता ने CMHO के छुए पैर, फिर जमकर सुनाई खरी-खोटी; देखें वीडियो

वीडियो में नजर आ रहा है कि मेडिकल अफसर के पैर छूने के बाद अंबाराम कराड़ा कहते हैं, 'लोगों ने कहा है कि डॉक्टर भगवान का रूप होता है। डॉक्टर लोगों का जीवन बचाने का काम करता है। शाजापुर के जिला अस्पताल क

मध्य प्रदेश: भाजपा नेता ने CMHO के छुए पैर, फिर जमकर सुनाई खरी-खोटी; देखें वीडियो
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 07 Apr 2022 03:07 PM

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मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता ने खराब स्वास्थ्य सुविधा को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान भाजपा नेता ने जिला अस्पताल के सीएमएचओ के पैर छुए और उनसे बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुविधाएं उपबल्ध कराने की गुहार लगाई। मेडिकल अफसर के पैर छूने वाले भाजपा नेता का नाम अंबाराम कराड़ा है। अंबाराम कराड़ा शाजापुर भाजपा के जिला अध्यक्ष हैं। गुरुवार को भाजपा नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ जिला अस्पताल पहुंचे थे और यहां उन्होंने लचर स्वास्थ्य व्यवस्था के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। 

दरअसल भाजपा नेता का कहना था कि अस्पताल के प्रसूति विभाग में मनमानी चल रही है और यहां आने वाली महिलाओं से वसूली की जा रही है। जब भाजपा नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ अस्पताल परिसर के अंदर प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे तब ही वहां सीएमएचओ आ गए। इस पर भाजपा नेता ने खड़े होकर पहले उनके पैर छुए और फिर अस्पताल की खराब व्यवस्था को लेकर खूब खरी-खोटी सुनाई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। 

वीडियो में नजर आ रहा है कि मेडिकल अफसर के पैर छूने के बाद अंबाराम कराड़ा कहते हैं, 'लोगों ने कहा है कि डॉक्टर भगवान का रूप होता है। डॉक्टर लोगों का जीवन बचाने का काम करता है। शाजापुर के जिला अस्पताल के अंदर प्रसूति के लिए आई माताओं और बहनों के साथ इस प्रकार की एक नहीं अनेक घटनाएं होती हैं। पैसे मांगे जाते हैं। पैसे यदि नहीं हैं तो उनके यहां से इंदौर, उज्जैन या अन्य किसी प्राइवेट अस्पताल के अंदर रेफर कर दिया जाता है।'

आज भी एक बहन को दर्द हुआ...4 बजे वो अस्पताल के अंदर आती हैं। उनसे पैसों की मांग की जाती है और जब वो व्यव्स्था नहीं कर पाती हैं तो उनको इंदौर रेफर कर दिया जाता है। वो यहां से मेट्रो अस्पताल गईं। नॉर्मल उसकी डिलीवरी हुई। यहां कह रहे थे कि उनका ऑपरेशन होगा..ये होगा...वो होगा...उसके बाद भी किसी जनप्रतिनिधि या समाजसेवी द्वारा फोन किया जाता है तो भी यहां महिला की कोई सेवा नहीं होती और उसको तुरंत यहां रेफर कर दिया जाता है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हंगामे के बाद सीएमएचओ डा. राजू निदारिया तथा अस्पताल के अन्य स्टाफ कलेक्ट्रेट पहुंचे। इन सभी ने मिलकर कलेक्टर दिनेश जैन को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि अस्पताल में उपलब्ध स्टाफ, डॉक्टर और संसाधनों के बल पर जितना बेहतर काम किया जा सकता है, वह कर रहे हैं। इस तरह के हंगामे आदि से वह यह कार्य भी नहीं कर पाएंगे। यहां तक कि महिला डाक्टरों ने तो नौकरी छोड़ने तक का मन बना लिया है।

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