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MP में तेरहवीं के दिन जिंदा घर लौटा युवक, मरा समझ परिवार ने कर दिया था अंतिम संस्कार

मध्य प्रदेश के श्योपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहं एक व्यक्ति को उसके परिवार द्वारा मरा हुआ समझ अंतिम संस्कार करने के बाद तेरहवीं की रस्म वाले दिन पहले वह जीवित घर लौट आया।

MP में तेरहवीं के दिन जिंदा घर लौटा युवक, मरा समझ परिवार ने कर दिया था अंतिम संस्कार
Praveen Sharmaश्योपुर। लाइव हिन्दुस्तानTue, 11 Jun 2024 10:09 AM
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मध्य प्रदेश के श्योपुर में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहं एक व्यक्ति को उसके परिवार द्वारा मरा हुआ समझ अंतिम संस्कार करने के बाद तेरहवीं की रस्म वाले दिन पहले वह जीवित घर लौट आया। अब यह बात पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई है।

दरअसल, हाल ही में राजस्थान के सवाई माधोपुर के पास सूरवाल में हुए एक हादसे की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें घायलों की शिनाख्त की अपील की गई थी। इस फोटो को देख, मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले के लाहचोड़ा गांव के एक परिवार ने घायल व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र शर्मा के रूप में की और उसे जयपुर ले गए, जहां उसे इलाज के लिए रेफर कर दिया गया। जयपुर में डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि इलाज के दौरान सुरेंद्र की मौत हो गई है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, सूरवाल थाना प्रभारी लाल बहादुर मीना ने बताया कि परिवार ने शुरुआत में हादसे में मरने वाले व्यक्ति की पहचान सुरेंद्र के रूप में की थी। पोस्टमॉर्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। शव का अंतिम संस्कार 28 मई को किया गया।

परिवार जब सुरेंद्र की तेरहवीं के दिन की रस्मों की तैयारी कर रहा था, तभी उन्हें एक दिन पहले सुरेंद्र का फोन आया। शुरू में उन्हें लगा कि यह कोई मजाक है, लेकिन उसके भाई ने सुरेंद्र से वीडियो कॉल के जरिये पुष्टि करने को कहा। वीडियो कॉल पर जब उन्होंने सुरेंद्र को जिंदा देखा, तो उन्होंने उसे तुरंत घर लौटने के लिए कहा और तेरहवीं  की सभी तैयारियां बंद कर दीं।

यह भ्रम तब शुरू हुआ जब सुरवाल में एक व्यक्ति की दुर्घटना में मृत्यु हो गई। श्योपुर में एक सड़क किनारे के रेस्तरां का एक खाद्य बिल उसकी जेब से मिला, जिससे सुरवाल पुलिस को दुर्घटना में मरने वाले व्यक्ति की पहचान करने में मदद मिली।

सोशल वर्कर बिहारी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर मृतक की फोटो पोस्ट की, जिसमें सुरेंद्र के परिवार ने गलती से उसे सुरेंद्र के रूप में पहचान लिया और उसका अंतिम संस्कार भी कर दिया।

सुरेंद्र की मां कृष्णा देवी ने बताया कि परिवार ने एक अज्ञात शव की पहचान सुरेंद्र के रूप में की और सभी अनुष्ठान भी कर दिए। उन्होंने कहा कि उनके पास जब ​​सुरेंद्र का फोन आया, तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। जयपुर में एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले सुरेंद्र ने बताया कि उसका फोन खराब हो गया था, जिससे वह दो महीने तक अपने परिवार से संपर्क नहीं कर सका। हालांकि, अब जब सुरेंद्र जीवित पाया गया है, तो पुलिस ने परिवार को आगे की जांच के लिए बुलाया है।