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मध्य प्रदेश में 71.72 फीसदी मतदान, पिछली बार से कितना अंतर, सबसे ज्यादा कहां पड़े वोट?

Madhya Pradesh Lok Sabha Election Voting: मध्य प्रदेश की आठ लोकसभा सीट पर सोमवार को 71.72 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इस रिपोर्ट में जानें कहां सबसे ज्यादा और कहां सबसे कम हुआ मतदान...

मध्य प्रदेश में 71.72 फीसदी मतदान, पिछली बार से कितना अंतर, सबसे ज्यादा कहां पड़े वोट?
Krishna Singhभाषा-वार्ता,भोपालMon, 13 May 2024 09:49 PM
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लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के तहत मध्य प्रदेश में आठ संसदीय क्षेत्रों में सोमवार को मतदान संपन्न हो गया। अधिकारियों ने बताया कि चौथे और अंतिम चरण में सूबे की आठ लोकसभा सीटों पर सोमवार शाम 6 बजे मतदान समाप्त होने तक 71.72 फीसदी वोटिंग हुई। इसके साथ ही मध्य प्रदेश में सभी 29 सीटों पर मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई। खरगौन में सबसे ज्यादा 75.79 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद देवास में 74.86 प्रतिशत, मंदसौर में 74.5, उज्जैन में 73.03, धार में 71.5, खंडवा में 70.72 और इंदौर में 60.53 प्रतिशत मतदान हुआ।

सबसे कम मतदान इंदौर में 60.53 फीसदी रिकॉर्ड किया गया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनुपम राजन ने बताया कि ये अस्थायी आंकड़े हैं। इसमें बढ़ोतरी होगी। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी बड़ी घटना की खबर नहीं है। बता दें कि 2019 में इन आठ सीटों पर 75.65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। साल 2019 के लोकसभा चुनावों में मध्य प्रदेश की सभी 29 सीटों पर 71.16 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया था।

इन आठों संसदीय क्षेत्रों में पांच महिलाओं समेत कुल 74 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें देवास और मंदसौर में आठ-आठ, खंडवा में 11, खरगोन में पांच, रतलाम में 12, धार में सात, इंदौर में 14 और उज्जैन में नौ प्रत्याशी शामिल हैं। इन क्षेत्रों में मतदाताओं की कुल संख्या एक करोड़ 63 लाख 70 हजार से अधिक है। कुल 18,007 मतदान केंद्रों पर सख्त सुरक्षा प्रबंध के बीच लगभग 72 हजार कर्मचारियों ने मतदान कार्य संपन्न कराया। कुल मतदाताओं की संख्या एक करोड़ 63 लाख 70 हजार से अधिक है, जिसमें 82 लाख 48 हजार से अधिक पुरुष, 81 लाख 22 हजार से अधिक महिलाएं और थर्ड जेंडर के वोटर 388 शामिल हैं।

इस चरण में इंदौर संसदीय सीट सर्वाधिक चर्चा में है, जहां पर कांग्रेस ने अक्षय कांति बम को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन नामांकन वापसी के दिन उन्होंने सभी को चौंकाते हुए न केवल अपना नामांकन वापस ले लिया, बल्कि कांग्रेस को अलविदा कह कर भाजपा का दामन भी थाम लिया। इसके बाद अब इंदौर से कांग्रेस का कोई अधिकृत प्रत्याशी चुनावी मैदान में नहीं है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पार्टी के अन्य नेताओं ने यहां लोगों से नोटा को वोट देने की अपील की है। भाजपा ने यहां से मौजूदा सांसद शंकर ललवानी पर ही दोबारा भरोसा जताया है।

इसके अलावा झाबुआ-रतलाम सीट भी इस चरण में चर्चाओं में है। आदिवासी बहुल इस क्षेत्र पर कांग्रेस ने अपने कद्दावर आदिवासी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया को मैदान में उतारा है। उनका सामना भाजपा की प्रत्याशी राज्य सरकार के मंत्री नागर सिंह चौहान की पत्नी अनिता नागर सिंह चौहान से है।

देवास में भाजपा के महेंद्र सिंह सोलंकी का मुकाबला कांग्रेस के राजेंद्र मालवीय से, धार में भाजपा की सावित्री ठाकुर का कांग्रेस के राधेश्याम मुवेल से, खंडवा में भाजपा के ज्ञानेश्वर पाटिल का कांग्रेस के नरेंद्र पटेल से, खरगोन में भाजपा के गजेंद्र पटेल का कांग्रेस के पोरलाल खरते से, मंदसौर में भाजपा के सुधीर गुप्ता का कांग्रेस के दिलीप सिंह गुर्जर से और उज्जैन में भाजपा के अनिल फिरोजिया का मुकाबला कांग्रेस के महेश परमार से है। चौथे चरण के साथ ही राज्य की सभी 29 लोकसभा सीटों पर मतदान संपन्न हो गया। मतों की गिनती का कार्य चार जून को होगा। राज्य में वर्तमान 29 में से 28 पर भाजपा का कब्जा है। एकमात्र छिंदवाड़ा सीट ही कांग्रेस के पास है।