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ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिंधिया ने दिखाया रुतबा, ध्वस्त हुए कांग्रेस के मंसूबे, BJP का परचम

madhya pradesh assembly elections result 2023: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी में एकबार फिर अपनी प्रासंगिकता साबित कर दी है। उनके प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा ने बड़ी जीत दर्ज की है।

ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सिंधिया ने दिखाया रुतबा, ध्वस्त हुए कांग्रेस के मंसूबे, BJP का परचम
Krishna Singhराजन,भोपालSun, 03 Dec 2023 11:23 PM
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मध्य प्रदेश में इस बार कई क्षेत्रीय क्षत्रपों की परीक्षा रही। नजरें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भी टिकी थीं। खासकर उनके प्रभाव वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा के प्रदर्शन को एक लिटमस टेस्ट के तौर पर देखा जा रहा था। इन चुनावों में सिंधिया का प्रभाव देखा गया। कांग्रेस 2018 के विधानसभा चुनावों की तरह इस बार भी ग्वालियर चंबल क्षेत्र से भाजपा को क्लीन स्वीप होते देखना चाहती थी। लेकिन चुनाव नतीजों में उसकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।  

क्या कहते हैं आंकड़े?
साल 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने क्षेत्र की कुल 34 सीटों में से 26 पर जीत दर्ज की थी। साल 2018 में इस क्षेत्र ने कांग्रेस को भाजपा पर बढ़त हासिल करने और 15 साल की लंबी अवधि के बाद सरकार बनाने में मदद की थी। हालांकि, कांग्रेस की सरकार केवल 15 महीने तक चल पाई थी। मार्च 2020 में कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी छोड़कर सिंधिया के साथ भाजपा का दामन थाम लिया था। 

उपचुनावों के बाद दूसरी बार साबित किया रसूख
इन विधायकों के इस्तीफे के कारण नवंबर 2020 में उपचुनाव हुए थे जिनमें सिंधिया ने फिर से अपनी नेतृत्व क्षमता साबित की थी। उस समय भाजपा ने ग्वालियर चंबल क्षेत्र की 16 में से 9 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इन विधानसभा चुनावों में कांग्रेस सिंधिया पर लगातार हमलावर नजर आई। कांग्रेस ने चुनाव अभियानों में सिंधिया पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी मौजूदगी ने भाजपा को विभाजित कर दिया है। 

कांग्रेस के हमलों का नतीजों से दिया जवाब
कांग्रेस नेता बार-बार कहते नजर आए कि इन विधानसभा चुनावों में भाजपा को सिंधिया का कोई फायदा नहीं मिलेगा। हालांकि नतीजों भाजपा को ग्वालियर चंबल क्षेत्र में काफी बढ़त हासिल हुई। भाजपा उम्मीदवार नरेंद्र सिंह तोमर ने मुरैना जिले की दिमनी सीट से जीत हासिल की है। यह सीट भाजपा के लिए सबसे प्रतिष्ठित सीटों में से एक थी। कांग्रेस उम्मीदवार और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह चुनाव हार गए। क्षेत्र की 20 से ज्यादा सीटों पर बीजेपी जीत रही है। 

प्रियंका ने उड़ाया था मजाक
पिछले महीने दतिया क्षेत्र में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने एक चुनावी रैली में सिंधिया पर तीखा हमला करते हुए उनका मजाक उड़ाया था। सूबे में बीजेपी की प्रचंड जीत के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सिंधिया ने कहा- मैंने अपने खिलाफ कहे गए सभी अभिशाप, गालियां और अपमानजनक शब्द अपने सीने पर ले लिया। मैं कभी किसी जवाबी हमले में शामिल नहीं हुआ। मैंने हमेशा कहा कि लोग उन्हें करारा जवाब देंगे... और यही हुआ है। 

एक बड़े नेता की तरह जीत का श्रेय भी नहीं लिया
सिंधिया ने कहा कि पहले उपचुनावों में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की जनता ने उन्हें करारा जवाब दिया था। अब इस विधानसभा चुनाव में भी जनता ने कांग्रेस को सबक सिखाया है। कद की बात करने वाली को अपना कद पहले उत्तर प्रदेश चुनाव में और अब मध्य प्रदेश चुनाव में दिख गया है। हालांकि सिंधिया ने एक सम्मानित नेता की तरह जीत का श्रेय प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिया। 

ताबड़तोड़ रैलियां
इस क्षेत्र के साथ साथ सिंधिया ने राज्य भर में पार्टी के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था। उन्होंने 230 विधानसभा क्षेत्रों में से लगभग 150 का दौरा किया था और लगभग 100 रैलियों को संबोधित किया था। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुवेर्दी ने कहा- कांग्रेस को अब यह एहसास हो गया होगा कि पार्टी में ज्योतिरादित्य सिंधिया जी की मौजूदगी के कारण 2018 में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में उसे जबरदस्त सफलता मिली थी। अब बीजेपी क्षेत्र की 34 में से 28 सीटों पर आगे है।

भाजपा ने माना सिंधिया के कारण मारा मैदान
पंकज चतुवेर्दी ने कहा- सिंधिया की मौजूदगी के कारण क्षेत्र में भाजपा ने बाजी पलट दी है। यह एक नेता के रूप में सिंधिया की क्षमता और क्षेत्र के लोगों पर उनके प्रभाव को दर्शाता है। कांग्रेस ने 2018 में उन्हें धोखा दिया था जबकि उन्हें राज्य का मुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए था। बाद में भी कांग्रेस उनका अपमान करती रही। अब क्षेत्र के लोगों ने एक बार फिर कांग्रेस को सबक सिखाया है। वहीं कांग्रेस के प्रवक्ता जेपी धनोपिया ने कहा- सिंधिया पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

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