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Hindi News मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेजों पर ताला, घोटाले के बाद ऐक्शन; छात्रों का क्या होगा

मध्य प्रदेश में 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेजों पर ताला, घोटाले के बाद ऐक्शन; छात्रों का क्या होगा

आपको बात दें कि राज्य सरकार के इस आदेश से नर्सिंग कॉलेजों के पुराने विद्यार्थी प्रभावित नहीं होंगे। वे यथावत परीक्षा दे सकेंगे। इस सूची में राजधानी भोपाल के छह और इंदौर के पांच कॉलेज शामिल हैं।

मध्य प्रदेश में 31 जिलों के 66 नर्सिंग कॉलेजों पर ताला, घोटाले के बाद ऐक्शन; छात्रों का क्या होगा
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,भोपालTue, 28 May 2024 01:47 PM
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मध्य प्रदेश में नर्सिंग कॉलेजों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। राज्य के मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के निर्देश पर राज्य भर में 'अनफिट' पाए गए नर्सिंग कॉलेजों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार 31 जिलों में 66 नर्सिंग कॉलेजों को 'क्लोज्ड डाउन' किया जा रहा है। इसी क्रम में इंदौर सहित कई जिलों में कार्रवाई हो चुकी है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने जिले भर के सभी कलेक्टरों को सूची उपलब्ध कराते हुए कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश अनुसार कार्रवाई की जाए। इस आदेश से नर्सिंग कॉलेजों के पुराने विद्यार्थी प्रभावित नहीं होंगे। वे यथावत परीक्षा दे सकेंगे। इस सूची में राजधानी भोपाल के छह और इंदौर के पांच कॉलेज शामिल हैं।

विपक्ष ने शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा

इधर मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इन दिनों राज्य में सुर्खियों में बने हुए कथित नर्सिंग घोटाले पर सवाल उठाते हुए आज कहा कि इस मामले में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को इस्तीफा देना चाहिए। उमंग सिंघार ने एक्स पर कहा कि इस घोटाले में मंत्री विश्वास सारंग को इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री सारंग को इस मामले में बचाया जा रहा है।

दो दिन पहले राजधानी भोपाल स्थित लोकायुक्त कार्यालय में लगी आग को लेकर उमंग सिंघार ने कहा कि लोकायुक्त के दफ्तर में आग लगने का मतलब सिंहस्थ के दौरान हुए जमीन घोटाले को दबाने का मामला लगता है। क्या आग में भाजपा द्वारा किए गए घोटालों के साक्ष्य जलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक जांच समिति गठित कर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए।

क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि राज्य में साल 2019 तक 450 नर्सिंग कॉलेज रजिस्टर थे। इसके बाद साल 2020 से 2022 तक 200 नए नर्सिंग कॉलेज रजिस्टर हुए। लाखों छात्रों ने इन कॉलेजों में एडमिशन बी लिया। लेकिन बाद में यह बात सामने आई कि इनमें से कई कॉलेज फर्जी हैं और उन्हें मान्यता ही नहीं मिली है। इसके बाद यह मामला हाई कोर्ट पहुंचा। अदालत ने सभी छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। अदालत ने सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी थी। जांच में यह सामने आया कि 66 कॉलेज फर्जी हैं। जिसके बाद सीएम ने इन्हें बंद करने का आदेश दिया है। 

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