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Hindi News मध्य प्रदेशएमपी कैबिनेट का फैसला, सभी मंत्री खुद भरेंगे अपना इनकम टैक्स, 52 साल बाद बदलेगा नियम

एमपी कैबिनेट का फैसला, सभी मंत्री खुद भरेंगे अपना इनकम टैक्स, 52 साल बाद बदलेगा नियम

Madhya Pradesh Cabinet Decision: मध्य प्रदेश कैबिनेट ने फैसला लिया है कि अब से सीएम और मंत्री खुद अपना इनकम टैक्स भरेंगे। खुद सीएम मोहन यादव ने कैबिनेट के लिए इस फैसले की जानकारी दी है।

एमपी कैबिनेट का फैसला, सभी मंत्री खुद भरेंगे अपना इनकम टैक्स, 52 साल बाद बदलेगा नियम
mohan yadav
Krishna Singhलाइव हिन्दुस्तान,भोपालTue, 25 Jun 2024 03:45 PM
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मध्य प्रदेश की मोहन यादव की अगुवाई वाली सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। इस फैसले के अनुसार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और मंत्री अब खुद अपना इनकम टैक्स भरेंगे। अब तक मंत्रियों और सीएम का इनकम टैक्स राज्य सरकार भर रही थी। साल 1972 में नियम बना था कि मंत्रियों और सीएम का इनकम टैक्स राज्य सरकार खुद वहन करेगी। अब मोहन यादव सरकार ने 52 साल बाद फैसले को बदल दिया है। सीएम मोहन यादव ने खुद इस फैसले का ऐलान किया। इस फैसले से राज्य के वित्तीय बोझ में कमी आने की उम्मीद है।

मोहन यादव की अगुवाई वाली कैबिनेट ने कई अन्य बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट ने यह भी फैसला लिया है कि सूबे के जेल सुधार गृहों में सुविधाओं को बढ़ाया जाएगा। कैदियों को रोजगार से जोड़ने का फैसला भी लिया गया है। नए फैसले के मुताबिक, कैदियों को स्किल ट्रेनिंग कराई जाएगी। जल्द राज्य सरकार विधानसभा में इस बारे में एक विधेयक लाएगी। एग्रीकल्चर से पास आउट युवाओं को रोजगार मुहैया कराए जाने का फैसला भी सरकार ने लिया है।

राज्य सरकार ने सम्मान निधि में शहीदों के माता पिता की हिस्सेदारी भी सुनिश्चित करने का फैसला लिया है। अब सम्मान निधि की 50 फीसदी राशि शहीदों के माता पिता को प्रदान की जाएगी। पहले मिलिट्री और पुलिस में ड्यूटी के दौरान बलिदान देने वालों की पत्नी को सरकार से एक करोड़ रुपये सम्मान निधि मिलती थी। अब माता पिता को भी इसकी 50 प्रतिशत राशि मिलेगी। सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि वह राज्य से बाहर सैनिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को भी छात्रवृत्ति प्रदान करेगी।

कैबिनेट की बैठक के बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने फैसलों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिट्टी की जांच के लिए भारत सरकार ने सभी ब्लॉकों में भवन बनाए हैं। अब कुछ कृषि से संबंधित सरकारी संस्थान और कृषि से पास आउट छात्र अपने इलाके में मिट्टी की जांच कर सकेंगे। प्रयोगशालाएं राज्य के सभी 313 ब्लॉकों में काम करेंगी। प्लांटेशन को लेकर भी बड़ा निर्णय हुआ है। अब तक केवल 10 हेक्टेयर जमीन पर ही पेड़ लगाए जा सके थे, इस सीमा को खत्म कर दिया गया है। अब 1 से 2 हेक्टेयर में भी प्लांटेशन किया जा सकेगा।