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Hindi News मध्य प्रदेशMP : भाई-चाचा की 'पीट-पीटकर हत्या', अब यौन उत्पीड़न की शिकार दलित महिला की सागर में एम्बुलेंस से गिरकर मौत

MP : भाई-चाचा की 'पीट-पीटकर हत्या', अब यौन उत्पीड़न की शिकार दलित महिला की सागर में एम्बुलेंस से गिरकर मौत

मध्य प्रदेश के सागर में पिछले साल अगस्त में अपने भाई की हत्या का दावा करते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने वाली यौन उत्पीड़न की शिकार दलित युवती की संदिग्ध हालत में हुई मौत पर सिसायत शुरू हो गई है।

MP : भाई-चाचा की 'पीट-पीटकर हत्या', अब यौन उत्पीड़न की शिकार दलित महिला की सागर में एम्बुलेंस से गिरकर मौत
Praveen Sharmaसागर (मध्य प्रदेश)। भाषाTue, 28 May 2024 09:33 AM
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मध्य प्रदेश के सागर में पिछले साल अगस्त में अपने भाई की हत्या का दावा करते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने वाली यौन उत्पीड़न की शिकार दलित युवती की संदिग्ध हालत में हुई मौत पर सिसायत शुरू हो गई है। युवती अंजना अहिरवार की रविवार को सागर में उसके चाचा का शव ले जा रही एम्बुलेंस से गिरने के चलते मौत हो गई थी।

दरअसल, सागर जिले में अपनी बहन के यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर 18 वर्षीय दलित युवक को ऊंची जाति के लोगों द्वारा कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। उस घटना कुछ महीनों बाद अब उसकी बहन की मौत पर सवाल उठने लगे हैं।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि अंजना के चाचा राजेंद्र अहिरवार की 25 मई को पुरानी रंजिश के चलते कुछ लोगों ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। अंजना ने आरोप लगाया था कि उसके भाई नितिन अहिरवार उर्फ लालू की भी पिछले साल अगस्त में कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी और वो लोग उन्हें परेशान करते थे।

दिग्विजय सिंह ने की सागर के कलेक्टर और एसीप को हटाने की मांग  

इस घटना को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सोमवार को मध्य प्रदेश के सागर जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को हटाने की मांग की। दिग्विजय सिंह ने अंजना अहिरवार के परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए बरोदिया नैनागिर गांव पहुंचे थे। उन्होंने कहा, ''प्रशासन ने अंजना को सरकारी नौकरी देने का वादा किया था, क्या दिया? उन्होंने कुछ अन्य वादे भी किए जैसे आरोपियों के घर गिरा देना, क्या उन्होंने तोड़ा? ...मैं किसी के घर पर बुलडोजर चलाने के पक्ष में नहीं हूं, लेकिन आप कार्रवाई के नाम पर कई लोगों के घर तोड़ देते हैं।’’

दिग्विजय सिंह ने अंजना के शव के पास बैठकर उनके परिवार से बात की और बाद में उसके अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। उन्होंने इस घटना पर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित पूरे जिला प्रशासन को हटाने की मांग की।

महिला के परिवार के सदस्यों ने कांग्रेस नेता को बताया कि उन्हें दी गई सुरक्षा प्रशासन ने हटा ली और यहां तक कि उनके क्षेत्र में लगे कैमरे भी हटा दिए गए हैं। अंजना एक पढ़ी-लिखी महिला थी और परिवार की देखभाल कर रही थी। सिंह ने कहा, वह आज नहीं है और मैं बहुत निराश हूं।

घटना से पहले पुलिस सुरक्षा हटाने का दावा

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि वर्तमान घटना से 10 दिन पहले पुलिस सुरक्षा हटा दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि उस पर बयान बदलने के लिए काफी दबाव डाला गया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि लालू की हत्या के 3 गवाह थे..एक राजेंद्र, दूसरी अंजना और तीसरी उसकी मां। दबाव में नहीं आने पर राजेंद्र की हत्या कर दी गई और अंजना की मौत हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अंजना ने कुछ दिन पहले बयान बदलने के लिए दबाव बनाए जाने की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन पुलिस ने इस पर कार्रवाई नहीं की। दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि अंजना ने शुरू में ही कहा था कि घटना में अंकित ठाकुर शामिल है, लेकिन उसे गिरफ्तार नहीं किया गया क्योंकि वह एक बाहुबली है और उसे राजनीतिक रूप से आश्रय दिया गया है।

पुलिस अधिकारी बोले- घटना के वक्त परिजन साथ थे

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया कि खुरई पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दो समूहों के बीच झड़प में घायल हुए राजेंद्र अहिरवार (24) की मौत हो गई। सागर में पोस्टमॉर्टम के बाद राजेंद्र अहिरवार का शव गांव ले जा रही एंबुलेंस से गिरकर अंजना की मौत हो गई। सिन्हा ने कहा कि उनके परिवार के सदस्य शव के साथ थे। यह पूछे जाने पर कि क्या पुराने मामले में समझौते के दबाव के कारण राजेंद्र अहिरवार की हत्या की गई। सिन्हा ने कहा कि जांच के दौरान सभी तथ्य सामने आ जाएंगे।

पिछले साल अगस्त में सागर जिले में पुरानी दुश्मनी को लेकर कुछ दबंग लोगों ने नितिन अहिरवार की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसकी मौत के बाद, अंजना अहिरवार ने एक एफआईआर दर्ज कराई कि उसके भाई की हत्या कर दी गई क्योंकि कुछ लोग उत्पीड़न मामले में समझौते के लिए उन पर दबाव डाल रहे थे।