फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में शुरू हुई देश की पहली अनूठी रोजगार योजना, काम सीखेंगे और कमाएंगे भी युवा

मध्य प्रदेश में शुरू हुई देश की पहली अनूठी रोजगार योजना, काम सीखेंगे और कमाएंगे भी युवा

Madhya Pradesh Assembly Eelection 2023: मध्य प्रदेश में देश की पहली अनूठी रोजगार योजना शुरू हुई है। मध्य प्रदेश के युवा अब काम भी सीखेंगे और 8 से 10 हजार रुपये महीने राशि भी कमाएंगे।

मध्य प्रदेश में शुरू हुई देश की पहली अनूठी रोजगार योजना, काम सीखेंगे और कमाएंगे भी युवा
shivraj singh chauhan
Krishna Singhलाइव हिंदुस्तान,भोपालWed, 23 Aug 2023 06:45 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्य प्रदेश के युवा अब काम भी सीखेंगे और उसके बदले में उन्हें 8 से 10 हजार रुपये महीने राशि भी मिलेगी। ऐसी योजना बनाकर इतिहास रचने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। मध्य प्रदेश में 'सीखो कमाओ योजना' शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में कुछ युवाओं को स्वीकृति पत्र देकर इस योजना का औपचारिक रूप से शुभारंभ किया। हमने कल्पना की थी, हमारे जो बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी कर लेते हैं, 12वीं या आइटीआई कर लेते हैं, उनको जॉब की जरूरत होती है। 

रोजगार के लिए नहीं होना पड़ेगा परेशान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने देखा है कि बच्चे रोजगार के लिए परेशान होते हैं। यह बात मेरे मन में बैठ गई थी। मैं सोचता था रोजगार के नए तरीके कैसे खोजे जाएं। मध्य प्रदेश में 1 साल में 60 हजार पदों पर सरकारी भर्ती पूरी कर ली गई है। 40 हजार पदों पर भर्ती जारी है। सभी को सरकारी नौकरी दिया जाना संभव नहीं है। इसलिए हमने सीखो कमाओ योजना बनाई है। स्वरोजगार, इसके लिए हमारी सरकार ने उद्यम क्रांति योजना बनाई है जिसमें एक लाख से लेकर 50 लाख तक का कर्ज मिलता है। 

हम बच्चों को ट्रेनिंग, रोजगार के साथ मेहनताना देंगे
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस द्वारा बेरोजगारी भत्ता दिए जाने सबंधी की योजना का ऐलान करने की बात पर कटाक्ष किया। सीएम ने कहा कि कई लोगों ने बेरोजगारी भत्ता के नारे दिए लेकिन मेरा मानना है कि चिड़िया अपने बच्चों को घोंसला नहीं, पंख देती है। गाय अपने बच्चे को खड़ा करती है, शेरनी अपने बच्चों को शिकार करना सिखाती है। इसलिए बेरोजगारी भत्ता से कोई लाभ नहीं है। हमने कहा कि हम अपने बच्चों को काम सिखाएंगे, पंख देंगे। 

कंपनियों में काम सीखने जाएंगे युवा
शिवराज ने कहा- हमारे बच्चे अलग-अलग कंपनियों में काम सीखने जाएंगे। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक तरफ स्किल्ड मैनपावर की कमी है। वहीं दूसरी ओर रोजगार नहीं है, हमने दोनों को जोड़ दिया। हम कंपनियों में बच्चों को काम सीखने के लिए भेजेंगे और उसके साथ ही स्टाईपेंड देंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना हम प्रारंभ कर रहे हैं। बाद में ये बच्चे पर्मानेंट जॉब कर सकते हैं या अपनी खुद कि इंडस्ट्री लगा सकते हैं। ऐसे कई लोग हैं, जिनके पास पहले बहुत बड़ी दौलत नहीं थी, बाद में वो सफल हुए। 

सरकार प्रमाण पत्र भी देगी
मुख्यमंत्री नई योजना के बारे में बात करते हुए कहा कि जून से रजिस्ट्रेशन शुरू किये गए थे। 8 लाख से ज्यादा बच्चों ने पंजीकरण कराया है और यह क्रम लगातार जारी रहेगा। अब तक 16,744 कंपनियां पंजीकृत हो चुकी हैं। 70,386 पद अब तक प्रकाशित हो चुके हैं। 15,092 अनुबंध निर्मित किये जा चुके हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीखो कमाओ योजना के द्वारा आपको नवीनतम तकनीक और प्रक्रिया के माध्यम से ट्रेनिंग दी जाएगी, इसके बाद सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा, राज्य कौशल विकास और रोजगार निर्माण बोर्ड का सर्टिफिकेट मिलेगा। 

ग्लोबल स्किल पार्क में 6 हजार युवाओं को स्किल ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भोपाल में हम संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क बना रहे हैं। हम 6,000 बच्चों को हम ट्रेनिंग देंगे। मॉडल आइटीआई में ट्रेनिंग दी जा रही है। मध्य प्रदेश में 3,500 से अधिक स्टार्टअप्स हैं। 3 लाख बेटे-बेटियों को हम स्वरोजगार के लिए कर्ज देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा- मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ (SKY) योजना अद्भुत योजना है, यह देश में अनूठा अद्भुत प्रयोग है, जिसे सभी राज्य स्वीकार करेंगे।