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3 दिसंबर, 2020|5:53|IST

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मध्यप्रदेश: टीचर ने अपने खर्चे पर प्राइमरी स्कूल को बनाया हूबहू रेल काे डिब्बा जैसा

school

मध्यप्रदेश के मंदसौर के भानपुरा तहसील के छोटे से गांव बडोदिया गांव में एक प्राथमिक विद्यालय है जिसे दूर से देखने पर व्यक्ति ट्रेन का डिब्बा समझ सकता है। यह इसलिए है की वहाँ के एक अध्यापक ने अपने खर्चे पर स्कूल को नया बना दिया है। अध्यापक मुकेश राठौर ने गाँव के प्राथमिक विद्यालय का नक्शा बदल दिया है। गाँव में विद्यालय को ऐसा बना दिया है जिसे दूर से देखने पर हूबहू रेल के डिब्बे जैसा दिखाई देता है। मंदसौर जिले का यह पहला स्कूल है जिसमें अध्यापक ने अपनी रुचि  के कारण खुद के खर्चे पर विद्यालय की तस्वीर बदल दी है। इस गांव की आबादी कुल 120 लोगों की है। 

प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक अशोक पावेचा के सहयोग से मुकेश राठौर ने एक खूबसूरत रेल के डिब्बे वाला स्कूल बना दिया है; जिसे लोग दूर- दूर से देखने आ रहे हैं।

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रेल के डिब्बे जैसा दिखने वाला यह स्कूल इस क्षेत्र के शिक्षकों के लिए प्रेरणा भी है और बहुत से शिक्षक, छात्र के साथ- साथ आसपास के आम जन भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। 
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इस पर अध्यापक मुकेश ने कहा कि काम कोई भी हो कैसा भी बस उसे करने के लिए जिज्ञासा होनी चाहिए। इस क्षेत्र मे कई बच्चे ऐसे भी है जिन्होंने आजतक ट्रेन का सफर तक नहीं किया है, यही सोचकर उन्होंने विद्यालय को ट्रेन के रंग में रंगने का फैसला किया। वहीं अध्यापक मुकेश राठौर ने यह कारनामा कर दिखाया जिसे देखकर हर कोई आश्चर्यचकित हो रहा है तो वही यह छोटा सा गांव रेल के डिब्बे के आकार में बच्चो को पढ़ाई के लिये नई प्रेरणा बना हुआ है। कई ऐसे बच्चे हैं जो स्कूल आने से कतराते थे अब वह भी इस अपने इस नये अनोखे स्कूल को देखने आ रहे हैं और आज इस क्षेत्र में यह गांव खूब सुर्खियां बटोरता दिखाई दे रहा है जिसका पूरा श्रेय अध्यापक मुकेश राठौर और उनकी टीम को जाता है।

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  • Web Title:Madhya Prades Mandsaur The teacher made the primary school like a railroad box at his expense