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Hindi News मध्य प्रदेशMP की इन लोकसभा सीटों पर हमनाम प्रत्याशी, भाजपा-कांग्रेस के लिए कैसे बने चुनौती; समझें

MP की इन लोकसभा सीटों पर हमनाम प्रत्याशी, भाजपा-कांग्रेस के लिए कैसे बने चुनौती; समझें

दमोह संसदीय क्षेत्र में भाजपा ने राहुल सिंह लोधी को अपना प्रत्याशी बनाया है। राहुल सिंह लोधी के सामने दो और राहुल भैया निर्दलीय होकर चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। यह इकलौती सीट नहीं जहां ऐसा है।

MP की इन लोकसभा सीटों पर हमनाम प्रत्याशी, भाजपा-कांग्रेस के लिए कैसे बने चुनौती; समझें
Mohammad Azamवार्ता,भोपालThu, 25 Apr 2024 04:24 PM
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कल यानी 26 अप्रैल को लोकसभा चुनावों के दूसरे चरण का मतदान होना है। इसमें मध्य प्रदेश की 6 सीटों पर भी मतदान होना है। ऐसे में मध्य प्रदेश की कुछ सीटों पर प्रत्याशियों के नाम समान होने की वजह से मतदाताओं में भ्रम पैदा हो सकता है। मध्यप्रदेश में कल होने वाले दूसरे चरण के मतदान के तहत दमोह संसदीय क्षेत्र में 'राहुल भैया', तो सतना में 'डब्बू भैया' मतदाताओं को भ्रमित कर सकते हैं। दरअसल इन दोनों संसदीय क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशियों के अलावा उनके हमनाम भी चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। ऐसे में मतदाताओं को अब नाम के साथ ही अपने पसंदीदा प्रत्याशी के चुनाव चिह्न पर भी ध्यान देना होगा।

दमोह में दोनों के लिए चुनौती

दमोह संसदीय क्षेत्र में भाजपा ने राहुल सिंह लोधी को अपना प्रत्याशी बनाया है। राहुल सिंह लोधी के सामने दो और राहुल भैया निर्दलीय होकर चुनावी मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। यहां से कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी तरबर सिंह लोधी को भी इस परिस्थिति के चलते भ्रम का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि एक अन्य तरवर सिंह लोधी भी चुनावी मैदान में हैं।

सतना में भी वही हाल

कमोबेश यही स्थिति सतना में भी है। सतना से कांग्रेस प्रत्याशी डब्बू सिद्धार्थ और सुखलाल कुशवाहा के सामने भी हो सकती है क्योंकि उनके सामने चुनावी मैदान में न केवल एक अन्य डब्बू भैया हैं, बल्कि एक सुखलाल वर्मा भी हैं। ऐसे में दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों को उनको वोट देने के लिए ध्यान देने की जरूरत होगी। 

रीवा में भाजपा के लिए चुनौती

रीवा संसदीय क्षेत्र में भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी जनार्दन मिश्रा के सामने भी एक निर्दलीय जनार्दन मिश्रा ताल ठोंक रहे हैं। दिलचस्प ये भी है कि भाजपा प्रत्याशी का चुनाव चिह्न जहां कमल का फूल है, वहीं दूसरे जनार्दन मिश्रा का गोभी का फूल है। ऐसे में दोनों ही प्रत्याशियों का नाम समान है और दोनों के चुनाव निशान भी फूल है। हालांकि, दोनों के चुनाव निशान में साफ अंतर किया जा सकता है।