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Hindi News मध्य प्रदेशकूनो में मादा चीता नीरवा लापता; 20 दिन से कोई सुराग नहीं, अब हेलीकॉप्टर से होगी तलाश

कूनो में मादा चीता नीरवा लापता; 20 दिन से कोई सुराग नहीं, अब हेलीकॉप्टर से होगी तलाश

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से 20 दिन से लापता मादा चीता नीरवा का अबतक कोई सुराग नहीं मिल पाया है। वन विभाग की टीम ड्रोन निगरानी के बाद अब हेलीकाप्टर से नीरव की खोज कर सकती है।

कूनो में मादा चीता नीरवा लापता; 20 दिन से कोई सुराग नहीं, अब हेलीकॉप्टर से होगी तलाश
Abhishek Mishraलाइव हिन्दुस्तान,श्योपुरThu, 10 Aug 2023 10:23 AM
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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 9 चीतों की मौत के बाद एक और चीते के नहीं मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। नीरवा नाम की मादा चीता की कॉलर आईडी खराब हो चुका है, जिसके चलते उसकी लोकेशन कूनो प्रबंधन को नहीं मिल रही है। मादा चीता नीरवा पिछले 20 दिनों से गायब है। कहा जा रहा है कि अब उसे ढूंढने के लिए हेलीकॉप्टर की मदद ली जाएगी। वन विभाग निजी हेलीकाप्टर की मदद ले सकता है। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को दिल्ली में चीता परियोजना संचालन समिति की बैठक प्रस्तावित है। जिसमें हेलीकाप्टर की सेवा लेने का निर्णय लिया जाना है। वहीं, खुले जंगल से पकड़कर बाड़ों में रखे गए चीतों के स्वास्थ्य सहित अन्य मुद्दों पर भी बैठक में चर्चा होगी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के वन अधिकारी वर्चुअल तरीके से शामिल होंगे।

नीरवा की गर्दन पर बंधी कॉलर आइडी काम नहीं कर रही है। इस कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल रही है। 28 जुलाई को पार्क के बाहर जंगल में दिखाई देने का दावा किया गया था। उसे ट्रैंकुलाइज करने की तैयारी कर रहे थे तभी वह फिर से गायब हो गई और उसके बाद से आज तक दिखाई नहीं दी है। इसके बाद 29 जुलाई को जब ड्रोन कैमरे के जरिए तलाश की गई तो उसमें भी वह नजर आई, लेकिन इसके बाद वह नजर नहीं आई है। कूनो पार्क के जंगलों में चीता नीरवा की खोज में 5 टीमें लगी हैं। जिसमें एक टीम में लगभग 15 लोग हैं। इस तरह नीरवा चीता की खोज में कुल 75 से 80 वनकर्मी जुटे हुए हैं।वहीं दो टीमे ड्रोन कैमरे के जरिए उनकी तलाश कर रही हैं। बताया जा रहा है कि नीरवा चीता की तलाश हाथी पर बैठकर भी की जा रही है। अबतक मादा चीता का कोई सुराग नहीं लगा है। 

वहीं, फ्री रेंजिंग जंगल में चीतों की मौत के बाद, बाकी बचे चीतों को बाड़े में सुरक्षित रखा गया है और सभी के कॉलर आईडी हटा दी गई है। अब नए कॉलर की डिजाइन के लिए विशेषज्ञों से बात चल रही है। हालांकि वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन चीतों को कॉलर आईडी फिर से नहीं डाला जाएगा। कूनो में चीतों की तैनाती में लगे अफसरों का कहना है कि सभी चीतों की लगातार निगरानी की जा रही है। अभी तो चीतों में किसी तरह का कोई संक्रमण नहीं दिखा है, पूरे चीते स्वास्थ्य हैं। 

 

 

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