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26 अक्तूबर, 2020|1:16|IST

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सुषमा स्वराज की दत्तक पुत्री गीता के मां-बाप को इस तरह तलाश रही है इंदौर पुलिस

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परिवार से बिछड़कर पाकिस्तान पहुंची और फिर भारत लायी गयी मूक-बधिर गीता के माता-पिता को अब इंदौर पुलिस तलाश रही है। डीआईजी हरिनारायाण चारी मिश्रा खुद इसकी कमान संभाले हुए हैं। गीता पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज के प्रयास से भारत लाई गई थी, लेकिन अभी तक वो अपने माता-पिता का पता नहीं बता सकी है। तब से गीता इंदौर में रह रही है।

गीता की देखभाल का जिम्मा आनंद सर्विस सोसायटी मूक बधिर केंद्र के ज्ञानेंद्र और मोनिका पुरोहित ने संभाल रखा है। वो साइन लैंग्वेज एक्सपर्ट भी हैं जो गीता से सांकेतिक भाषा में बात करते हैं इन्हीं के माध्यम से गीता के मां बाप की तलाश की जा रही है।

पुलिस ने 4 घंटे तक की गीता से बात
गीता की घर वापसी के लिए इंदौर पुलिस ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूरज वर्मा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय मनीषा पाठक सोनी ने ज्ञानेंद्र पुरोहित और मोनिका पुरोहित की मदद से गीता से लगभग 4 घंटे तक बात की। इसमें गीता ने बताया कि उसके गांव के पास एक छोटा रेलवे स्टेशन है। गांव में देवी जी का मंदिर है जिसके पास नदी या तालाब है। जिसमें डुबकी लगाकर दर्शन के लिए जाते हैं। मंदिर पहाड़ के ऊपर नहीं है।गीता यह भी बताती है कि उसके घर के पास एक मैटरनिटी होम है। परिवार वाले धान की खेती करते हैं। गीता ने बताया कि वह भाप वाले इंजन की रेलगाड़ी में गलती से बैठ गयी थी। बस उसी दौरान ट्रेन चल दी।फिर ट्रेन में डीजल इंजन लगा। इसके बाद ट्रेन बदलने से वह पाकिस्तान पहुंच गई। उसके घर में इडली-सांभर और डोसा बनता था।

घर के पास है देवी मंदिर
ज्ञानेंद्र और मोनिका पुरोहित ने बताया कि गीता ने स्वयं से एक दिन नीम की पत्तियों को घर में हर जगह टांगा.गीता बताती है कि बचपन में वो जहां रहती थी वहां रेलवे स्टेशन पर दो ही भाषा में नाम लिखे जाते हैं जो देवनागरी लिपि और अंग्रेजी है. गीता की इस बात पर दक्षिणी महाराष्ट्र, दक्षिणी छत्तीसगढ़,उत्तरी तेलंगाना, उत्तरी आंध्र प्रदेश, पश्चिमी ओडिशा और दक्षिण पश्चिम झारखंड होने के संकेत लगते हैं. गीता की नाक दायीं ओर छिदी है. इससे ऐसा लगता है कि वो उत्तर और दक्षिण को जोड़ने वाले किसी सीमावर्ती राज्य की हो सकती है.

बचपन में लहंगा-चोली पहनती थी

गीता को नारियल पानी पसंद है। वो बताती है कि उसने दक्षिण भारत में छोटी बच्चों को पहनाए जाने वाले पोशाक पट्टू पहनी है। इस बीच गीता ने रांची झारखंड के एक फोटो की पहचान की है। उसके बाद एसपी सूरज वर्मा ने इस स्थान के आसपास की फोटोज और वीडियो दिखाने के लिए बुलाए हैं। गीता को विभिन्न राज्यों के पकवानों के फोटो भी दिखाए गए। लेकिन उसने लिट्टी चोखा और छठ पूजा के चित्रों को नहीं पहचाना।

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  • Web Title:Indore police is looking for sushma swaraj adopted daughter Geeta parents like this