झाड़ियों में मिले बच्चे की बदलने वाली है किस्मत, US कपल लेगा गोद; जानवरों ने नोंचकर शरीर पर किए थे घाव
मध्य प्रदेस के इंदौर के पास झाड़ियों में कुछ समय पहले मिले नवजात बच्चे की किस्मत बदलने वाली है। उसे अमेरिका का एक परिवार गोद लेने वाला है। इसके लिए कपल 22 या 23 अप्रैल को इंदौर आएंगे।

इंदौर के पास पीथमपुर में सड़क किनारे झाड़ियां में मिले एक लावारिस बच्चे की किस्मत बदलने वाली है। जल्द ही अमेरिका का एक परिवार उसे गोद लेगा। इसके लिए अमेरिकी दंपति 22 या 23 अप्रैल को इंदौर आएंगे। यहां आकर वे उस बच्चों को गोद लेंगे। जनवरी 2023 को पीथमपुर के पास एक नवजात लावारिस हालत में मिला था। मासूम को जानवरों ने लहूलुहान कर दिया था। उसके प्राइवेट पार्ट को भी जानवरों ने नोंच खाया था। जिसके बाद उसे उपचार के लिए एमटीएच कंपाउंड अस्पताल इंदौर लाया गया था। यहां से उसे संजीवनी सेवा संगम केंद्र भेज दिया गया था।
बच्चे की हालत ठीक होने के बाद जल्द उसे अमेरिका का एक परिवार गोद लेने आ रहा है। इस मामले को लेकर केंद्रीय अध्यक्ष आशा सिंह ने बताया कि बच्चा वर्तमान में डेढ़ साल का हो चुका है और कुछ समय पहले अमेरिका के एक दंपति ने उसे गोद लेने के लिए आवेदन किया था। जिसकी प्रक्रिया के माध्यम से 22 या 23 अप्रैल को दंपति इंदौर आएंगे और बच्चे को गोद लेंगे। वर्तमान समय में बच्चे को एक केयर टेकर द्वारा संभाला जा रहा है। जानकारी के अनुसार, शुरुआत के छह महीने बच्चे को हेल्थ के मामले में काफी दिक्कतें सहन करनी पड़ी। हालांकि अब वह पूरी तरह से स्वस्थ है।
संस्था बच्चे का पूरा ख्याल रख रही है। संजीवनी सेवा संगम केंद्र द्वारा अब तक 2,000 बच्चों को इस तरह से गोद लिया जा चुका है। जो भी दंपति बच्चों को गोद लेने के लिए आवेदन करते हैं उनकी पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद ही बच्चे को उन्हें सौंपा जाता है। वर्तमान में 6 बच्चे हैं जो संजीवनी सेवा संगम केंद्र में मौजूद हैं। वहीं डेढ़ वर्षीय मासूम को गोद लेने के बाद अब अमेरिका में इस बच्चे का इलाज हो सकेगा और उसे माता-पिता भी मिल जाएंगे।


