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हिंदी न्यूज़ मध्य प्रदेशइसलिए पूरे परिवार के साथ खाया था जहर, भोपाल के परिवार का सुसाइड नोट पढ़ भर आएगा गला

इसलिए पूरे परिवार के साथ खाया था जहर, भोपाल के परिवार का सुसाइड नोट पढ़ भर आएगा गला

रवींद्र कैलासिया, भोपाल, लाइव हिंदुस्तानRavindra Kailasiya
Fri, 26 Nov 2021 04:19 PM
इसलिए पूरे परिवार के साथ खाया था जहर, भोपाल के परिवार का सुसाइड नोट पढ़ भर आएगा गला

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक पूरे परिवार की खुदकुशी के प्रयास की घटना में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है। यह परिवार एक विधवा, उसके परिवार और उसके दोस्तों की प्रताड़नाओं से किस कदर परेशान हो गया था, यह उनके द्वारा लिखे गए सुसाइड नोट और जहर खाने के पहले बनाए गए वीडियो में बताई गई कहानी से साफ होता है। इस परिवार ने सुसाइड के पहले कई पन्नों के नोट को अपनी दीवार पर भी चस्पा किए हैं। 

 

आनंदनगर के अशोक विहार के संजोव जोशी के परिवार की खुदकुशी की कोशिश की घटना के पीछे सुसाइड नोट में किसी बबली दुबे, उसकी बेटी रानी दुबे, पिंकी, राजू राय, लक्ष्मी राय, ओम, उर्मिला और आरती के नाम लिखे हैं। बबली को उसने अशोका गार्डन का रहने वाला बताया है। खुदकुशी की कोशिश करने वाली संजीव जोशी की पत्नी अर्चना ने इन सभी के नाम और मोबाइल नंबर सुसाइड नोट में लिखे हैं। इधर, संजीव जोशी, उसकी पत्नी अर्चना, मां नंदनी, दो बेटियों पूर्वी और गिरिश्मा के जहर खाकर जान देने के प्रयास की घटना में अब तक पूर्वी और नंदनी की मौत हो चुकी है। 

लेनदेन में मकान तक बेचने का प्रयास
अर्चना ने बबली की प्रताड़ना के बारे में विस्तार से लिखा है। उसने कहा है कि बबली ने बेहद परेशान कर रखा था जिससे वह मानसिक रूप से प्रताड़ित थी। प्रताड़ना की सारी हद पार हो चुकी थी क्योंकि परिवार ने लिखा है कि बबली ने बुधवार को उसके बैंक चलेस के बाद घर आकर मोहल्ले में शोर मचाया था। उसके साथ उर्मिला भी थी। वे लेनदेन की राशि देने के लिए अपना मकान तक बेच रहे थे लेकिन बबली को विश्वास नहीं था। उसने बुधवार को मोहल्ले में परिवार को गालियां देते हुए रकम नहीं लौटने के आरोप लगाए थे। 

पूर्वी और गिरिश्मा को उठाकर पैसे वसूलने की धमकी दी
सुसाइड नोट में लिखा गया है कि लेनदेन की राशि जुटने के लिए मकान बेचने का एग्रीमेंट हुआ था लेकिन बबली को यह विश्वास नहीं था। उसकी बेटी उर्मिला ने मां के मोहल्ले में गाली-गलौच करने के बाद फोन पर पूर्वी और गिरिश्मा को उठा लेने की धमकी भी दी थी। उन्हें उठकर पैसे वसूलने की बात भी की। अर्चना ने कहा कि इस तरह की मानसिक प्रताड़ना के कारण आत्महत्या करने की बात भी लिखी गई है। 

3.72 लाख देने को तैयार होने पर भी अपमानित किया
सुसाइड के लिए जहर खाने के पहले लिखे नोट में यह भी कहा गया है कि तीन लाख 72 हजार रुपए देने के लिए वे तैयार थे फिर उन्हें अपमानित किया गया। इतना अपमानित होने के बाद हमारे पास कोई और रास्ता नहीं बचा कि वह अपनी बेटियों व  परिवार को जहर दे दे। परिवार ने आरोप लगाया कि उन्हें प्लानिंग के साथ फंसाया गया। बबली, उसकी बेटी उर्मिला ने जीना दुश्वार कर दिया था। हमने उन्हें पैसे देने के लिए रिश्तेदारों से ब्याज पर रुपए लिए और कई बार उन्हें रूपए दिए। हेमंत नाम के एक व्यक्ति का नाम भी इन लोगों ने लिखा है जिसके पास घर का सामान गिरवी रखा। तीस हजार रुपए उसने गिरवी सामान के बदले दिए जिसमें से तीन हजार रुपए काट लिए। परिवार ने बबली और उसके परिवार, मित्रों के पास उनके कई चैक होने की बात भी लिखी है। इसके बाद भी अपमानित होने से उन्होंने अपना जीवन समाप्त करने का सोचा। 


राजू राय ने एक दिन का 500 रुपए लिए 
सुसाइड करने वाले परिवार ने राजू राय और लक्ष्मी राय का नाम लिखा है जिससे तीस हजार रुपए की उधारी लेने और उसके द्वारा ब्याज से ही दो लाख वसूलने की बात भी लिखी है। परिवार का दावा है कि इन लोगों को वे 23 नवंबर तक का ब्याज दे चुके हैं। एक दिन का उनसे पांच रुपए ब्याज लिया गया। 

गैस सिलेंडर से उड़ाने की धमकी
पीड़ित परिवार ने सुसाइड नोट में ममता शर्मा का भी नाम लिखा है जिसके बारे में कहा है कि उसने गैस सिलेन्डर से उडाने की धमकी दी थी। इस कारण उन्होनें ने विदिशा होटल मे छिपकर जान बचाने की बात भी लिखी है। उन्होंने यह स्वीकार किया है कि ममता शर्मा से भी बबली ने ही पैसे दिलाए थे। लेनदेन में एक पिंकी शर्मा नाम की महिला का भी जिक्र किया गया  है जो बबली की ही साथी बताई गई। हैलो शॉपी में इससे लेनदेन का रिकॉर्ड मिलान कर लिए जाने पुष्टि का उल्लेख किया गया है। 

बच्चों की फीस-ईएमआई नहीं दे पाए
जोशी परिवार ने अपनी बातों की पुष्टि में बच्चों की फीस नहीं दे पाने और ईएमआई नहीं चुकाने के प्रमाण बताए हैं। उन्होंने कहा कि बैंक स्टेटमेंट से यह पता किया जा सकता है। बाग मुगालिया के पास रहने वाले संतोष चौकसे को एक प्लाट एक लाख रुपए रखे होने का जिक्र भी परिवार ने सुसाइड नोट में लिखा है। जिन कुछ रिश्तेदारों से उधार लिए जाने का हवाला है, उनमें ननद मनीषा घोड़गांवकर, जेठ राजू जोशी व मौसी सास, रोहित गोशाले के नाम हैं। 

रिश्तेदारों को घडि़याली आंसू नहीं बनाने के लिए लिखा
जोशी परिवार ने मौत के बाद किसी रिश्तेदार के नहीं आने के लिए भी लिखा है। कुछ इस तरह उन्होंने रिश्तेदारों व मित्रों के लिखा है:
हमारी मौत पे कोई न आना आसुं बहाने
अफसोस जताने  वक्त पर आऐ होते तो
ये नही होता न मै न मेरा परिवार यहां शान से 
सोता अब आऐ हो क्यो मगरमच्छ के आंसु बहाने
मरे हुऐ को अपना बनाने ,बहुत गरूर है तुम्हे तुम्हारी
दौलत पे पर कमाई ये हम से ही नोच कर है
खुद के लालच मे हमे उलझा दीया मरते पकृति की
मौत तो बेहतर था ,तुमने मरने पे मजबूर किया
मरकर भी सुकु नही पाऐगे ये संसार तुम चाहे पैसो
से जीत लेना बुला लेना किसी को भी  तुमने हमे
जीते जी मारा है हम तुम्हे मरकर मारेगे हम रुह सही
तुम्हे बरबाद कर ही छोडेगे 

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