फोटो गैलरी

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News मध्य प्रदेशएक मजबूर पिता! अस्पताल का शव वाहन देने से इनकार, टोकनी में चार साल के बेटे को गांव लेकर पहुंचा किसान

एक मजबूर पिता! अस्पताल का शव वाहन देने से इनकार, टोकनी में चार साल के बेटे को गांव लेकर पहुंचा किसान

मध्य प्रदेश के डिंडोरी में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटी है। जिले में एक पिता अपने चार साल के मासूम बच्चे के शव को टोकनी में रखकर ले जाने को मजबूर हो गया। इसका वीडियो वायरल हो रहा है।

एक मजबूर पिता! अस्पताल का शव वाहन देने से इनकार, टोकनी में चार साल के बेटे को गांव लेकर पहुंचा किसान
Sneha Baluniहिन्दुस्तान,डिंडोरीWed, 08 May 2024 01:22 PM
ऐप पर पढ़ें

मध्य प्रदेश के डिंडोरी में मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां एक पिता अपने चार साल के मासूम बच्चे के शव को टोकनी में रख मोटरसाइकिल पर ले जाने को मजबूर हो गया जिसका वीडियो तेजी से सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। अब वह मजबूर पिता किस परिस्थिति में अपने कलेजे के टुकड़े का शव टोकनी में रखकर ले जा रहा है यह जांच का विषय बन गया है। बता दें कि 4 साल के बच्चे की सोमवार को जिंदा जलने से मौत हो गई थी। मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद अस्पताल स्टाफ ने शव परिजनों को सौंप दिया। शव वाहन मांगा तो कहा गया कि ये जिम्मेदारी पुलिस की है।

हीरा उईके ने बताया कि वह साल 2021 से भुरका गांव में पैतृक जमीन पर खेती करते हैं। मेरे साथ पत्नी कमला बाई, बड़ा बेटा चंदन राज (4), डेढ़ साल का बेटा कंचन राज, एक साल की बेटी गयामति और पिता टीकाराम रहते हैं। बेटा चंदन जन्म के दो साल बाद पैर से दिव्यांग हो गया था। उसे झटके भी आते थे। कई जगह इलाज करवाया लेकिन राहत नहीं मिली। सोमवार शाम को वह दूसरे गांव कठौतिया गया था। पत्नी किसी काम से बाहर थी। पिता पानी भरने घर से निकले थे। झोपड़ी के अंदर तीनों बच्चे ही मौजूद थे। आग लगने पर कंचन और गयामति बाहर निकल आए। चंदन चल-फिर नहीं सकता था इसलिए अंदर ही फंस गया।

दरअसल पूरा मामला डिंडोरी जिले के मेंहदवानी थाना क्षेत्र के भुरका गांव का है। जहां सोमवार शाम को भुरका गांव के किसान हीरा उईके के खेत में बनी झोपड़ी में आग लग गई थी। आग लगने से चार साल का दिव्यांग मासूम चंदन राज जिंदा जल गया और उसकी मौत हो गई। उसके साथ दो जानवरों की भी मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद इलाके में मातम छा गया। मेंहदवानी पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गई। वहीं बच्चे का पोस्टमार्टम कराने के लिए मेंहदवानी अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है की पोस्टमार्टम के बाद शव वाहन नसीब न होने के कारण पिता अपने बच्चे को टोकनी में रखकर बाइक से 14 किमी अपने गांव भुरका पहुंचा, जिसका वीडियो वायरल हो रहा है।

सीएमएचओ डॉ. रमेश मरावी ने बताया कि मेंहदवानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ डॉ.चंद्रशेखर धुर्वे ने बताया कि रात करीब 8 बजे मृतक के शव को लेकर पुलिस और परिजन आए थे। मंगलवार सुबह 10 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस को सौंप दिया गया। इसके बाद बीएमओ शव वाहन की व्यवस्था में लग गए। जब लौटकर मोर्चरी पहुंचे तो पुलिसवालों से पूछा। उन्होंने बताया कि परिजन शव लेकर चले गए हैं।

वहीं पिता ने जब पुलिस से पूछा कि शव कैसे लेकर जाएं? इस पर पुलिसकर्मी बोले- बन जाए तो बाइक से ले जाओ। मजबूर पिता बाइक से ही बेटे का शव लेकर चल पड़ा। इसका वीडियो भी सामने आया है। इस मामले में मेंहदवानी थाना प्रभारी प्रभुदास मोंगरे का कहना है कि किसान हीरा सिंह उईके का भाई ग्राम सचिव है। उसके रिश्तेदारों के पास कार भी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शव वाहन नहीं है। कोई व्यवस्था बनाते, इससे पहले ही मृतक के परिजन शव लेकर जा चुके थे।

रिपोर्ट- विजेन्द्र यादव