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बारूद के ढ़ेर पर मध्य प्रदेश; ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे ज्यादा पटाखा फैक्ट्री, हर साल हादसा

ग्वालियर चंबल अंचल में सबसे ज्यादा अवैध पटाखों का निर्माण ग्वालियर, मुरैना भिंड, शिवपुरी सहित आसपास के इलाके में होता है। यहां पर सैकड़ो की संख्या में लोग घरों में ही अवैध पटाखों का निर्माण करते हैं।

बारूद के ढ़ेर पर मध्य प्रदेश; ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में सबसे ज्यादा पटाखा फैक्ट्री, हर साल हादसा
Abhishek Mishraलाइव हिन्दुस्तान,ग्वालियरThu, 08 Feb 2024 11:18 AM
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मध्य प्रदेश के हरदा जिले में पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट ने सबको दहला दिया है। इस घटना में अभी तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से अधिक लोग घायल है। लेकिन यह सूबे में पहली घटना नहीं है। हर साल ऐसी ही अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में कई लोगों की जान जाती रही है। इसमें ग्वालियर चंबल चंचल सबसे आगे है। ग्वालियर चंबल अंचल में हर साल अवैध फटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होता है जिसमें चार सालो से एक दर्जन से ज्यादा लोग जान गवां चुके है लेकिन इसके बावजूद प्रशासन सिर्फ उसी समय कार्रवाइयों का आश्वासन देकर फिर किसी नई घटना का इंतजार करता है। आईए जानते हैं कि ग्वालियर चंबल अंचल आज भी क्यों बारूद के ढेर पर है और यहां अलग-अलग जिलों में बारूद के विस्फोट से कितने लोगों की मौत हो चुकी है। 

ग्वालियर चंबल अंचल में हर साल किसी न किसी जिले में अवैध फटाका फैक्ट्री में विस्फोट होता है जिसमें कई लोगों की जान जाती है और कई लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि यहां सबसे अधिक अवैध फटाका फैक्ट्री संचालित है इसके जरिए लोग शादी समारोह यह दीपावली के त्योहार पर फटाका तैयार कर बड़ी मात्रा में सप्लाई करते हैं। यहां पर अधिकतर घरों में ही बारूद से अवैध पटाखे तेयार किए जाते है इनके पास पटाखा निर्माण का कोई लाइसेंस नहीं होता है यह अवैध रूप से और सांठ गांठ के जरिए अवैध रूप से पटाखा तैयार करते हैं। सबसे खास बात यह है कि अंचल में संचालित हो रही इन अवैध पटाखा फेंट्रियो की जांच के नाम पर खाना पूर्ति होती है और प्रशासन भी तब जगता है जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है उसके बाद वह फिर गहरी नींद में सो जाते हैं।

ग्वालियर चंबल अंचल में सबसे ज्यादा अवैध पटाखों का निर्माण ग्वालियर, मुरैना भिंड, शिवपुरी सहित आसपास के इलाके में होता है। यहां पर सैकड़ो की संख्या में लोग घरों में ही अवैध पटाखों का निर्माण करते हैं और उसके बाद यह अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते हैं। यही कारण है कि यहां पर हर साल अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट होता है जिसमें कई लोगों की जान जाती है और दर्जनों की संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं।

ग्वालियर में 20 जनवरी 2023 को डबरा तहसील में स्थित छीमक गांव में घर में अवैध रूप से संचालित हो रही पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। जिसमें पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हुए। इलाज के दौरान पत्नी की मौत हो गई। वहीं मुरैना जिले में साल 2022 में बामोर के जैतपुर रोड पर घर में अवैध रूप से संचालित हो रही फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ। इसमें मौके पर चार लोगों की मौत हुई और 10 लोग बुरी तरह जख्मी हुए।इस घटना में पूरी इमारत ध्वस्त हो गई थी। इसके अलावा 2018 के क्षेत्र गांव में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ जिसमें पांच लोग बुरी तरह झुलसी थे और 2016-17 में जिले के जोरा थाना इलाके में जप्त हुई विस्फोटक सामग्री में जोरदार धमाका हुआ जिसमें एक आरक्षक की मौत हो गई और एक आरक्षक गंभीर रूप से घायल हो गया था। और साल 2014-15 में सिंगल बस्ती में जोरदार धमाका हुआ जिसमें कई लोगों की जान गई थी।
 

 

संभाग के शिवपुरी जिले में अप्रैल 2022 को बदरवास इलाके में पटाखे की दुकान में विस्फोट हुआ। जिसमें 25 लोग बुरी तरह झुलसे थे और दो लोगों की मौके पर ही मौत हुई थी। वहीं, गुना जिले में घर में पटाखे बनाते समय विस्फोट होने के कारण दो लोगों की मौत हुई थी और एक दर्जन से लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इसके अलावा साल 2019 में एक अवैध फटखा फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ जिसमें दो दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

इसके अलावा ग्वालियर चंबल अंचल में कई और भी घटनाये शामिल है जहां पर घरों में अवैध रूप से संचालित हुई और फटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ। कई लोगों की जान गई कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। 

सबसे खास बात यह है कि मुरैना और ग्वालियर में आतिशबाजी भंडारण के लिए एनओसी तो ले ली है लेकिन दोबारा स्वीकृत लेने की अंतिम तारीख निकलने के बाद भी यह फैक्ट्रियां संचालित हो रही है। इनका डेटा प्रशासन के पास भी अपडेट नहीं है। मुरैना अपर कलेक्टर सी वी प्रसाद से  बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि जिन्हें लोगों ने आतिशबाजी भंडारण का लाइसेंस लिया था उनका यह लाइसेंस साल 2021-22 में एक्सपायर हो गए है उसके बाद यह जानकारी अपडेट नहीं है। संभावना है कि उन्होंने रिनुअल उत्तर प्रदेश के आगरा से कर लिया है हम आज इसको अपडेट कर लेंगे। अगर अवैध चल रहा होगा तो हम उन पर कार्रवाई करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि इसी को लेकर आज कलेक्टर महोदय बैठक है। वहीं, ग्वालियर कलेक्टर अक्षय सिंह से बात हुई तो उनका कहना है कि जिले में पटाखा फैक्ट्री को लेकर टीम गठित करती है जहां अवैध संचालित हो रही है उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

(रिपोर्ट: अमित गौर)

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