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Hindi News मध्य प्रदेशकचरे के ढेर में 7 दिन से लगी है आग, 5000 से ज्यादा लोग प्रभावित; सांस लेना भी दूभर, CM से गुहार

कचरे के ढेर में 7 दिन से लगी है आग, 5000 से ज्यादा लोग प्रभावित; सांस लेना भी दूभर, CM से गुहार

बता दें कि उज्जैन के मक्सी रिंग रोड एमआर 5 पर ट्रेंचिंग ग्राउंड मौजूद है। इस ट्रेचिंग ग्राउंड पर अक्सर आग लगती है और इससे निकलने वाले धुएं से दर्जनभर से अधिक कॉलोनी के रहवासी परेशान होते रहे हैं।

कचरे के ढेर में 7 दिन से लगी है आग, 5000 से ज्यादा लोग प्रभावित; सांस लेना भी दूभर, CM से गुहार
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,उज्जैनThu, 11 Apr 2024 07:18 PM
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मध्य प्रदेश के उज्जैन में ट्रेचिंग ग्राउंड में 25 हज़ार टन कचरे में पिछले 7 दिनों आग से सुलग रही है। नगर निगम की दमकल की टीम आग बुझाने में लगी हुई है। आग तो बुझ गई है,लेकिन आग के बाद उठ रहे धुएं से आसपास के करीब एक दर्जन कॉलोनियों में रहने वाले 5 हज़ार से अधिक लोगों की समस्या बढ़ गई है। इस क्षेत्र से उठने वाला धुंवा बुजुर्ग, बच्चों और महिलाओं पर असर कर रहा है। खास तौर से उन पर जो दमे या सांस की बीमारी से पहले से ही ग्रसित हैं। आग लगने का कारण खेतों में पराली जलाई जाना बताया जा रहा है।

रहवासियों का आरोप है की बारिश में गंदगी फैलती है तो गर्मी में कचरे में आग लगने की घटनाएं होती है। इसकी गंदगी व बदबू से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। ट्रेंचिंग ग्राउंड को रहवासी क्षेत्र से दूर शिफ्ट किए जाने की मांग रहवासी उठाते आए हैं। इस बार महिलाओं ने हाथ जोड़कर और पत्र लिखा कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से ट्रेंचिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने की गुहार लगाई है।

उज्जैन के मक्सी रिंग रोड एमआर 5 पर ट्रेंचिंग ग्राउंड मौजूद है। इस ट्रेचिंग ग्राउंड पर अक्सर आग लगती है और इससे निकलने वाले धुएं से दर्जनभर से अधिक कॉलोनी के रहवासी परेशान होते रहे हैं। कई बार तो इसमें मृत जानवरों को भी फेंक दिया जाता है। इस मामले में रहवासियों ने कई बार नगर निगम आयुक्त व महापौर को शिकायती आवेदन दिया। लेकिन इसके बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इस बार लगी आग के धुएं से परेशान रहवासियों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है।

आग लगने की सूचना पर पहुंचे थे अधिकारी 

उज्जैन के एमआर-5 ट्रांसफर स्टेशन पर कचरे के ढेर में आग लगने की सूचना मिलने पर निगम आयुक्त आशीष पाठक, संबंधित अधिकारियों एवं स्टेशन के प्रभारी वहां निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने निर्देश दिए कि आग पर काबू पाया जाए। इसके लिए दमकल विभाग की गाड़ी द्वारा आग बुझाने का कार्य भी शुरू कर दिया गया। जेसीबी और पोकलेन से कचरे के ढेर को फैलाए जाने का कार्य शुरू किया गया है ताकि आग और न फैल पाए। इस दौरान उन्होंने कहा की ट्रांसफर स्टेशन पर सुरक्षा गार्ड द्वारा सूचना प्राप्त हुई है कि अज्ञात लोगों ने आग लगाई है। इसमें वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए आयुक्त ने आदेश जारी किए हैं। 

नगरीय आवास मंत्री ने जगह बदलने के लिए लिखा पत्र 

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री की ओर से भी 11 फरवरी-2023 को नगर निगम आयुक्त को पत्र भेजकर ट्रेंचिंग ग्राउंड को शिफ्ट करने का आदेश दिया चुका है। बावजूद इसके नगर निगम के अफसर जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर न तो कचरे को मौके से उठवा रहे हैं और ना ही ट्रेंचिंग ग्राउंड को रहवासी क्षेत्र से दूर शिफ्ट कर रहे हैं। ट्रेंचिंग ग्राउंड में करीब 20 से 25 हजार मीट्रिक टन कचरा जमा है। निगम के अफसरों का कहना है कि सात दिन से कचरे में आग लगी है। चार से पांच दमकलें हर रोज आग बुझाने में लग रही हैं। आग बुझाने के बाद फिर से कचरा आग पकड़ रहा है। अंदर ही अंदर आग फैलती जा रही है, जिससे रहवासियों पर खतरा बना हुआ है।

निगम आयुक्त आशीष पाठक ने बताया कि कचरे से निपटने के लिए निगम की ओर से करीब दो करोड़ का टेंडर जारी किया जा चुका है। आचार संहिता के चलते टेंडर को खोला नहीं जा सका। ऐसे में कचरे का निपटारा नहीं हो पा रहा है। यहां 20 से 25 हजार मीट्रिक टन कचरा लोगों के लिए मुसीबत बना हुआ है। हालांकि, निगम अमला लगा हुआ है साथ ही जेसीबी एवं पोकलेन द्वारा कचरे के ढेर को फैलाए जाने का कार्य किया जा रहा है,ताकि आग और न फैल पाएं। शीघ्र ही आग पर काबू पा लिया जाएगा।

चिकित्सक बोले- यह घातक है

उज्जैन के सिविल सर्जन और आंख कान नाक के स्पेस्लिस्ट पीएन वर्मा बताते है कि इस प्रकार के धुएं से बच्चों और बुजुर्गों में खासी, सर्दी और सांस की तकलीफ बढ़ जाती है। यह नुकसानदायक है। यह सांस और दमे के मरीजों के लिए यह खतरनाक है। इससे बीमार बच्चों और बुजुर्गों को बचना चाहिए। यह उनके ऊपर अधिक असर करता है। यह तकलीफ कभी-कभी लम्बी हो जाती है। जितने भी प्रदूषित शहर है वंहा इस प्रकार के मरीज़ों की संख्या ज्यादा है। यह धुंआ सांस नाली से होता हुआ फेफड़े तक बाद जाता है।