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Hindi News मध्य प्रदेश'लोन लेकर नहीं दे रहे थे किस्त, खुद कर्ज लेकर जमा करने लगी पैसे'; बैंक कर्मचारी के सुसाइड पर क्या बोले परिजन

'लोन लेकर नहीं दे रहे थे किस्त, खुद कर्ज लेकर जमा करने लगी पैसे'; बैंक कर्मचारी के सुसाइड पर क्या बोले परिजन

इधर मृतिका आरती की मां ने यह आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को नौकरी छूटने का डर भी सता रहा था। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

'लोन लेकर नहीं दे रहे थे किस्त, खुद कर्ज लेकर जमा करने लगी पैसे'; बैंक कर्मचारी के सुसाइड पर क्या बोले परिजन
Nishant Nandanलाइव हिन्दुस्तान,देवासMon, 29 Apr 2024 07:33 PM
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मध्य प्रदेश के देवास जिले में निजी बैंक HDFC में काम करने वाली 24 वर्षीय युवती ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली है। सुसाइड के पहले युवती ने अपनी हाथ पर पेन से लिखा, 'मै अपनी मर्जी से ये कदम उठा रही हूं...मेरे पापा-मम्मी की कोई गलती नहीं।' हालांकि, मृतक की मां का कहना है कि कुछ लोगों ने एचडीएफसी बैंक से लोन ले लिया था लेकिन वो किस्त नहीं भर रहे थे और उनकी बेटी किसी तरह यह किस्त जमा कर रही थी। जहरीला पदार्थ खाने के बाद युवती की तबीयत बिगड़ गई थी। 

इसके बाद परिजन उसे तत्काल खातेगांव के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर गए। जहां उसकी गम्भीर हालत को देखते हुए उसे हरदा जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतिका की मां ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को नौकरी छूटने का डर सता रहा था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

देवास जिले के खातेगांव में HDFC बैंक में काम करने वाली 24 वर्षीय आरती पिता दिनेश साहू ने रविवार रात करीब 12 बजे अपने घर पर जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया था। युवती और उसका परिवार खातेगांव की चौहान कॉलोनी में रहती थी। उसके अलावा उसके परिवार में दो भाई और 2 बहनें भी हैं। आरती ने पहले रुपयों के लेनदेन से परेशान होने की बात परिवारजनों को बताई थी।

आरती की मां गायत्री बाई ने बताया, 'हमारे घर की स्थिति ठीक नहीं है। सोचा था कि बेटी की नौकरी लग गई है अब सब ठीक हो जाएगा। बेटी आरती बैंक मे लोन देने और लोन की किस्त जमा करने का काम करती थी। लेकिन कुछ लोग किस्त जमा नहीं कर रहे थे तो आरती अपनी नौकरी बचाने के लिए कर्ज लेकर लोन की किस्त जमा कर रही थी। इसके अलावा उसने अपना मकान भी गिरवी रख दिया था। आरती ने सोचा था कि लोग जब किस्त जमा कर देंगे तब सब ठीक हो जाएगा लेकिन कर्ज अधिक होने के कारण रविवार रात को उसने जहर खा लिया। 

पुलिस ने बताया कि युवती ने अपने बाएं हाथ पर पेन से लिखा, 'यह कदम मैं अपनी मर्जी से उठा रही हूं। इसमें मेरे माता पिता की कोई गलती नहीं है।' पुलिस ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। प्रथम दृष्टया युवती के जहरीली दवाई के सेवन से मौत होने की बात सामने आई है। परिजनों के बयान के बाद शव का पोस्टमार्टम कर मामला जांच में लिया गया है।

रिपोर्ट : विजेन्द्र यादव